सोमवार को अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में तेजी देखी गई। ब्रेंट क्रूड और WTI दोनों में 5% से ज़्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच सीज़फायर टूटने की आशंका बढ़ गई है। 20 अप्रैल को 0418 GMT तक ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स की कीमत $5.08 (5.62%) बढ़कर $95.46 प्रति बैरल हो गई, जबकि अमेरिकी WTI क्रूड $5.01 (5.97%) बढ़कर $88.86 प्रति बैरल पर जा पहुंचा। ऐसी आशंका है कि अगर तनाव और बढ़ता है तो आने वाले दिनों में फिर कच्चे तेल के दाम में उबाल देखने को मिल सकता है।
क्या है वजह?
अमेरिका ने रविवार को एक ईरानी मालवाहक जहाज को जब्त कर लिया, जिस पर नाकेबंदी तोड़ने का आरोप है। ईरान ने इसके बदले की चेतावनी दी है। इसके साथ ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होने वाला यातायात लगभग ठप हो गया है, जिससे बाजार में आपूर्ति बाधित होने का डर बढ़ गया। शुक्रवार को दोनों तेल अनुबंधों में 9% की भारी गिरावट आई थी, जो 18 अप्रैल के बाद सबसे बड़ी एक दिन की गिरावट थी। उस दिन ईरान ने दावा किया था कि सीजफायर के बाकी समय तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सभी व्यावसायिक जहाजों के लिए खुला रहेगा और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान ने इसे दोबारा कभी बंद न करने पर सहमति दे दी है। लेकिन सिर्फ 24 घंटे बाद ही स्थिति पलट गई।
विश्लेषकों का क्या कहना है?
investing की खबर के मुताबिक, जानकारों का कहना है कि पूरी तरह खुला, इस घोषणा के महज 24 घंटे बाद इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कुछ टैंकरों पर गोलीबारी कर दी। इससे जहाज मालिकों में फिर से भय पैदा हो गया है। बाजार के बुनियादी हालात बिगड़ रहे हैं। रोजाना 10-11 मिलियन बैरल कच्चा तेल अभी भी फंसा हुआ है। एक और जानकार ने कहा कि तेल बाजार जमीनी हकीकत के बजाय अमेरिका और ईरान के सोशल मीडिया पोस्ट्स पर प्रतिक्रिया दे रहा है। हकीकत यह है कि तेल का प्रवाह जल्दी बहाल होना मुश्किल है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने की घोषणा समय से पहले कर दी गई थी। उनका यह भी कहना है कि जहाज मालिक तब तक दोबारा रिस्क नहीं लेंगे, जब तक उन्हें पूरा भरोसा न हो जाए कि रास्ता सचमुच सुरक्षित है।
मौजूदा स्थिति
ईरान ने दूसरे दौर की बातचीत में हिस्सा न लेने का फैसला किया है। अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर नाकेबंदी जारी रखी है। ईरान ने होर्मुज पर अपनी नाकेबंदी पहले हटाई और फिर दोबारा लगा दी। युद्ध से पहले इस जलडमरूमध्य से दुनिया की कुल तेल आपूर्ति का लगभग 20% गुजरता था। शनिवार को 20 से ज्यादा जहाज (तेल, LPG, धातु और उर्वरक लदे) स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरे जो 1 मार्च के बाद सबसे अधिक संख्या है।


