चेतन अग्रवाल हत्याकांड ने इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड की याद दिला दी. राजा रघुवंशी को पत्नी सोनम रघुवंशी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर मौत के घाट उतार दिया. वहीं चेतन की मंगेतर सिया गोयल ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर उसे रास्ते से हटा दिया. राजा रघुवंशी मामले में सोनम रघुवंशी को जमानत मिल गई. क्या ऐसे ही मिलते जुलते मामले में केतन अग्रवाल हत्या की आरोपी सिया गोयल को भी जमानत मिल जाएगी? इस सवाल पर एबीपी न्यूज़ से सीनियर वकील अपर्णा व्हटकर ने बातचीत की.
सोनम की जमानत का कारण तकनीकी गड़बड़ियां- वकील
वकील अपर्णा व्हटकर ने कहा कि दोनों मामलों में काफी फर्क है. उन्होंने कहा कि सोनम की जमानत का कारण तकनीकी गड़बड़ियां है. यहां सिया के मामले में अगर पुलिस कोई गड़बड़ नहीं करती है तो सिया को जमानत मिलना आसान नहीं होगा. FIR की कॉपी देखकर एडवोकेट अपर्णा ने बताया की यह FIR इनिशियल स्टेटमेंट होता है. इसे आगे बदला या और भी विस्तार में जांच के हिसाब से जानकारी जोड़ी जा सकती है.
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सिया की जमानत आसान नहीं होगी- वकील
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पुलिस ने अगर बताई गई सारी जानकारी के आधार पर सबूत इकट्ठा किए तो सिया की जमानत आसान नहीं होगी. इस मामले में भी कोई गवाह नहीं दिखाई दे रहे हैं. सरकमस्टेंशियल एविडेंस हैं, उसके आधार पर भी आरोपियों को सजा दिलाई जा सकती है.
पुलिस ने लोहगढ़ किले पर फिर क्राइम सीन किया रिक्रिएट
इस बीच केतन हत्याकांड के आरोपी चेतन को लेकर लोहगढ़ किले पर बुधवार (1 जुलाई) को क्राइम सीन रिक्रिएट किया गया. पुणे ग्रामीण पुलिस सूत्रों ने इसकी जानकारी दी.सूत्रों के मुताबिक, क्राइम सीन रिक्रिएशन के दौरान चेतन ने पुलिस को पूरी घटनाक्रम की जानकारी दी और यह भी दिखाया कि कथित तौर पर केतन अग्रवाल को किस तरह किले की चट्टान से नीचे धक्का दिया गया था. पुलिस सूत्रों का दावा है कि 18 जून को घटना से पहले चेतन किले की चोटी पर स्थित एक मंदिर के पास छिपकर बैठा हुआ था.
सिया के दूसरे इशारे पर चेतन ने केतन को दिया धक्का- सूत्र
जांचकर्ताओं के अनुसार, चेतन मंदिर के पास तब तक छिपा रहा जब तक कथित तौर पर सिया गोयल ने उसे इशारा नहीं किया. सूत्रों के मुताबिक, सिया का इशारा मिलने के बाद चेतन मंदिर के पास से बाहर निकला और सिया और केतन की ओर बढ़ा. पुलिस सूत्रों का यह भी दावा है कि इसके बाद सिया ने कथित तौर पर बैठकर दूसरा इशारा किया, जिसके बाद चेतन ने कथित रूप से केतन को चट्टान से नीचे धक्का दे दिया.
हत्या की पूरी टाइमलाइन का पुलिस ने किया सत्यापन
पुणे ग्रामीण पुलिस सूत्रों के अनुसार, चेतन के मंदिर के पास छिपने से लेकर कथित हत्या को अंजाम देने तक की पूरी प्रक्रिया में लगभग 45 मिनट का समय लगा. सूत्रों के मुताबिक, जिस मंदिर के पास चेतन कथित तौर पर छिपा हुआ था, वह घटनास्थल से करीब 50 मीटर की दूरी पर स्थित है. पुलिस ने आज किए गए क्राइम सीन रिक्रिएशन के जरिए घटनाक्रम, आरोपियों की गतिविधियों और कथित हत्या की पूरी टाइमलाइन का सत्यापन किया.
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