दिल्ली से सटे गाजियाबाद के लाखों नौकरीपेशा लोगों और दैनिक यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। गाजियाबाद की लाइफलाइन माने जाने वाले राजनगर एक्सटेंशन एलिवेटेड रोड पर अब वाहनों को चढ़ाने और उतारने की रोज-रोज की माथापच्ची हमेशा के लिए खत्म होने वाली है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने इस एलिवेटेड रोड पर नई स्लिप रोड और रैंप बनाने की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस नए प्रोजेक्ट के शुरू होने से इंदिरापुरम, वैशाली और वसुंधरा की तरफ आने-जाने वाले लाखों लोगों को दिल्ली आने-जाने में लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी।
जीडीए ने पूरी की टेंडर प्रक्रिया
जीडीए (GDA) के मुख्य अभियंता आलोक रंजन ने बताया कि इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए टेंडर की प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है। यह टेंडर जेएसपी कंस्ट्रक्शन फर्म को मिला है, जो जल्द ही धरातल पर निर्माण काम शुरू करने जा रही है। लगभग ₹80 करोड़ की अनुमानित लागत से बनने वाली इस स्लिप रोड योजना के तहत 7.5 मीटर चौड़ा कैरिजवे तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही, यातायात को सुचारू रूप से चलाने और वाहनों की गति को कंट्रोल रखने के लिए दो आधुनिक गोलचक्कर भी विकसित किए जाएंगे, जिससे किसी भी पॉइंट पर ट्रैफिक न उलझे।
कहां बनेंगे दोनों नए रैंप?
अधिकारियों के मुताबिक, इस योजना के तहत दो विशेष रैंप तैयार किए जा रहे हैं जो शहर के दो सबसे व्यस्त इलाकों को कवर करेंगे। पहला रैंप उन वाहन चालकों के लिए संजीवनी बनेगा जो दिल्ली की तरफ से आते हैं और जिन्हें वसुंधरा जाना होता है। यह वैशाली होते हुए सीधे साहिबाबाद की ओर निकल जाएगा, जिससे अंदरूनी सड़कों का ट्रैफिक कम होगा। वहीं, दूसरा रैंप इंदिरापुरम के कनावनी मंदिर के पास एलिवेटेड रोड से जुड़ेगा। इसके बनने से इंदिरापुरम के लोगों को दिल्ली जाने के लिए लंबा चक्कर नहीं काटना पड़ेगा और वे कनावनी से सीधे एलिवेटेड रोड पर चढ़ सकेंगे।
समय और ईंधन की होगी भारी बचत
इस स्लिप रोड के बनने का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि जो सफर तय करने में इस समय वाहन चालकों को एक से सवा घंटे का समय लग जाता है, वह इस कनेक्टिविटी के बाद मात्र 20 से 25 मिनट में पूरा हो सकेगा। इससे न केवल लोगों के कीमती समय की बचत होगी, बल्कि पेट्रोल-डीजल के खर्च में भी कमी आएगी।


