पंजाब में अगले साल विधानसभा के चुनाव होने हैं. इस बीच इलेक्शन से करीब 8 महीने पहले एक बार फिर कांग्रेस में अंदरूनी कलह उभरकर सामने आ रही है. पार्टी के अंदर नेतृत्व को लेकर असंतोष नजर आ रहा है. प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने मोरिंडा स्थित घर पर एक तरह से शक्ति प्रदर्शन किया. इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता जुटे और अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को प्रदेश प्रमुख बनाए रखने पर नाराजगी जाहिर की.
चन्नी गुट के नेताओं की तरफ से यह साफ कर दिया गया है कि अमरिंदर सिंह राजा वडिंग उन्हें पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में स्वीकार नहीं हैं. इस गुट के नेताओं ने यह भी मांग की है कि चन्नी को मुख्यमंत्री पद का प्रत्याशी घोषित किया जाए और पंजाब कांग्रेस की कमान उनके हाथ में दी जाए.
पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल पहुंच रहे चंडीगढ़
कांग्रेस में जारी घमासान के बीच पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल कल चंडीगढ़ पहुंच रहे हैं. उनका दो दिन का पंजाब दौरा है. हालांकि राज्य कांग्रेस में जारी घमासान को सुलझाने के लिए बघेल क्या कदम उठाएंगे इस पर अभी पार्टी नेतृत्व चुप है. विधानसभा चुनावों के लिए केंद्रीय नेतृत्व ने अलग अलग कमेटियों का गठन किया है जिसमें चुनाव प्रचार कमेटी का चेयरमैन चन्नी को बनाया गया है.
हालांकि केंद्रीय नेतृत्व ने राज्य कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा को उनके पदों पर बरकरार रखा है. चन्नी गुट के नेता पिछले कुछ महीनों से राज्य कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की कोशिशों में लगे थे और अब केंद्रीय नेतृत्व के निर्णय से वे खुश नहीं हैं.
कांग्रेस आलाकमान के सामने मुद्दों को उठाएंगे चन्नी
चरणजीत सिंह चन्नी द्वारा शुक्रवार (03 जुलाई) को बुलाई गई बैठक में निर्णय लिया गया कि जिन भी निर्णयों पर चन्नी गुट के नेताओं को आपत्ति हैं उन्हें चन्नी आला कमान के पास उठाएंगे. बैठक के बाद पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने कहा कि बैठक में चन्नी को इसके लिए ऑथराइज किया गया है कि वे आला कमान के सामने उनके मुद्दे उठाएं.
राजा वडिंग बतौर अध्यक्ष स्वीकार नहीं- दर्शन सिंह बराड़
पूर्व मंत्री सुखबिंदर सिंह सुख सरकारिया ने कहा, ”केंद्रीय नेतृत्व के कुछ निर्णयों पर यहां इकट्ठा हुए नेताओं को ऐतराज है और चन्नी इन्हें नेतृत्व के सामने उठाएंगे. पूर्व विधायक दर्शन सिंह बराड़ ने साफ कहा कि उन्हें राजा वडिंग बतौर अध्यक्ष स्वीकार नहीं हैं और अगर पार्टी को चुनाव जीतना है तो चन्नी को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करना चाहिए. चन्नी गुट की तरफ से दावा किया गया कि आज की बैठक में कम से कम 75 वो नेता थे, जिन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव कांग्रेस की टिकट पर लड़े थे.
चन्नी गुट के नेताओं को सुनेगा आलाकमान!
हालांकि पार्टी केंद्रीय नेतृत्व ने पंजाब के नेताओं के साथ कई दिन चली बैठकों के बाद के बाद चुनावों से संबंधित कमेटियों और अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और प्रताप सिंह बाजवा को उनके पदों पर बरकरार रखने का फैसला लिया है. ऐसे में चन्नी गुट के नेताओं की बात दोबारा केंद्रीय नेतृत्व कितना मानेगा यह देखना दिलचस्प होगा.
चरणजीत सिंह चन्नी की बैठक में कौन-कौन नेता पहुंचे?
कांग्रेस नेता और पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी की बैठक में पूर्व उपमुख्यमंत्री ओपी सोनी, पूर्व मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, सुखबिंदर सिंह सुख सरकारिया, गुरप्रीत सिंह कांगड़, भारत भूषण आशु, राणा गुरजीत और गुरकीरत कोटली शामिल रहे. पूर्व सांसद मोहम्मद सादिक भी मौजूद रहे.
बैठक में मौजूद पूर्व विधायकों में दर्शन सिंह बराड़, लखवीर सिंह लखा, मदनलाल जलालपुर, अंगद सिंह सैनी, हरमिंदर सिंह गिल, कुशलदीप सिंह किक्की ढिल्लों,तरसेम सिंह, देवेंद्र घुबाया, जोगिन्द्र पॉल, इंदरबीर सिंह बोलारिया शामिल हैं. पूर्व पंजाब यूथ कांग्रेस अध्यक्ष बरिन्दर सिंह ढिल्लों भी मौजूद थे.
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