Wednesday, July 15, 2026
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भारत की नई ‘चिप’ क्रांति, सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 को सरकार की मंजूरी, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग स्कीम भी हुआ अपग्रेड


भारत में नई चिप क्रांति का आगाज हो गया है। पीएम मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 को मंजूरी दे दी है। यह भारत को ग्लोबल सेमीकंडक्टर हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इसके अलावा सरकार ने घरेलू मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (MPMS) को भी अपग्रेड करने का फैसला किया है। मोदी सरकार का यह कदम भारत में घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को बढ़ावा देगा।

क्या है इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0?

मोदी सरकार ने 2021 में इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन की शुरुआत की थी, जिसके पहले फेज में चिप मैन्युफैक्चरिंग और पैकेजिंग यूनिट्स को आकर्षित करने पर फोकस किया गया। अब सरकार ने इसके दूसरे चरण की घोषणा की है, जिसमें केवल चिप मैन्युफैक्चरिंग पर ही फोकस नहीं किया जाएगा, बल्कि ग्लोबल सप्लाई चेन में भारत की स्तिथि को मजबूत करने का काम किया जाएगा। MeitY ने इस मिशन के लिए 1.25 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सरकार ने इस साल बजट में ही सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 का ऐलान कर दिया था।

ISM 2.0 में सरकार का फोकस भारत में फुल स्टैक सेमीकंडक्टर इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी तैयार करने पर है। यह भारत में चिप निर्माण के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार करेगा, जिसमें चिप डिजाइनिंग और फेब्रिकेशन से लेकर एडवांस टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट पर जोर दिया जाएगा। केंद्रीय कैबिनेट की तरफ से सेमीकंडक्टर मिशन के लिए यह फंडिंग प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाने से लेकर ग्लोबल सप्लाई चेन में भारत की हिस्सेदारी को मजबूत करने का काम करेगा।

India Semiconductor mission 2.0

Image Source : PIBइंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0

सरकार का अनुमान है कि ISM 2.0 के जरिए भारत का सेमीकंडक्टर मार्केट 2030 तक 100 से 115 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के पहले चरण में भारत का सेमीकंडक्टर मार्केट 45 से 50 बिलियन डॉलर के करीब तक पहुंच गया है। ऐसे में अगले 5 साल में यह मार्केट दोगुना होने की संभावना है।

ISM 2.0 से जुड़ा PDF करें डाउनलोड

ISM 2.0 से क्या होगा फायदा?

भारत की सेमीकंडक्टर मार्केट में पैठ बढ़ने का फायदा खास तौर पर उन स्टार्ट-अप्स को मिलेगा, जो चिप डिजाइनिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर डिवाइस, ऑटोमेशन और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े हैं। खास तौर पर तेजी से बढ़ रहे स्मार्टफोन की डिमांड, इलेक्ट्रिक वीकल्स, डेटा सेंटर, एआई, ऑटोमेशन और इंडस्ट्रियल इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट को सीधे तौर पर फायदा पहुंचने वाला है। इसे भारत में नई चिप क्रांति के तौर पर देखा जा सकता है।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा-

मैं आपके सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट और कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) द्वारा लिए गए सात प्रमुख फैसले रख रहा हूं। पहले दो फैसले वाराणसी (काशी) में बिल्कुल नए तरीके से बुनियादी ढांचा विकसित करने के कार्यक्रम से जुड़े हैं। तीसरा, चौथा और पांचवां फैसला सेमीकॉन 2.0 मिशन (Semiconductor 2.0 Mission) से जुड़ा है, जिसे आज मंजूरी दी गई।

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