Thursday, September 17, 2026
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US फेडरल रिजर्व का बड़ा फैसला, ब्याज दरों में 0.25% की बढ़ोतरी; 2023 के बाद पहली बार बढ़ी दरें


अमेरिकी अर्थव्यवस्था और दुनिया के वित्तीय बाजारों के लिए बुधवार देर रात को बड़ा फैसला आया है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। 2023 के बाद यह पहली बार है जब फेड ने दरों में इजाफा किया है। महंगाई के लगातार ऊंचे स्तर को देखते हुए फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) ने यह फैसला लिया। अब अमेरिका में फेडरल फंड्स रेट बढ़कर 3.75% से 4% के दायरे में पहुंच गई है।

फेड के सामने सबसे बड़ी चुनौती अभी भी महंगाई है। अगस्त में अमेरिका की उपभोक्ता महंगाई दर 3.4 फीसदी रही, जो जुलाई के बराबर है। हालांकि इसमें कोई बढ़ोतरी नहीं हुई, लेकिन यह फेड के 2 फीसदी के लक्ष्य से काफी ऊपर बनी हुई है। फेड ने अपने बयान में कहा कि आर्थिक गतिविधियां मजबूत गति से बढ़ रही हैं। घरेलू खर्च भी मजबूत बना हुआ है, जबकि प्रोडक्टिविटी और कैपिटल इन्वेस्टमेंट में भी मजबूती देखी जा रही है। ऐसे में महंगाई को कंट्रोल करने के लिए केंद्रीय बैंक ने ब्याज दर बढ़ाने का फैसला किया।

एनर्जी और टैरिफ से भी बढ़ा दबाव

अमेरिका में महंगाई पर कई कारणों का असर देखने को मिल रहा है। मध्य पूर्व में बढ़े तनाव के कारण ऊर्जा कीमतों में तेजी आई है। इसके अलावा अमेरिकी टैरिफ नीतियों और मजबूत मांग ने भी कीमतों पर दबाव बढ़ाया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI से जुड़े निवेश और उससे पैदा हुई मजबूत मांग को भी महंगाई के दबाव के एक कारण के तौर पर देखा जा रहा है। इससे फेड के सामने महंगाई को 2 फीसदी के लक्ष्य तक लाने की चुनौती बनी हुई है।

फेड के फैसले पर 12-0 वोट

ब्याज दर बढ़ाने का फैसला 12-0 के वोट से लिया गया। फेड ने संकेत दिया कि उसका लक्ष्य महंगाई को कंट्रोल करते हुए अर्थव्यवस्था में कीमतों की स्थिरता बनाए रखना है। हालांकि आगे कितनी बार दरों में बदलाव होगा, यह आने वाले आर्थिक आंकड़ों और महंगाई की स्थिति पर निर्भर करेगा।

भारत पर क्या असर पड़ सकता है?

अमेरिका की ब्याज दरों में बढ़ोतरी का असर दुनिया के दूसरे बाजारों पर भी देखने को मिल सकता है। भारत में इसका असर शेयर बाजार, विदेशी निवेश और रुपये की चाल पर पड़ सकता है। ऊंची अमेरिकी दरें अक्सर निवेशकों को अमेरिकी एसेट्स की ओर आकर्षित कर सकती हैं, जिससे उभरते बाजारों से विदेशी कैपिटल के फ्लो पर दबाव आ सकता है।

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