Monday, April 20, 2026
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आईटी सेक्टर में हड़कंप! 3 महीने में 73 हजार से ज्यादा नौकरियां गईं, अब Snap और Meta में भी छंटनी की तैयारी


टेक सेक्टर में इन दिनों नौकरियों पर संकट के बादल छाए हुए हैं। साल 2026 की शुरुआत आईटी सेक्टर के कर्मचारियों के लिए बेहद डरावनी साबित हुई है। आलम यह है कि महज तीन महीनों के भीतर हजारों लोगों को अपनी नौकरियों से हाथ धोना पड़ा है। बड़ी-बड़ी टेक कंपनियां अब अपने वर्कफोर्स को छोटा करने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर ध्यान केंद्रित करने के लिए ताबड़तोड़ छंटनी कर रही हैं।

ताजा आंकड़ों के अनुसार, साल 2026 की पहली तिमाही (जनवरी से मार्च) में ही 95 कंपनियों ने मिलकर 73,200 से ज्यादा कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि छंटनी करने वाली कंपनियों की लिस्ट में स्नैप, मेटा, डिज्नी और ओरेकल जैसे दिग्गज नाम शामिल हैं।

इन कंपनियों ने किया छंटनी का ऐलान

  • Snap Inc: सोशल मीडिया कंपनी स्नैप अपने 16% वर्कफोर्स यानी करीब 1,000 कर्मचारियों को निकालने की योजना बना रही है। कंपनी का लक्ष्य इसके जरिए सालाना 50 करोड़ डॉलर की बचत करना है।
  • Meta Platforms: फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा ने कैलिफोर्निया स्थित अपने ऑफिस से करीब 198 और पद खत्म कर दिए हैं। इससे पहले जनवरी में ही कंपनी 1,500 लोगों को निकाल चुकी थी।
  • The Walt Disney Company: डिज्नी में नए नेतृत्व के बाद करीब 1,000 कर्मचारियों की छुट्टी की तैयारी है। कंपनी अपने ऑपरेशंस को फिर से व्यवस्थित कर रही है।
  • Oracle Corporation: सबसे बड़ा झटका ओरेकल की ओर से लग सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी दुनियाभर में 20 से 30 हजार कर्मचारियों को निकालने की योजना बना रही है।

भारत पर पड़ेगा तगड़ा असर

ओरेकल की छंटनी का सबसे ज्यादा असर भारत पर पड़ने की आशंका है। अनुमान है कि भारत में करीब 12,000 कर्मचारी इससे प्रभावित हो सकते हैं। प्रभावित होने वाले डिवीजन में मुख्य रूप से क्लाउड, हेल्थकेयर और सेल्स शामिल हैं। हालांकि, कंपनी प्रभावित कर्मचारियों को सेवरेंस पैकेज और इंश्योरेंस बेनेफिट्स देने की बात कह रही है।

क्यों हो रही है इतनी छंटनी?

विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना काल के दौरान कंपनियों ने बहुत ज्यादा हायरिंग कर ली थी। अब कंपनियां अपनी लागत घटाना चाहती हैं। दूसरा सबसे बड़ा कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बढ़ता प्रभाव है। कंपनियां अब इंसानों की जगह एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश कर रही हैं, जिससे कई पदों की जरूरत खत्म हो रही है।





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