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नई दिल्ली3 घंटे पहले
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भारत में आखिरी बार फॉर्मूला-1 रेस 2013 में हुई थी।
भारत में फॉर्मूला वन की वापसी और मोटरस्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए खेल मंत्रालय ने टास्क फोर्स बनाया है। इसमें 10 मेंबर्स शामिल हैं। टास्क फोर्स देश के मोटरस्पोर्ट्स इकोसिस्टम का आकलन करेगी। 2028 में भारत में F1 ग्रां प्री कराने की संभावना भी तलाशी जाएगी।
टैक्स से जुड़े मुद्दों का हल ढूंढना होगा- खेल मंत्री
खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को कहा कि टास्क फोर्स का मुख्य उद्देश्य देश के मौजूदा मोटरस्पोर्ट्स इकोसिस्टम का आकलन करना है। सबसे बड़ी चुनौती टैक्स से जुड़े उन मुद्दों का हल ढूंढना है, जिनके कारण पहले फॉर्मूला वन भारत से चला गया था।
टास्क फोर्स में कौन-कौन शामिल
- टास्क फोर्स में नीति आयोग के प्रोग्राम डायरेक्टर युगल किशोर जोशी अध्यक्ष होंगे। इसमें जॉइंट सेक्रेटरी कुनाल भी शामिल होंगे।
- वाणिज्य और पर्यटन मंत्रालयों के जॉइंट सेक्रेटरी भी टीम का हिस्सा होंगे। बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट और मद्रास इंटरनेशनल सर्किट के प्रतिनिधि भी इसमें शामिल रहेंगे।
- उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र सरकारों के प्रतिनिधियों को भी टास्क फोर्स में जगह दी गई है।
- FMSCI के एक प्रतिनिधि और एक तकनीकी विशेषज्ञ भी टीम का हिस्सा होंगे।
साल में 24 F1 रेस होती है
फॉर्मूला-1 के मौजूदा कैलेंडर के अनुसार हर साल 24 ग्रां प्री रेस होती है। इनमें से 9 रेस यूरोप में, 8 एशिया में, 5 नॉर्थ अमेरिका में और 1-1 रेस साउथ अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया-ओशियाना में होती है।

ग्रेटर नोएडा में 3 साल हुआ आयोजन
भारत में 2011 से 2013 तक तीन साल फॉर्मूला-1 रेस हुई। इसे इंडियन ग्रां प्री के नाम से जाना जाता था। ये रेस ग्रेटर नोएडा के बुद्धा इंटरनेशनल सर्किट में हुई थी। उस समय सरकार ने F1 रेसिंग को खेल मानने से इनकार कर दिया था और इसे एंटरटेनमेंट की कैटेगरी में रखा गया था। F1 रेसिंग पर 40% टैक्स लगा दिया गया। इस वजह से 2013 के बाद भारत में यह रेस नहीं हो सकी थी।

2013 में ग्रेटर नोएडा में हुई रेस को रेडबुल टीम के सेबेस्तियन वेतेल ने जीता था।
टास्क फोर्स के काम
टास्क फोर्स मोटरस्पोर्ट्स के विकास के लिए नीतिगत बदलावों की पहचान करेगी। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर और संचालन से जुड़ी जरूरतों का आकलन शामिल है।
टीम बड़े आयोजनों की मेजबानी से मिलने वाले आर्थिक, पर्यटन और निवेश संबंधी फायदों का आकलन करेगी। इसके अलावा, 2028 में F1 ग्रां प्री कराने की व्यवहारिकता भी जांची जाएगी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर की फॉर्मूला वन रेस की भारत में वापसी और देश में मोटरस्पोर्ट्स को फिर से विकसित करना खेल मंत्रालय के प्रयासों का हिस्सा है।
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