Sunday, May 17, 2026
Homeअंतर्राष्ट्रीय समाचारटाइम मैगजीन के शीर्ष 100 परोपकारियों में भारतीय और भारतवंशी:गरीब बच्चों का...

टाइम मैगजीन के शीर्ष 100 परोपकारियों में भारतीय और भारतवंशी:गरीब बच्चों का भविष्य संवार रहे नाडर; बच्चों को कुपोषण से निकाल लाए मेहता बंधु, शाह




टाइम मैगजीन ने 2026 की टाइम 100 फिलैन्थ्रॉपी लिस्ट जारी की है। इसके मुताबिक दानवीर अब पारंपरिक समाज सेवा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे अपनी अकूत दौलत से समाज और व्यवस्था की सूरत बदल रहे हैं। इसमें भारतीय व भारतवंशी भी हैं। मेहता बंधु स्वास्थ्य सेवाओं के साथ झीलों-प्रकृति का संरक्षण कर रहे हैं, तो नाडर जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाकर अमेरिका तक भेज रहे हैं। भारतवंशी राजीव शाह बच्चों को शुद्ध खाना दिलवाने का प्रण ले चुके हैं, तो वहीं दीपक भार्गव बुनियादी अधिकारों की राह मजबूत कर रहे हैं। जानिए इन्हें… शिव नाडर- किसानों व मजदूरों के बच्चों को चुनकर मुफ्त में पढ़ा रहे एचसीएल टेक्नोलॉजीज के 80 वर्षीय फाउंडर का विजन ‘क्रिएटिव फिलैन्थ्रॉपी’ पर टिका है, जहां पारदर्शिता सबसे अहम है। शिक्षा को बदलाव की चाबी मानने वाले नाडर ‘विद्याज्ञान’ बोर्डिंग स्कूलों के जरिए यूपी के ग्रामीण इलाकों से गरीब किसानों-मजदूरों के होनहार बच्चों को चुनकर मुफ्त पढ़ाते हैं। इस साल दो बच्चों को अमेरिका भेजा। पिछले 5 वर्षों में 4 बार देश के ‘शीर्ष दानदाता’ रहे। 2025 में अकेले 2660 करोड़ रु. दिए। यूनिवर्सिटी, म्यूजियम व अस्पतालों को अब तक ₹14,000 करोड़ दे चुके हैं। सुधीर-समीर मेहता – पौने दो लाख बच्चों का हेल्थ चेकअप करवा चुके 1.17 लाख करोड़ से बड़े साम्राज्य वाले ‘टोरेंट ग्रुप’ के मालिक मेहता बंधुओं ने 2024 में पिता उत्तमभाई नत्थूलाल मेहता की जन्मशती पर 5 हजार करोड़ रु. दान करने का महा-संकल्प लिया था। इसी मुहिम के तहत अहमदाबाद में 30 हजार वर्गफुट का न्यूरो-रिहैबिलिटेशन केंद्र शुरू किया गया है। इनके ‘यूएनएम फाउंडेशन’ ने 10 साल में पौने दो लाख बच्चों की सेहत की जांच की, 70 हजार नौनिहालों को कुपोषण से मुक्ति दिलाई है। बच्चों के लिए अस्पताल भी खोला है। राजीव शाह – 30 करोड़ अफ्रीकियों को बिजली से जोड़ने का मिशन चला रहे राजीव जे. शाह भारतीय मूल के अमेरिकी नेता हैं, जो 2017 से 5.5 लाख करोड़ वाले रॉकफेलर फाउंडेशन के प्रेसिडेंट हैं। यूट्यूबर मि.बीस्ट के साथ मिलकर केन्या में स्कूल किचन खोला। 1 लाख भोजन थाली का लक्ष्य है। फाउंडेशन ने मिशन 300 शुरू किया है, इसमें 2030 तक 30 करोड़ अफ्रीकियों को बिजली से जोड़ना और बच्चों के लिए 8 हजार करोड़ की राशि से पौष्टिक और शुद्ध भोजन उपलब्ध कराना है। बराक ओबामा प्रशासन में यूएसएड के प्रमुख रहे शाह कहते हैं,‘हर जिंदगी कीमती है। दीपक भार्गव- दुनियाभर में परोपकार से लोकतंत्र को मजबूत बनाने में जुटे लंबे समय तक एक्टिविस्ट रहे। 2024 में ‘फ्रीडम टुगेदर फाउंडेशन’ की कमान संभाली। भारतीय मूल के भार्गव मानते हैं कि बुनियादी अधिकारों व लोकतंत्र पर मंडराते खतरों के इस दौर में परोपकार का तरीका भी असाधारण होना चाहिए। आमतौर पर ट्रस्ट संपत्ति का 5% ही दान करते हैं, पर भार्गव ने इसे 10% तक पहुंचाया। 2025 में संस्था ने ₹3,300 करोड़ रु. दिए, जिसमें 70% लोकतंत्र की मजबूती में लगा। मैकआर्थर फाउंडेशन के साथ मिलकर दुनियाभर में ‘दान की स्वतंत्रता’ की पैरवी कर रहे हैं।



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments