झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले मतदान से ठीक पहले सियासी हलचल चरम पर पहुंच गई है. इसी क्रम में रांची स्थित मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में महागठबंधन (इंडिया गठबंधन) के विधायकों की एक बेहद महत्वपूर्ण और हाई-प्रोफाइल बैठक संपन्न हुई. इस बैठक में महागठबंधन के सभी बड़े नेताओं के साथ-साथ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के प्रत्याशी बैजनाथ राम और कांग्रेस के उम्मीदवार प्रणव झा भी मुख्य रूप से मौजूद रहे.
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मतदान के दिन होने वाली किसी भी तकनीकी या प्रशासनिक चूक की गुंजाइश को पूरी तरह खत्म करना था. बैठक के दौरान महागठबंधन के सभी विधायकों को ‘मॉक पोल’ (Mock Poll) का कड़ा अभ्यास कराया गया. विशेष रूप से जो नए विधायक हैं, उन्हें राज्यसभा चुनाव की जटिल वोटिंग प्रक्रिया और ‘प्रथम वरीयता’ (First Preference) के वोट देने का तरीका विस्तार से समझाया गया, ताकि मतपत्र (Ballot Paper) खारिज होने का कोई खतरा न रहे.
जीत के लिए बनी फाइनल स्ट्रेटेजी
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अगुवाई में हुई इस बैठक में राज्यसभा चुनाव को लेकर अंतिम रणनीति (Strategy) को अंतिम रूप दिया गया. विधानसभा के संख्या बल के अनुसार महागठबंधन के पास कुल 56 विधायकों का मजबूत समर्थन है, जिससे झामुमो के बैजनाथ राम की जीत सुनिश्चित मानी जा रही है. वहीं, रणनीति के तहत दूसरी सीट पर कांग्रेस के प्रणव झा की जीत पक्की करने के लिए वोटों के समीकरण और एकजुटता पर विशेष फोकस किया गया है.
महागठबंधन के नेताओं ने बैठक के बाद पूर्ण एकजुटता का दावा करते हुए कहा कि उनके सभी विधायक पूरी तरह साथ हैं और ‘इंडिया’ गठबंधन राज्यसभा की दोनों सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज करने जा रहा है.
राज्य विधानसभा के संख्या बल के अनुसार, झामुमो के पास पर्याप्त वोट हैं, इसलिए उनके उम्मीदवार बैद्यनाथ राम की जीत लगभग तय मानी जा रही है. लेकिन असली लड़ाई दूसरी सीट के लिए है, जहां कांग्रेस के प्रणव झा और बीजेपी समर्थित परिमल नाथवानी के बीच कांटे की टक्कर होने की पूरी संभावना है.
विधानसभा का गणित: जीत के लिए चाहिए 28 वोट
झारखंड में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए किसी भी उम्मीदवार को कम से कम 28 ‘प्रथम वरीयता’ (First Preference) वाले वोटों की जरूरत होगी.
- ‘इंडिया’ गठबंधन का पलड़ा भारी: राज्य विधानसभा में ‘इंडिया’ गठबंधन के कुल 56 विधायक हैं. इनमें झामुमो के 34, कांग्रेस के 16, राजद के 4 और भाकपा-माले के 2 विधायक शामिल हैं.
- NDA का दावा: दूसरी तरफ, बीजेपी नीत एनडीए के पास 24 विधायक हैं. इनमें बीजेपी के 21, लोजपा (रामविलास), आजसू और जद(यू) के एक-एक विधायक शामिल हैं. इसके अलावा झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा का भी एक विधायक है.
एनडीए खेमे का दावा है कि ‘इंडिया’ गठबंधन के कई विधायक “अंतरात्मा की आवाज” पर वोट करेंगे, जबकि कांग्रेस और झामुमो नेताओं का स्पष्ट कहना है कि उनके सभी 56 विधायक पूरी तरह एकजुट हैं और दोनों सीटें ‘इंडिया’ गठबंधन ही जीतेगा.
सुबह 9 से 4 बजे तक होगी वोटिंग
झारखंड विधानसभा के सचिव और निर्वाचन अधिकारी रंजीत कुमार ने बताया कि चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए विधानसभा परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. मतदान सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक होगा. इसके बाद निर्वाचन आयोग की अनुमति मिलने पर शाम 5:00 बजे से मतगणना शुरू की जाएगी.
बता दें कि राज्य में राज्यसभा की ये सीटें झामुमो के सह-संस्थापक शिबू सोरेन के निधन और बीजेपी सांसद दीपक प्रकाश का कार्यकाल 21 जून को पूरा होने के कारण रिक्त हुई हैं.
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