Thursday, April 23, 2026
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ट्रम्प के डीलमेकर जम्पोली चर्चा में:20 मिनट में 20 अरब डॉलर के सौदे; मेलानिया से इन्होंने ही मिलवाया, बोइंग से डील करा जीता भरोसा




‘20 मिनट में 20 अरब डॉलर’ की डील यह दावा है अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के खास दूत पाओलो जम्पोली (56) का। हाल ही में वे उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ हंगरी में परमाणु ऊर्जा की डील में शामिल होकर सुर्खियों में आए हैं। ट्रम्प के लिए ‘डील मशीन’ कहे जाने वाले जम्पोली के काम का तरीका कूटनीति के पुराने ढर्रों से बिल्कुल अलग है। जम्पोली-ट्रम्प का रिश्ता 90 के दशक में न्यूयॉर्क की हाई-सोसाइटी से शुरू हुआ। तब ट्रम्प सफल कारोबारी थे, लेकिन बड़े अमीरों तक उनकी पहुंच सीमित थी। जम्पोली ने अपनी मॉडलिंग एजेंसी ‘आईडी मॉडल्स’ के जरिए ट्रम्प की पार्टियों में टॉप मॉडल्स और यूरोपियन अमीरों की एंट्री करवाई, जिससे उनकी इमेज ‘ग्लोबल ब्रैंड’ बनी और भरोसे का रिश्ता तैयार हुआ। इटली के कारोबारी परिवार से आए जम्पोली 1998 में न्यूयॉर्क पहुंचे और यहीं एजेंसी खड़ी की। इसी दौरान एक फैशन पार्टी में उन्होंने ट्रम्प की मुलाकात स्लोवेनियाई मॉडल मेलानिया से करवाई, जो बाद में उनकी पत्नी बनीं। आगे चलकर वे ‘ट्रम्प ऑर्गनाइजेशन’ में इंटरनेशनल डेवलपमेंट डायरेक्टर बने और कई प्रॉपर्टी डील्स में भूमिका निभाई। ट्रम्प शासन आने के बाद सितंबर 2025 में उज्बेकिस्तान दौरे पर, जब 37,164 करोड़ रु. के विमानों का प्रस्ताव आया, तो उन्होंने इसे ‘छोटा सौदा’ कहकर ठुकरा दिया और सीधे 4.64 लाख करोड़ की मांग रख दी। जम्पोली का दावा है कि कुछ मिनटों में डील 1.86 लाख करोड़ पर पहुंच गई। हालांकि बाद में ट्रम्प प्रशासन ने 74 हजार करोड़ में खरीद का ऐलान किया, जिसमें आगे और विकल्प भी जोड़े गए। जम्पोली कूटनीति में काफी सक्रिय हैं। 2013 में डोमिनिका के लिए यूएन में राजदूत रहे, 2025 में इटली के अनौपचारिक दूत बने। अभी बतौर विशेष दूत वे कई देश जाकर अमेरिकी हितों के सौदे कराते हैं। वे साफ कहते हैं कि राष्ट्रपति को खुश करना है तो बोइंग जैसे अमेरिकी प्रोडक्ट खरीदो। हाल में रोमानिया में ‘डोनाल्ड जे ट्रम्प पार्क’ की डील भी इसी पहुंच से कराई। सीधा, लेन-देन पर आधारित तरीका उन्हें ट्रम्प का खास बनाता है। एयरपोर्ट कर्मियों को ट्रक भरकर खिलौने देते थे जम्पोली 90 के दशक में इटली में जम्पोली की कंपनी खिलौने बनाती थी। वहां मिलान एयरपोर्ट पर वे वीआईपी मेहमानों की बिना रोक-टोक एंट्री के लिए सुरक्षा अधिकारियों को खिलौनों से भरे ट्रक गिफ्ट करते थे यहीं से उन्होंने सिस्टम को अपने पक्ष में मोड़ने की कला सीखी। जो आज उन्हें ट्रम्प की ‘ग्लोबल डील मशीन’ का सबसे भरोसेमंद चेहरा बनाती है।



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