पश्चिम बंगाल के भवानीपुर सीट से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव हार चुकी हैं. बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी ने 15,105 वोटों की अंतर से सीएम ममता को हराया. यह दूसरी बार है, जब उन्हें शुभेंदु अधिकारी के हाथों हार का सामना करना पड़ा. चुनावी नतीजों के साथ ही एक बार फिर यह सीट प्रदेश की राजनीति के केंद्र में आ गई है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इसी सीट से विधायक रही हैं. चुनाव जीतने के बाद शुभेंदु ने कहा कि ममता बनर्जी का हराना जरूरी थी.
‘मुसलमानों ने ममता को चुना, हिंदुओं ने मुझे जिताया’
बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल की सीएम और TMC उम्मीदवार ममता बनर्जी के खिलाफ भवानीपुर विधानसभा सीट पर भारी जीत हासिल करने के बाद अपना जीत का सर्टिफिकेट दिखाया. उन्होंने कहा, ‘ममता बनर्जी को हराना बहुत जरूरी था. यह ममता बनर्जी का राजनीतिक से रिटायरमेंट है. इस बार भी वे 15,000 से ज्यादा वोटों से हार गईं. मुसलमानों ने उन्हें दिल खोलकर वोट दिया. वार्ड नंबर 77 में, वोट देने आए सभी मुसलमानों ने ममता को वोट दिया. हिंदुओं, सिखों, जैनों और बौद्धों ने मुझे आशीर्वाद दिया और जिताया. यह जीत हिंदुत्व की जीत है.’
CPM मजबूत सपोर्टर्स ने मुझे वोट दिया: शुभेंदु अधिकारी
उन्होंने कहा, ‘CPM के सभी मजबूत सपोर्टर्स ने मुझे वोट दिया. भवानीपुर में CPM के 13,000 वोट थे और उनमें से कम से कम 10,000 मुझे मिले. मैं वहां के CPM वोटर्स का भी शुक्रिया अदा करता हूं. सभी बंगाली हिंदुओं ने मुझे दिल खोलकर वोट दिया. उनके साथ, गुजरातियों, जैनों, मारवाड़ियों, पूर्वांचलियों और सिख कम्युनिटी ने भी मुझे दिल खोलकर वोट दिया.’
शुभेंदु अधिकारी ने कहा, ‘केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुझे दो-तीन बार फोन किया. उन्होंने भवानीपुर को लेकर कुछ चिंता भी जाहिर की. मैंने उन्हें कुछ समय पहले बताया था. मैंने किसी और से बात नहीं की है. मुझे फोन इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं थी. मैं अभी उन्हें बताने जा रहा हूं. वह इंतजार कर रहे हैं. मुझे नंदीग्राम सर्टिफिकेट भी लेना है.’
टीएमसी के गढ़ में बीजेपी ने लगाई सेंध
भवानीपुर सीट लंबे समय से टीएमसी का गढ़ रहा है. इस चुनाव में ममता बनर्जी की हार को देखें तो यह कुछ-कुछ 2021 के विधानसभा चुनाव नतीजों की तरह है. 2021 के विधानसभा चुनाव में भी ममता बनर्जी को नंदीग्राम सीट से हार का सामना करना पड़ा था. यहां से ममता बनर्जी को शुभेंदु अधिकारी ने हराया था. ममता बनर्जी के लिए शुभेंदु के हाथों मिली पराजय इस कारण भी बड़ी थी कि एक समय अधिकारी ममता बनर्जी के खास सहयोगियों में शामिल थे. फिर, चाहे नंदीग्राम आंदोलन हो या सिंगूर में आंदोलन के जरिए ममता बनर्जी का सियासी उभार, लेकिन समय गुजरा और ममता बनर्जी से शुभेंदु अधिकारी ने रास्ते अलग कर लिए और बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर ली.
लगातार दो चुनावों में ममता बनर्जी की हुई हार
खास बात ये है कि लगातार दो चुनावों में टीएमसी सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को शुभेंदु अधिकारी के हाथों हार का सामना करना पड़ा. 2021 में नंदीग्राम में मिली हार के बाद ममता बनर्जी ने भवानीपुर का रुख किया और यहां पर उपचुनाव में जीत हासिल कर सत्ता की बागडोर थामे रहीं. इस बार के चुनाव में एक बार फिर शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के साथ ही भवानीपुर से अपनी उम्मीदवारी की घोषणा कर दी. चुनावी नतीजे से पहले ही बीजेपी नेता लगातार दावा कर रहे थे कि उन्हें भवानीपुर से जीत मिलेगी और उनका दावा 4 मई की देर शाम को हकीकत में बदल गया.


