Sunday, August 2, 2026
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2.11 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचा ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन, जुलाई में दर्ज की गई 15.4% की बढ़ोतरी


ग्रॉस गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) कलेक्शन जुलाई में 15.4 प्रतिशत बढ़कर 2.11 लाख करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गया। घरेलू लेनदेन और आयात से ज्यादा टैक्स कलेक्शन के कारण जीएसटी कलेक्शन में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शनिवार को जारी सरकारी आंकड़ों से ये जानकारी प्राप्त हुई है। बताते चलें कि पिछले साल जुलाई महीने में देश का ग्रॉस गुड्स एंड सर्विस टैक्स कलेक्शन 1.83 लाख करोड़ रुपये रहा था। वहीं, इस साल जून में ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन लगभग 1.95 लाख करोड़ रुपये था। 

जुलाई में CGST से 39,835 करोड़ रुपये और SGST से हुआ 47,881 करोड़ रुपये का कलेक्शन

वित्त मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आंकड़ों से मिली जानकारी के अनुसार, जुलाई में कुल जीएसटी कलेक्शन 2,11,205 करोड़ रुपये रहा। आंकड़ों के अनुसार, जुलाई के दौरान सेंट्रल गुड्स एंड सर्विस टैक्स (CGST) से 39,835 करोड़ रुपये, स्टेट गुड्स एंड सर्विस टैक्स (SGST) से 47,881 करोड़ रुपये और इंटीग्रेटेड गुड्स एंड सर्विस टैक्स (IGST) से 1.23 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का कलेक्शन हुआ। इस दौरान, कुल टैक्स रिफंड भी 13.1 प्रतिशत बढ़कर 29,968 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। टैक्स रिटर्न को अलग करने के बाद नेट जीएसटी रेवेन्यू 1.81 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा।

बाहरी माहौल में चुनौतियों के बावजूद लगातार आर्थिक मजबूती को दिखाता है जीएसटी कलेक्शन

डेलॉयट इंडिया के पार्टनर एम. एस. मणि ने कहा कि जीएसटी कलेक्शन बाहरी माहौल में चुनौतियों के बावजूद लगातार आर्थिक मजबूती को दिखाता है। एम. एस. मणि ने कहा, ”घरेलू खपत पर हर महीने जीएसटी कलेक्शन में स्थिर बढ़ोतरी से पता चलता है कि कुल घरेलू खपत काफी हद तक मौसमी विविधताओं और बाहरी प्रतिकूल परिस्थितियों से मुक्त हो रही है।” मणि ने कहा कि इस साल जुलाई में महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और तेलंगाना जैसे प्रमुख मैन्यूफैक्चरिंग स्टेट्स में जीएसटी कलेक्शन में बढ़ोतरी देखने को मिली है। 

इंपोर्ट से आया जीएसटी रेवेन्यू ग्रोथ का ज्यादातर हिस्सा

केपीएमजी के इनडायरेक्ट टैक्स चीफ और पार्टनर अभिषेक जैन ने कहा कि जुलाई में जीएसटी रेवेन्यू ग्रोथ का ज्यादातर हिस्सा इंपोर्ट से आया। ये पता करना महत्वपूर्ण होगा कि क्या ये तैयार माल है या कच्चा माल और इसमें से कितना हिस्सा उच्च मात्रा के बजाय केवल कमजोर रुपये को दर्शाता है।

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