भारतीय शेयर बाजार में सोमवार का कारोबारी दिन काफी खास रहने वाला है। देश के बड़े मेटल और माइनिंग ग्रुप वेदांता की बहुप्रतीक्षित डीमर्जर प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। इसके तहत वेदांता लिमिटेड से अलग हुई चार नई कंपनियां 15 जून से शेयर बाजार में स्वतंत्र रूप से कारोबार शुरू करेंगी। इस कदम के बाद वेदांता ग्रुप की कुल पांच कंपनियां शेयर बाजार में लिस्टेड हो जाएंगी। निवेशकों और मार्केट एक्सपर्ट की नजर खासतौर पर इन नए शेयरों के प्रदर्शन पर रहेगी।
डीमर्जर के बाद जिन चार कंपनियों की अलग पहचान बनेगी, उनमें वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड, वेदांता पावर लिमिटेड, वेदांता एल्युमिनियम मेटल लिमिटेड और वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड शामिल हैं। वहीं मूल कंपनी वेदांता लिमिटेड पहले की तरह शेयर बाजार में ट्रेड होती रहेगी। कंपनी का कहना है कि अलग-अलग बिजनेस को स्वतंत्र रूप से संचालित करने से निवेशकों को प्रत्येक सेक्टर की वास्तविक क्षमता और वैल्यू का बेहतर फायदा मिलेगा।
वेदांता ऑयल एंड गैस पर सबसे ज्यादा फोकस
नई कंपनियों में सबसे अधिक चर्चा वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड की हो रही है। यह कंपनी VOGL नाम से ट्रेड करेगी और मशहूर Cairn ब्रांड के तहत अपना कारोबार चलाएगी। भारत में तेल और गैस की बढ़ती मांग को देखते हुए इस कंपनी को भविष्य के बड़े ग्रोथ इंजन के रूप में देखा जा रहा है। कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2028-29 तक अपना उत्पादन 1.5 लाख बैरल प्रतिदिन से ऊपर पहुंचाना है।
44 ब्लॉक और 1.4 अरब बैरल का विशाल भंडार
वेदांता ऑयल एंड गैस के पास राजस्थान, गुजरात, आंध्र प्रदेश और असम समेत कई राज्यों में कुल 44 तेल एवं गैस ब्लॉक हैं। कंपनी के पास लगभग 1.4 अरब बैरल ऑयल इक्विवेलेंट का संसाधन भंडार मौजूद है, जो इसे देश की सबसे बड़ी निजी तेल और गैस कंपनियों में शामिल करता है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस कैसा रहा?
हालांकि हालिया फाइनेंशियल नतीजों में कुछ दबाव देखने को मिला है। वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में कंपनी का राजस्व 3 फीसदी घटकर 2,583 करोड़ रुपये रहा। वहीं EBITDA में 12 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और यह 1,065 करोड़ रुपये पर आ गया। पूरे साल के आधार पर भी कंपनी के रेवेन्यू और मुनाफे में कुछ कमी देखने को मिली है। हालांकि हाल के नतीजों में कंपनी की कमाई और मुनाफे में थोड़ी गिरावट देखने को मिली है, लेकिन निवेशकों को भरोसा है कि कंपनी के बड़े कारोबार और भविष्य की विस्तार योजनाओं की वजह से आने वाले समय में अच्छा फायदा मिल सकता है।


