भारतीय शेयर बाजार में बुधवार सुबह IT सेक्टर में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। दिग्गज IT कंपनियों के शेयर अचानक टूट गए, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ गई। खासकर HCL Technologies के नतीजों और कमजोर आउटलुक ने पूरे सेक्टर को हिला दिया।
IT सेक्टर पहले से ही कमजोर मांग और ग्लोबल अनिश्चितताओं से जूझ रहा था। ऐसे में HCL Technologies के मार्च तिमाही (Q4) के नतीजे उम्मीद से कमजोर रहे। कंपनी की कमाई और मुनाफे दोनों में गिरावट दर्ज की गई, जिससे बाजार में नकारात्मक संकेत गया। कंपनी के CEO ने भी माना कि इस समय क्लाइंट्स के गैर-जरूरी प्रोजेक्ट्स पर कटौती कर रहे हैं। यही वजह है कि नए प्रोजेक्ट्स की रफ्तार धीमी हो गई है।
किन कंपनियों के शेयर सबसे ज्यादा गिरे?
इस गिरावट में सबसे ज्यादा असर HCL Technologies के शेयर पर पड़ा, जो करीब 10% तक टूट गया। इसके अलावा इंफोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और टेक महिंद्रा के शेयर भी 2-3% तक गिर गए। इससे पूरा IT इंडेक्स लाल निशान में चला गया और बाजार पर दबाव बढ़ गया।
ग्लोबल कारण भी बने बड़ी वजह
सिर्फ कंपनी के नतीजे ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय हालात भी इस गिरावट के पीछे बड़ी वजह हैं। अमेरिका में मंदी की आशंका, H1-B वीजा नियमों में बदलाव, और भू-राजनीतिक तनाव के कारण IT कंपनियों के कारोबार पर असर पड़ रहा है। इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है। कंपनियां अभी यह तय नहीं कर पा रही हैं कि AI उनके बिजनेस मॉडल को कैसे प्रभावित करेगा।
क्या आगे भी बनी रहेगी कमजोरी?
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल IT सेक्टर में जल्द सुधार की उम्मीद कम है। जब तक कंपनियों की कमाई में स्थिरता नहीं आती और डिमांड मजबूत नहीं होती, तब तक दबाव बना रह सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेशकों को अभी IT सेक्टर में सतर्क रहना चाहिए। फिलहाल दूसरे सेक्टर बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, ऐसे में जल्दबाजी में निवेश करने से बचना समझदारी हो सकती है।


