Tuesday, August 4, 2026
Homeव्यापारOld Monk, Bagpiper और RC समेत कई शराबों की बिक्री पर लगा बैन,...

Old Monk, Bagpiper और RC समेत कई शराबों की बिक्री पर लगा बैन, लेकिन क्यों?


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

  • मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र में इनकी बिक्री पर रोक लगी.

Liquor Brands Banned: फूड सेफ्टी रेगुलेटर FSSI (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) ने ओल्ड मोंक, एंटीक्विटी ब्लू व्हिस्की, रॉयल चैलेंज व्हिस्की और बैगपाइपर डीलक्स व्हिस्की जैसे कई नामी-गिरामी शराब के ब्रांड्स के कुछ वैरिएंट्स की बिक्री पर रोक लगा दी है. यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि इनमें ऐसे आर्टिफिशियल फ्लेवर पाए गए जो तय मैन्युफैक्चरिंग स्टैंडर्ड्स के मुताबिक नहीं थे. 

फ़ूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने कहा कि उसकी जांच में पाया गया कि डियाजियो इंडिया की यूनाइटेड स्पिरिट्स, इनब्रू बेवरेजेज और मोहन रॉकी स्प्रिंगवॉटर द्वारा बनाए गए कुछ प्रोडक्ट्स में शराब जैसा स्वाद और खुशबू लाने के लिए बाहरी आर्टिफिशियल या नेचर-आइडेंटिकल फ्लेवर का इस्तेमाल किया गया था, जबकि इसके लिए प्राकृतिक सामग्री और सही तरीके से मैच्योर करने की प्रक्रिया का इस्तेमाल किया जाना चाहिए था.

किन जगहों पर रोकी जा रही बिक्री?

रेगुलेटर ने मध्य प्रदेश में यूनाइटेड स्पिरिट्स की बनाई एंटीक्विटी ब्लू व्हिस्की और रॉयल चैलेंज व्हिस्की, इनब्रू बेवरेजेज की बनाई बैगपाइपर डीलक्स व्हिस्की और ओल्ड कास्क डीलक्स XXX रम की बिक्री पर रोक लगाई है. इसके अलावा, महाराष्ट्र में मोहन रॉकी स्प्रिंगवॉटर की बनाई ओल्ड मोंक के तीन वैरिएंट पर प्रतिबंध लागू किया गया है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अभी यह साफ नहीं है कि यह कार्रवाई सिर्फ इन्हीं खास जगहों पर बने प्रोडक्ट्स पर लागू होगी या दूसरी जगहों पर बने इन्हीं ब्रांड्स पर भी. 

लैब में हुआ चौंकानेवाला खुलासा

रेगुलेटर के मुताबिक, भारत में खाद्य सुरक्षा नियम शराब वाले ड्रिंक्स में प्राकृतिक फ्लेवरिंग पदार्थों के इस्तेमाल की इजाजत देते हैं. हालांकि, FSSAI के लैब में खुलासा हुआ है कि कंपनियां कुछ ब्रांड्स के शराब में उसकी फ्लेवर मिला रही हैं जैसे कि रम में रम का फ्लेवर या व्हिस्की में व्हिस्की का फ्लेवर. भारतीय नियमों के तहत इस तरह के फ्लेवर का इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं है. 

भारत में शराब के शौकीन कई

भारत दुनिया के सबसे बड़े शराब बाजारों में से एक है, जहां इंडस्ट्री का सालाना रेवेन्यू लगभग 40 अरब डॉलर होने का अनुमान है. मार्केट शेयर के हिसाब से, यूनाइटेड स्पिरिट्स के जरिए डियाजियो इंडिया देश की सबसे बड़ी शराब कंपनी है और यह फ्रांसीसी स्पिरिट कंपनी पेरनोड रिकार्ड को टक्कर देती है. FSSAI की कार्रवाई के दायरे में आने वाले ब्रांड की शराबें देश में बनी हुई हैं इसलिए इनकी कीमत इम्पोर्टेड व्हिस्की, स्कॉच और प्रीमियम रम के मुकाबले कम है इसलिए इन्हें पिया भी ज्यादा जाता है. यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब FSSAI खाने-पीने की इन दिनों सख्ती से जांच में लगी हुई है. 

ये भी पढ़ें:

हल्दीराम का लंदन वाला रेस्टोरेंट 25 दिन में हुआ बंद, सामने आई बड़ी वजह 



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments