- CCTV निगरानी, VVPAT मिलान और मीडिया के लिए विशेष सुविधाएँ उपलब्ध।
असम में विधानसभा चुनाव 2026 के परिणामों की घड़ी नजदीक आते ही जोरहाट जिला प्रशासन ने मतगणना के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं. जिला उपायुक्त (DC) जय शिवानी ने बताया कि मतगणना सोमवार (4 मई, 2026) को सुबह 8:00 बजे से शुरू होगी. उन्होंने आश्वस्त किया कि मतगणना प्रक्रिया को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं.
उन्होंने कहा कि जोरहाट निर्वाचन जिले के अंतर्गत आने वाले चार विधानसभा क्षेत्र, जिसमें 99-टियोक, 100-जोरहाट, 101-मरियानी और 102-तिताबोर, में इस महीने की शुरुआत में 9 अप्रैल को शांतिपूर्ण ढंग से मतदान संपन्न हुआ था.
वोट काउंटिंग के लिए बनाए गए दो मतगणना केंद्र
डीसी जय शिवानी ने कहा कि सोमवार (4 मई, 2026) को होने वाली वोट काउंटिंग के लिए दो केंद्र निर्धारित किए गए हैं. इसमें पहला जोरहाट गर्ल्स एचएस और एमपी स्कूल है, जहां 99-टियोक विधानसभा क्षेत्र आने वाले पोलिंग बूथों पर पड़े वोटों की गिनती होगी. जबकि दूसरा काउंटिंग सेंटर जोरहाट बॉयज एचएस और एमपी स्कूल है, जहां 100-जोरहाट, 101-मरियानी और 102-तिताबोर विधानसभा क्षेत्र के लिए मतगणना की जाएगी.
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वोट काउंटिंग के लिए क्या-क्या की गई है व्यवस्था?
उपायुक्त जय शिवानी ने बताया कि मतगणना के लिए सभी निर्धारित केंद्र पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं. इसमें
- टियोक विधानसभा क्षेत्र – दो वोट काउंटिंग हॉल, 17 ईवीएम टेबल, 4 पोस्टल बैलेट टेबल, कुल 15 राउंड.
- जोरहाट विधानसभा क्षेत्र – एक मतगणना हॉल, 13 ईवीएम टेबल, 3 पोस्टल बैलेट टेबल, कुल 14 राउंड.
- मरियानी विधानसभा क्षेत्र – एक मतगणना हॉल, 14 ईवीएम टेबल, 3 पोस्टल बैलेट टेबल, कुल 15 राउंड.
- तिताबोर विधानसभा क्षेत्र – दो मतगणना हॉल, 20 ईवीएम टेबल, 3 पोस्टल बैलेट टेबल, कुल 13 राउंड.
उन्होंने कहा कि वोटों की हर राउंड की गिनती पूरी होने के बाद परिणामों की घोषणा की जाएगी और मीडिया कक्ष को उपलब्ध कराया जाएगा.
सुरक्षा के नजरिए से क्या किए गए हैं इंतजाम?
उन्होंने आगे कहा कि मतगणना को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है.
- पहला घेरा (100 मीटर परिधि): जिला पुलिस द्वारा सुरक्षा, यह क्षेत्र पैदल क्षेत्र घोषित रहेगा और किसी भी अनधिकृत वाहन की अनुमति नहीं होगी.
- दूसरा घेरा (प्रवेश द्वार): राज्य सशस्त्र पुलिस द्वारा निगरानी, जहां सघन तलाशी ली जाएगी. मोबाइल, लैपटॉप, कैमरा, माचिस, हथियार और अन्य प्रतिबंधित वस्तुएं अंदर ले जाना पूरी तरह वर्जित होगा.
- तीसरा घेरा (मतगणना हॉल): केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) द्वारा सुरक्षा, जहां अतिरिक्त जांच की जाएगी. इस दौरान सिर्फ अधिकृत पहचान पत्र या पास रखने वाले व्यक्तियों को ही प्रवेश की अनुमति होगी.
क्या है प्रतिबंधात्मक आदेश?
जिला उपायुक्त जय शिवानी ने कहा कि जिस दिन वोटों की काउंटिंग होगी, उस दिन सुबह 6 बजे से केंद्र के 100 मीटर के दायरे में BNSS 2023 की धारा 163 लागू रहेगी. इसमें बिना अनुमति के किसी भी प्रकार की भीड़ या गतिविधि प्रतिबंधित रहेगी. वोट काउंटिंग हॉल के अंदर फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर रोक रहेगी, हालांकि अधिकृत मीडिया कर्मियों को हैंडहेल्ड कैमरा ले जाने की अनुमति होगी.
पारदर्शिता और निगरानी
उन्होंने कहा कि पूरी वोट काउंटिंग प्रक्रिया की 100 प्रतिशत CCTV निगरानी और वीडियोग्राफी की जाएगी. सिर्फ अधिकृत काउंटिंग एजेंटों को प्रवेश मिलेगा. हर टेबल पर माइक्रो-ऑब्जर्वर और निर्वाचन आयोग की तरफ से नियुक्त ऑब्जर्वर निगरानी करेंगे. ईवीएम की गिनती के बाद VVPAT पर्चियों का मिलान अनिवार्य रूप से किया जाएगा.
मीडिया के लिए दूसरे सुरक्षा घेरे के अंदर एक विशेष मीडिया सेंटर स्थापित किया गया है, जहां LED स्क्रीन, इंटरनेट और पब्लिक एड्रेस सिस्टम की सुविधा होगी. इसके अलावा, अन्य व्यवस्थाओं पर बात करें, तो मेडिकल टीम और एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है, फायर ब्रिगेड की तैनाती होगी और बिजली के लिए DG सेट के माध्यम से बैकअप व्यवस्था भी की गई है.
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