देश की दो बड़ी दोपहिया वाहन निर्माता कंपनियों TVS Motor और Bajaj Auto ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में शानदार प्रदर्शन कर ऑटो सेक्टर को नई ऊर्जा दी है। दोनों कंपनियों ने रिकॉर्ड रेवेन्यू और मुनाफा दर्ज किया है। घरेलू बाजार में मजबूत मांग, जीएसटी राहत और निर्यात में तेज बढ़ोतरी की बदौलत कंपनियों ने उम्मीद से बेहतर नतीजे पेश किए हैं। हालांकि, कंपनियों ने मानसून और बढ़ती महंगाई जैसे जोखिमों पर भी चिंता जताई है।
TVS मोटर ने पहली तिमाही में शानदार वित्तीय नतीजे पेश किए। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 34% बढ़कर 16,453 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं, शुद्ध मुनाफा 65% की छलांग लगाकर 1,057 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी के सीईओ के.एन. राधाकृष्णन ने कहा कि जीएसटी में राहत, आयकर से जुड़े लाभ और ग्राहकों की बेहतर खरीद क्षमता के कारण बाजार में मांग मजबूत बनी हुई है। उनका मानना है कि जुलाई, अगस्त और सितंबर में भी यही रफ्तार जारी रह सकती है।
बजाज ऑटो ने भी दिखाई दमदार कमाई
बजाज ऑटो ने भी पहली तिमाही में बेहतरीन प्रदर्शन किया। कंपनी का रेवेन्यू 65% बढ़कर 21,688 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि शुद्ध मुनाफा 44% बढ़कर 3,188 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी के संयुक्त प्रबंध निदेशक राकेश शर्मा ने कहा कि यह तिमाही आसान नहीं थी। महंगाई, सप्लाई चेन की दिक्कतें और पश्चिम एशिया में तनाव के कारण लॉजिस्टिक्स पर असर पड़ा, लेकिन इसके बावजूद कंपनी ने मजबूत बिक्री दर्ज की।
घरेलू और विदेशी बाजार से मिला बड़ा सहारा
बजाज ऑटो ने पहली तिमाही में 12.2 लाख दोपहिया वाहन बेचे। घरेलू बिक्री 11% बढ़कर करीब 5.86 लाख यूनिट रही, जबकि निर्यात 52% बढ़कर 6.36 लाख यूनिट पहुंच गया। वहीं TVS मोटर की घरेलू बिक्री 27% बढ़कर 14.2 लाख यूनिट रही और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बिक्री 33% बढ़कर 4.7 लाख यूनिट हो गई। दोनों कंपनियों का कहना है कि विदेशी बाजारों में लगातार बढ़ती मांग उनके कारोबार को नई मजबूती दे रही है।
इलेक्ट्रिक व्हीकल और उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर फोकस
दोनों कंपनियां अब भविष्य की मांग को देखते हुए उत्पादन क्षमता बढ़ा रही हैं। बजाज ऑटो अगले कुछ तिमाहियों में अपनी कुल उत्पादन क्षमता 70 लाख से बढ़ाकर 90 लाख यूनिट करने की तैयारी में है। इसमें पेट्रोल बाइक, इलेक्ट्रिक वाहन और थ्री-व्हीलर सभी शामिल होंगे। दूसरी ओर TVS मोटर अपने इलेक्ट्रिक स्कूटरों की मासिक उत्पादन क्षमता 40 हजार से बढ़ाकर 50 हजार यूनिट करने जा रही है। कंपनी लैटिन अमेरिका और एशियाई देशों में भी अपनी मौजूदगी मजबूत करने की प्लानिंग पर काम कर रही है।
इनपुट- PTI


