Saturday, March 7, 2026
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अब क्या करेंगे शहबाज? पाकिस्तान के पास सिर्फ 28 दिनों का फ्यूल स्टॉक, पेट्रोल पंप पर लंबी लगेगी लाइन


Pakistan Crude Crisis: कोरोना महामारी के समय में वायरस को फैलने से रोकने के लिए वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन क्लासेज जैसे तरीके अपनाए गए थे. अब इसी पैंतरे का इस्तेमाल पाकिस्तान फ्यूल बचाने के लिए कर रहा है. दरअसल, ईरान पर अमेरिका औार इजरायल के हमलों के बीच होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने पाकिस्तान को गंभीर एनर्जी संकट का सामना करना पड़ा है.

दरअसल, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की तरफ से यह ऐलान किया गया है कि उनकी तरफ से इस समुद्री मार्ग को अमेरिका, इजरायल और यूरोपीय यूनियन के जहाजों के लिए बंद किया जा रहा है. रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने यह भी कहा कि इंटरनेशनल कानून और संबंधित प्रस्तावों के आधार पर इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के पास युद्ध के समय होर्मुज स्ट्रेट को रेगुलेट करने का अधिकार है. ऐसे में तेल और गैस की सप्लाई में रुकावट आने की आशंकाएं बढ़ गई हैं. 

बस 28 दिनों का है स्टॉक 

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के फाइनेंस मिनिस्टर मुहम्मद औरंगजेब ने बताया है कि अभी पाकिस्तान के पास सिर्फ 28 दिनों के लिए पेट्रोल और डीजल का स्टॉक है. 10 दिनों के लिए कच्चे तेल का रिजर्व है और 15 दिनों के लिए LPG सप्लाई है.

अब क्या करेंगे शहबाज? 

पाकिस्तानी न्यूज पेपर Dawn की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में शहबाज शरीफ की सरकार इस समस्या से निपटने के लिए कई कदम उठाने वाली है जैसे पेट्रोल की कीमतों में हर हफ्ते बदलाव, तेल कंपनियों को इंश्योरेंस और इंपोर्ट प्रीमियम की बढ़ी हुई लागत के लिए मुआवजा देना और फ्यूल बचाने के उपाय.

इसी क्रम में सरकार कंपनियों को हफ्ते में दो दिन रिमोट वर्किंग अपनाने के लिए भी बढ़ावा दे सकती है और इस महीने सिर्फ जरूरी स्टाफ ही ऑफिस में मौजूद रहेंगे. इसके अलावा, कर्मचारियों से राइड शेयर करने के लिए कहने के भी प्रस्ताव हैं. एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन को ऑनलाइन क्लोसज लेने की सलाह दी जा सकती है. 

पाकिस्तान के सामने नई मुसीबत

दरअसल, पाकिस्तान अपनी जरूरत का लगभग 70 परसेंट क्रूड ऑयल और 30 परसेंट बना बनाया पेट्रोल-डीजल UAE, कुवैत, सऊदी अरब जैसे खाड़ी देशों से मंगाता है. ऐसे में अगर होर्मुज स्ट्रेट लंबे समय तक बंद रहा, तो पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की भारी किल्लत आ सकती है, बिजली उत्पादन रूक सकता है और महंगाई बढ़ सकती है.

अगर सप्लाई कम होगी, तो जाहिर तौर पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतें भी 120-140 डॉलर प्रति बैरल तक बढ़ सकती हैं. ऐसे में पाकिस्तान में भी पेट्रोल की कीमतें रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच सकती है. इससे माल ढुलाई से लेकर खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ सकते हैं. 

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