पश्चिम बंगाल की कभी सत्ताधारी रही टीएमसी के बागी लोकसभा सांसदों को मॉनसून सत्र से पहले अलग से बैठने की व्यवस्था की मांग को मंजूरी दे दी गई है. इस मंजूरी को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने दिया है. साथ ही इस गुट को अलग स्टेटस भी दिया है. यह सभी बागी सांसद पूर्वोत्तर की पार्टी एनसीपीआई में शामिल हो गए हैं. इसके अलावा अभिषेक बनर्जी ने भी पार्टी में शामिल होने का ऑफर दिया है, जिसपर ऋतब्रत बनर्जी ने बयान दिया है.
अभिषेक बनर्जी के ऑफर पर क्या बोले?
लोकसभा स्पीकर की मंजूरी पर टीएमसी के अभिषेक बनर्जी के बयान पर पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, ‘उन्होंने आज यह बात कही. कल उन्होंने क्या कहा था? उन्होंने कहा था कि ‘लूटने वाले’ ED और CBI के डर से भाग गए, और अगले ही दिन वह उन्हीं लूटने वालों को वापस आने के लिए कह रहे हैं. यह विरोधाभास है. उन्हें 4 मई को ही चुनाव नतीजों की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए था. वह अंडा फेंके जाने के डर से अपना वॉइस सैंपल देने भी नहीं जा पाए।. इतने बड़े नेता हैं, फिर भी उनके अहंकार की कोई सीमा नहीं है. उन्हें पार्टी की लीडरशिप से इस्तीफा देना चाहिए और फिर ऐसी बातें करनी चाहिए.’
इसके अलावा उन्होंने कहा है कि लोकसभा में स्पीकर सदन के संरक्षक होते हैं. इसलिए उनका फैसला मान्य है. उन्होंने हर पहलू पर विचार करने के बाद यह फैसला लिया है. उनका निर्णय अंतिम है.
2031 विधानसभा चुनाव अभी दूर है: ऋतब्रत
इसके अलावा उन्होंने कहा, ‘2031 अभी बहुत दूर है. पहले 2029 आएगा. तब उन्हें लोकसभा चुनाव लड़ना होगा, और जनता असलियत देख चुकी है. जीतने की बात करने से पहले, उन्हें चुनाव लड़ना चाहिए और अपनी जमानत राशि (सिक्योरिटी डिपॉजिट) बचानी चाहिए. पहले उन्हें अपनी जमानत तो बचाने दें, फिर हम 2031 के बारे में सोच सकते हैं. उनमें अहंकार की कोई कमी नहीं है. अगर कोई कानूनी शिकायत है, तो कोर्ट जाएं. अगर कोई अथॉरिटी आपकी किसी चीज को यह कहकर गिरा रही है कि वह गैर-कानूनी है, जबकि असल में ऐसा नहीं है, तो आगे बढ़ें और कोर्ट में न्याय मांगें.’
FIFA वर्ल्ड कप फाइनल पर क्या बोले?
ऋतब्रता ने कहा, ‘मेरा वर्ल्ड कप ब्राजील के साथ शुरू होता है और ब्राजील के साथ ही खत्म होता है. इसलिए, मेरे लिए वर्ल्ड कप खत्म हो चुका है.
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