Saturday, August 1, 2026
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प्राइवेट अस्पतालों को ESIC फैसिलिटी बनाने पर विचार कर रही सरकार, जानें किन लोगों को मिलेगा फायदा


केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि सरकार, कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार, देश के बढ़िया प्राइवेट अस्पतालों को भी ESIC फैसिलिटी बनाने पर विचार कर रही है। ईएसआईसी देशभर में बीमित कर्मचारियों और उनके आश्रितों को अपने अस्पतालों और डिस्पेंसरियों के जरिए हेल्थ इंश्योरेंस और मेडिकल सुविधाएं प्रदान कराता है। 

देश की 68.8 प्रतिशत आबादी तक पहुंच चुकी है सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था

मनसुख मांडविया ने शुक्रवार को कहा, ”हम ईएसआईसी में बड़ा बदलाव लाने जा रहे हैं। अगर प्राइवेट सेक्टर में अच्छे अस्पताल हैं, तो उन्हें ईएसआईसी अस्पताल के रूप में नामित किया जाएगा।” उन्होंने दिल्ली में ‘फिक्की-एआईओई ग्लोबल इंडस्ट्रियल रिलेशंस समिट’ को संबोधित करते हुए कहा कि इस दिशा में हितधारकों की ओर से दिए जाने वाले सभी सुझावों पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी। उन्होंने कहा कि भारत की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था का दायरा अब लगभग 101 करोड़ लोगों, यानी देश की 68.8 प्रतिशत आबादी तक पहुंच चुका है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में ये संख्या और बढ़ेगी।

निम्न आय वर्ग वाले कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना लक्ष्य

सरकार की इस पूरी प्लानिंग का मुख्य उद्देश्य निम्न आय वर्ग वाले कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। मौजूदा सिस्टम में, अगर किसी ESIC अस्पताल में कोई स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध नहीं है तो ऐसे मामलों में मरीज का ऐसे प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराया जाता है, जहां वो स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध है। प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान आने वाले सारे खर्च को ESIC खुद उठाता है।

अच्छे औद्योगिक रिश्तों के लिए तालमेल की जरूरत

इसके अलावा, उन्होंने कहा कि अच्छे औद्योगिक रिश्तों के लिए सरकारों, उद्योग जगत, नियोक्ताओं, कामगारों और ट्रेड यूनियनों के बीच लगातार तालमेल की जरूरत है, ताकि ये सुनिश्चित हो सके कि आर्थिक विकास और रोजगार पैदा करने की तरक्की एक साथ हो। इस बात पर जोर देते हुए कि औद्योगीकरण देश के विकास के लिए जरूरी है क्योंकि इससे रोजगार पैदा होता है, केंद्रीय मंत्री ने रोजगार के अवसर बढ़ाने, अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने में स्‍वयं सहायता समूहों और सहकारी मॉडल, खासकर महिलाओं के नेतृत्व वाली पहलों की बढ़ती अहमियत पर भी जोर दिया। 

रोजगार क्षेत्र की मजबूती में सुधार

रोजगार क्षेत्र की मजबूती में सुधार का जिक्र करते हुए, उन्होंने कहा कि 12 साल पहले रोजगार में 0.008 प्रतिशत की बढ़ोतरी की तुलना में जीडीपी में हर 1 प्रतिशत की बढ़ोतरी से 1.11 प्रतिशत रोजगार में बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन (EPFO) के पूरी तरह से डिजिटल क्लेम और एक ही UAN पर अकाउंट के ऑटोमैटिक ट्रांसफर के कदम की ओर भी इशारा किया, जिसमें यूपीआई-बेस्ड विड्रॉल पर विचार किया जा रहा है।

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