वॉशिंगटन डीसी48 मिनट पहले
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UFC फाइट व्हाइट हाउस के लॉन में हो रही है। इसमें प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प और UFC CEO डाना व्हाइट मौजूद हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प रविवार को व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में UFC मुकाबलों के साथ अपना 80वां जन्मदिन मना रहे हैं। UFC ने इस आयोजन पर करीब 6 करोड़ डॉलर (567 करोड़ भारतीय रुपए) खर्च किए हैं। इस वजह से ये अब तक का सबसे महंगा UFC आयोजन माना जा रहा है।
इस फाइट कार्ड में कुल 7 मुकाबले होने हैं। अब तक 5 मुकाबले हो चुके हैं। मेन फाइट लाइटवेट चैंपियन इलिया टोपुरिया और अंतरिम चैंपियन जस्टिन गेथजे के बीच होनी है। मुकाबले देखने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, उनकी सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी, खास मेहमान और हजारों सैन्यकर्मी मौजूद हैं।
पहले मुकाबले में बो निकल ने पहले ही राउंड में काइल डाउकस को नॉकआउट कर दिया। उन्होंने एक जोरदार लेफ्ट हुक और राइट पंच से प्रतिद्वंद्वी को गिराया, जिसके बाद रेफरी ने मुकाबला रोक दिया।
जीत के तुरंत बाद बो निकल रिंग से बाहर आए और सीधे राष्ट्रपति ट्रम्प के पास पहुंचे। दोनों ने हाथ मिलाया और कुछ देर बातचीत की। इस इवेंट में करीब 4300 लोग मौजूद हैं। दूसरी तरफ, 85 हजार लोगों के लिए अलग फैन जोन बनाया गया है।
UFC फाइट से जुड़ी 6 तस्वीरें…

UFC मुकाबले में नॉकआउट जीतने के बाद शॉन ओ’मैली ने राष्ट्रपति ट्रम्प से बात की।

UFC फ्रीडम 250 में काइल डाउकस को हराने के बाद जीत का जश्न मनाते अमेरिकी फाइटर बो निकल। वे जीत के बाद तुरंत ट्रम्प से हाथ मिलाने पहुंचे।

मैच शुरू होने से पहले व्हाइट हाउस बालकनी में राष्ट्रपति ट्रम्प और UFC CEO डाना व्हाइट।

ट्रम्प और उनकी पत्नी मेलानिया UFC मुकाबला देखते हुए।

फाइटिंग एरिया में करीब 92 फीट ऊंचे आर्क (क्लॉ) भी बनाए गए। इनका वजन करीब 600 टन है।

UFC फाइट मुकाबले व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में आयोजित किए गए। फेदरवेट मुकाबले में ब्राजील के डिएगो लोपेस और अमेरिका के स्टीव गार्सिया।
ट्रम्प ने कहा- यह धरती का सबसे बड़ा शो
अमेरिका के कई अधिकारियों और खुद ट्रम्प ने आयोजन की तारीफ की है। ट्रम्प ने इसे ‘धरती का सबसे बड़ा शो’ बताया और ‘क्लॉ’ की तुलना पेरिस के एफिल टॉवर से की। वहीं विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने UFC को अमेरिका की सॉफ्ट डिप्लोमैटिक पावर बताया।
इस इवेंट में कुल 14 फाइटर हिस्सा लेंगे। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस आयोजन का सबसे बड़ा फायदा UFC ब्रांड को मिल सकता है। एक समय ऐसा था, जब इस खेल को प्रायोजकों और कई आयोजकों ने स्वीकार नहीं किया था। एक अमेरिकी सीनेटर ने इसे कभी ‘मानव मुर्गा लड़ाई’ तक कहा था। अब यही खेल व्हाइट हाउस तक पहुंच गया है।
33 साल पहले शुरू हुआ था UFC का सफर
अल्टीमेट फाइटिंग चैम्पियनशिप (UFC) आज दुनिया की सबसे बड़ी मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) लीग है। इसकी शुरुआत 1993 में अमेरिका में हुई थी।
उस दौर में बॉक्सिंग, कराटे, कुश्ती और ब्राजीलियन जिउ-जित्सु जैसी अलग-अलग फाइटिंग शैलियों के समर्थक अपनी-अपनी तकनीक को सबसे प्रभावी बताते थे। इस पर काफी बहस होती थी कि असली मुकाबले में कौन-सा मार्शल आर्ट सबसे ज्यादा कारगर साबित होगा।
इसी सवाल का जवाब तलाशने के लिए UFC का पहला टूर्नामेंट आयोजित किया गया। इसमें ब्राजीलियन जिउ-जित्सु विशेषज्ञ रॉयस ग्रेसी चैंपियन बने।
ग्रेसी शारीरिक रूप से कई प्रतिद्वंद्वियों से छोटे और हल्के थे, लेकिन उन्होंने अपनी तकनीक के दम पर बड़े और ताकतवर फाइटर्स को हराकर सबको चौंका दिया।
समय के साथ खेल का स्वरूप भी बदल गया। अब फाइटर्स सिर्फ एक शैली पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि बॉक्सिंग, रेसलिंग, जूडो, कराटे, ताइक्वांडो, जिउ-जित्सु और किक बॉक्सिंग जैसी कई तकनीकों को मिलाकर मुकाबला करते हैं। यही वजह है कि इसे आज ‘मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स’ कहा जाता है।

अमेरिका की आजादी के 250 साल पूरे हो रहे
अमेरिका इस साल अपनी आजादी के 250 साल पूरे करने जा रहा है। अमेरिका जुलाई 1776 में ब्रिटेन से स्वतंत्र हुआ था।
आजादी के जश्न की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। पूरे देश में एक साल से ज्यादा समय तक चलने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है। UFC इवेंट भी इसी जश्न का हिस्सा है, जिसे ट्रम्प प्रशासन प्रमुख आकर्षण के तौर पर पेश कर रहा है।
अमेरिका की स्थापना का आधार माने जाने वाले ‘डिक्लेरेशन ऑफ इंडिपेंडेंस’ पर 4 जुलाई 1776 को हस्ताक्षर हुए थे। इसी की 250वीं सालगिरह के मौके पर देशभर में परेड, प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम और बड़े सार्वजनिक समारोह आयोजित किए जाएंगे।
व्हाइट हाउस ने ‘टास्क फोर्स 250’ बनाई है, जो संघीय सरकार, राज्यों, निजी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर आयोजन कर रही है।



