Jio ने ग्लोबल पेटेंट रैंकिंग में भी अपना दबदबा कायम किया है। देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गेनाइजेशन यानी WIPO का लेटेस्ट पेटेंट रैंकिंग के टॉप-20 में अपनी जगह बना ली है। ऐसा करने वाली यह देश की पहली कंपनी बन गई है। जियो ने 320 पायदान की लंबी छलांग लगाई है। यह भारत की इकलौती टेक इनोवेटर है, जिसने ग्लोबल पेटेंट रैंकिंग में अपनी जगह बनाई है। इसके साथ ही जियो, सैमसंग, क्वालकॉम, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी दिग्गज कंपनियों की लिस्ट में शामिल हो गया है।
कई इनोवेशन पर हो रहा काम
जियो सिर्फ एक टेलीकॉम कंपनी नहीं रही है। पिछले कुछ सालों में यह टेक्नोलॉजी बनाने वाली देश की बड़ी टेक कंपनी बन गई है। जियो फ्यूचर के हिसाब से खुद को बदल रहा है और ऐसे एडवांस तकनीकों पर काम कर रहा है, जो आगे चलकर मील का पत्थर साबित हो सकता है। कंपनी 5G, 6G, AI, IoT डिवाइसेज और क्लाउड प्लेटफॉर्म्स से लेकर कंप्यूटर से चलने वाले ऑटोमेशन आदि पर काम कर रही है।
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर ने जियो की इस उपलब्धि पर कहा कि दुनिया की टॉप-20 पेटेंट रैंकिंग में जियो का आना हमारे लिए गर्व की बात है। यह हमारे पिछले कुछ साल की मेहनत का नतीजा है। जियो लगातार नई और अत्याधुनिक तकनीकों पर इनोवेशन कर रहा है।
बता दें जियो ने 31 मार्च 2026 तक कुल 6,817 पेटेंट्स फाइल किए हैं। ऐसे में जियो प्लेटफॉर्म्स ने भारत ही नहीं, बल्कि विदेशी बाजारों में भी अपना लोहा मनवा लिया है। जियो ने भारत में कुल 2,392 और विदेशों में 4,424 पेटेंट्स फाइल किए हैं। इन पेटेंट्स में से 1,009 को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मंजूरी मिल गई है। इसमें भारत के 538 और विदेशों में फाइल किए गए 471 पेटेंट्स को मंजूरी मिल चुकी है।
बेहतर रिसर्च और डेवलपमेंट टीम
Jio की यह कामयाबी ऐसे ही नहीं हासिल हुई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की ईकाई ने पिछले कुछ सालों में कई अत्याधुनिक तकनीकों खुद विकसित किया है। इसमें कंपनी के 5G/6G रेडियो, सैटेलाइट कम्युनिकेसन और जियोब्रेन जैसे एडवांस एजेंटिक AI प्लेटफॉर्म्स शामिल हैं। रैंकिंग में जियो की यह छलांग दर्शाती है कि कंपनी की डेवलपमेंट और रिसर्च टीम कितना बेहतर काम कर रही है।
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