जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं के पंजीकरण की दिक्कत का मामला तूल पकड़ गया है, जिसके बाद उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की. जिसमें अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अमरनाथ यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत न हो.इसलिए पंजीकरण कार्यक्रम का पालन सभी के लिए अनिवार्य है.
दरअसल कुछ शिकायतें मिलीं थीं कि जिन तीर्थयात्रियों को 4 जुलाई की तारीख मिली थी, उन्हें अब 8 अगस्त की तारीख दी जा रही है. जिससे श्रद्धालुओं के सामने इतने लंबे समय तक रुकने का संकट पैदा हो गया था. फ़िलहाल सभी यात्रियों को पंजीकरण कराकर ही आने के निर्देश दिए गए हैं.
तीर्थ यात्रियों की आवाजाही की समीक्षा
उपराज्यपाल ने यात्रा के सुचारू और सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए तीर्थयात्रियों की आवाजाही, यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, आवास, पंजीकरण की स्थिति और अन्य लॉजिस्टिकल पहलुओं की समीक्षा की. बैठक के दौरान यह पाया गया कि बड़ी संख्या में तीर्थयात्री बिना वैध पंजीकरण के आ रहे हैं, जिससे यात्रा करने के लिए तीर्थयात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है.
उपराज्यपाल ने जोर दिया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में, यात्रा मार्गों पर तीर्थयात्रियों की आवाजाही की निर्धारित सीमा के अनुसार ही यात्रा आयोजित की जा रही है. इसलिए, सभी तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए पंजीकरण कार्यक्रम का पालन करना अनिवार्य है. इस बात को दोहराया गया कि केवल निर्धारित तिथि के लिए वैध पंजीकरण वाले तीर्थयात्रियों को ही पवित्र गुफा मंदिर की ओर जाने वाले मार्गों पर आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी.
बिना पंजीयन वालों से यात्रा टालने की अपील
एलजी सिन्हा ने बिना पंजीकरण वाले इच्छुक तीर्थयात्रियों से अपील की कि वे जम्मू-कश्मीर पहुंचने पर किसी भी असुविधा से बचने के लिए अपनी यात्रा को कुछ दिनों के लिए टाल दें. इसलिए, प्रशासन ने सभी इच्छुक तीर्थयात्रियों से कहा है कि वे जम्मू-कश्मीर की यात्रा शुरू करने से पहले अनिवार्य पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करें और अपनी आवंटित तिथि के लिए वैध यात्रा पंजीकरण परमिट प्राप्त करें. तीर्थयात्रियों से कहा गया है कि वे बिना कन्फर्म पंजीकरण के यात्रा न करें, क्योंकि उन्हें यात्रा पर आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
सुरक्षा-व्यवस्था की समीक्षा
उपराज्यपाल ने यात्रा के लिए सुरक्षा और लॉजिस्टिकल व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की. उन्होंने सभी विभागों और सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे आपस में मिलकर काम करें और यात्रा को सुरक्षित, सुचारू, आध्यात्मिक रूप से समृद्ध और संतोषजनक बनाने के लिए लंगर संगठनों, सेवा प्रदाताओं और अन्य NGO सहित सभी संबंधित पक्षों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखें.
बैठक में मुख्य सचिव अटल डुल्लू, जेएंडके के डीजीपी नलिन प्रभात, पीएचक्यू (PHQ) में विशेष डीजी (समन्वय) एस.जे.एम. गिलानी, गृह विभाग के प्रधान सचिव चंद्रकर भारती, इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के संयुक्त निदेशक पंकज ठाकुर, उपराज्यपाल के प्रधान सचिव और अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के सीईओ डॉ. मनदीप के. भंडार, तथा नागरिक प्रशासन, पुलिस, सुरक्षा बलों, श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए.


