औरोबिंदो फार्मा ने मंगलवार को घोषणा की कि उसका ₹800 करोड़ का शेयर बायबैक ऑफर 23 अप्रैल से खुल जाएगा। कंपनी ने नियामकीय फाइलिंग में बताया कि यह ऑफर 29 अप्रैल को बंद होगा। इससे पहले 6 अप्रैल को कंपनी के बोर्ड ने ₹1 अंकित मूल्य वाले अधिकतम 54,23,728 पूरी तरह चुकता इक्विटी शेयरों को ₹1,475 प्रति शेयर के भाव पर वापस खरीदने को मंजूरी दी थी। पीटीआई की खबर के मुताबिक, यह बायबैक टेंडर ऑफर रूट के जरिए प्रोपोर्शनल आधार पर किया जाएगा। कंपनी ने 17 अप्रैल को रिकॉर्ड डेट तय किया है, जिसके आधार पर यह निर्धारित किया जाएगा कि किन शेयरधारकों को इस बायबैक में भाग लेने का अधिकार मिलेगा।
बायबैक का उद्देश्य निवेशकों को बेहतर रिटर्न देना है
खबर के मुताबिक, फाइलिंग के अनुसार, यह बायबैक कंपनी की कुल चुकता शेयर पूंजी और फ्री रिजर्व (सिक्योरिटीज प्रीमियम सहित) का लगभग 3.93% (स्टैंडअलोन आधार पर) और 2.62% (कंसोलिडेटेड आधार पर) हिस्सा है, जैसा कि 31 मार्च 2025 तक के ऑडिटेड वित्तीय आंकड़ों में दर्शाया गया है। शेयरधारकों को भेजे गए पत्र में कंपनी ने कहा कि इस बायबैक का उद्देश्य निवेशकों को बेहतर रिटर्न देना है। साथ ही, इससे प्रति शेयर आय (EPS) और रिटर्न ऑन नेटवर्थ व एसेट्स जैसे प्रमुख वित्तीय अनुपातों में समय के साथ सुधार होने की उम्मीद है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस बायबैक से प्रबंधन संरचना या कंपनी के नियंत्रण में कोई बदलाव नहीं होगा।
शेयर बायबैक क्या होता है?
शेयर बायबैक एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें कोई कंपनी अपने ही शेयर निवेशकों से वापस खरीदती है। यह खरीदारी टेंडर ऑफर या ओपन मार्केट के जरिए की जाती है। जब कंपनी अपने शेयर वापस लेती है, तो बाजार में उपलब्ध कुल शेयरों की संख्या कम हो जाती है। इसका सीधा फायदा यह होता है कि बचे हुए शेयरधारकों की हिस्सेदारी (स्टेक) बढ़ जाती है।
इसके साथ ही, कंपनी अपने निवेशकों को नकद रिटर्न भी देती है, जिससे निवेशकों को अतिरिक्त लाभ मिलता है। आमतौर पर कंपनियां बायबैक के जरिए अपने शेयरधारकों को पुरस्कृत करने और कंपनी के वित्तीय अनुपात, जैसे प्रति शेयर आय (EPS), को बेहतर बनाने की कोशिश करती हैं।


