पंजाब से आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद मलविंदर सिंह कंग ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर साजिश रचने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के जरिए पंजाब में वास्तविक मतदाताओं के नाम हटवाने की कोशिश करेगी.
आनंदपुर साहिब के सांसद ने भारत निर्वाचन आयोग से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि मतदाता सूची की एसआईआर प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से हो. एक वीडियो में कंग ने आरोप लगाया कि भाजपा एसआईआर के नाम पर साजिश रच रही है और ये लोकतंत्र के लिए खतरनाक है.
My dearest Punjabis, wake up
Why is this Special Intensive Revision (SIR) being rammed through right before our 2027 polls? In Bihar, they deleted over 65 lakh genuine names. In Bengal, it was a shocking 91 lakh voters wiped off,that’s nearly 12% of the rolls! And BJP walked… pic.twitter.com/p9Y44RuK0X
— Malvinder Singh Kang (@kang_malvinder) May 17, 2026
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा मतदाताओं के सत्यापन के नाम पर पंजाब के वास्तविक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की कोशिश करेगी. कंग ने कहा, ‘‘लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे.’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमें सतर्क रहना होगा और अपने लोकतांत्रिक अधिकार की रक्षा करनी होगी. लोकतंत्र को तभी बचाया जा सकता है, जब हमारे पास मतदान का अधिकार हो.’’
यह भी पढ़ें: केरल के नए मुख्यमंत्री वीडी सतीशन लेंगे शपथ, राहुल गांधी भी कार्यक्रम में होंगे शामिल
कंग ने आरोप लगाया कि जहां भाजपा को जनता का समर्थन नहीं मिलता, वहां वह अलग-अलग ‘‘हथकंडे’’ अपनाती है. पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों का हवाला देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग के दुरुपयोग से चुनावों में धांधली हुई.
इसी बीच, कंग ने निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर एसआईआर से पंजाब के वास्तविक मतदाताओं, विशेष रूप से एनआरआई पंजाबी समुदाय पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव के बारे में आशंका व्यक्त की.
कंग ने कहा कि जिस तरीके से एसआईआर की कवायद की जा रही है, उससे पारदर्शिता और उनके मकसदों के बारे में गंभीर सवाल उठते हैं. उन्होंने कहा, ‘‘पहले पंजाब और किसानों को जानबूझकर बदनाम किया गया. अब मतदाता सत्यापन की आड़ में वास्तविक पंजाबी मतदाताओं के नामों को मतदाता सूची से हटाने के प्रयास किए जा रहे हैं.’’
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को कहा था कि उनकी पार्टी एसआईआर प्रक्रिया के तहत राज्य में एक भी वैध मतदाता का नाम कटने नहीं देगी.


