भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना के मानदंडों में अहम बदलाव किया है। इसके तहत लोन मंजूर करने और चुकाने के कार्यक्रमों में एकरूपता लाने के मकसद से फसल सीजन की परिभाषा को एक जैसा किया गया है। आरबीआई (वाणिज्यिक बैंक–केसीसी योजना) निर्देश 2026 अगले साल जनवरी से लागू होंगे। केंद्रीय बैंक ने कहा कि ये निर्देश केसीसी योजना के तहत बैंक प्रणाली से पर्याप्त और समय पर लोन सहायता की रूपरेखा तैयार करने के लिए जारी किए जा रहे हैं।
आरबीआई ने मानदंडों में बदलाव के पीछे क्या कारण बताया
भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि मानदंडों में इस बदलाव का उद्देश्य खेती और उससे जुड़े कामों में लगे कर्जदारों की कार्यशील पूंजी और निवेश ऋण से जुड़ी जरूरतों को पूरा करना है। फसल मौसम की परिभाषा को ‘आय पहचान और संपत्ति वर्गीकरण’ (IRC) नियमों के अनुरूप बनाने के लिए संशोधित किया गया है। निर्देशों के अनुसार, ”केसीसी योजना के उद्देश्य से अल्पावधि फसलों के लिए फसल मौसम की अवधि 12 महीने और दीर्घावधि फसलों के लिए 18 महीने निर्धारित की जाएगी।” फसल मौसम का मतलब फसल की बुवाई से लेकर उसकी कटाई और विपणन तक की अवधि से है।
फरवरी में आम जनता से मांगे गए थे सुझाव
केंद्रीय बैंक ने फरवरी में संशोधित केसीसी योजना पर मसौदा निर्देश जारी कर आम जनता और संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे थे। आरबीआई ने बिना जमानत वाले लोन की सीमा बढ़ाने संबंधी सुझावों को अस्वीकार करते हुए कहा कि ये सीमा दिसंबर 2024 में ही बढ़ाई जा चुकी है और फिलहाल इसमें और बढ़ोतरी करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। हालांकि, दो लाख रुपये तक के कृषि लोन के लिए स्वेच्छा से सोना या चांदी गिरवी रखना कृषि क्षेत्र में बिना गारंटी ऋण संबंधी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन नहीं माना जाएगा।
क्या है किसान क्रेडिट कार्ड योजना
बताते चलें कि भारत सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए धन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड स्कीम की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत, किसानों को खेती, पशुपालन, मछली पालन से जुड़े काम करने के लिए किफायती ब्याज दरों पर लोन उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना के तहत, एक तय लिमिट तक के लोन के लिए किसानों को किसी भी तरह की संपत्ति को गिरवी रखने की जरूरत नहीं होती है।


