Monday, June 22, 2026
Homeशिक्षाNEET Re-Exam 2026 : 22.79 लाख स्टूडेंट्स, 1.29 लाख MBBS सीटें... 1...

NEET Re-Exam 2026 : 22.79 लाख स्टूडेंट्स, 1.29 लाख MBBS सीटें… 1 सीट पर 18 दावेदार, जानें कितना मुश्किल है डॉक्टर बनना?


NEET Re-Exam 2026: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 का री-एग्जाम आज 21 जून 2026 को आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 22.79 लाख से ज्यादा छात्र हिस्सा ले रहे हैं. पेपर लीक विवाद के बाद NTA के लिए परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से कराना बड़ी चुनौती बन गया है. इसी कारण परीक्षा से पहले देशभर में मॉक ड्रिल कर सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की गई. पुलिस, प्रशासन और NTA की टीमें यह तय करने में जुटी हैं कि परीक्षा के दौरान नकल, फर्जीवाड़ा या पेपर लीक जैसी कोई घटना न हो.

देशभर में मेडिकल कॉलेजों में MBBS की कुल 1.29 लाख सीटें उपलब्ध हैं, जिसके कारण कॉम्पिटिशन काफी कड़ा है. आंकड़ों के अनुसार एक MBBS सीट के लिए औसतन 18 छात्र दावेदारी कर रहे हैं, जिससे डॉक्टर बनने की राह पहले से ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गई है. ऐसे में आइए जानते हैं कि डॉक्टर बनना कितना मुश्किल है. 

565 शहरों में होगी परीक्षा, 22.79 लाख स्टूडेंट्स देंगे एग्जाम

NEET-UG 2026 री-एग्जाम के लिए देशभर में कुल 22.79 लाख से ज्यादा छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया है. इनमें करीब 13.33 लाख छात्राएं और 9.47 लाख छात्र शामिल हैं. पहली परीक्षा में लगभग 22.05 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे. यह परीक्षा भारत के 551 और विदेश के 14 शहरों समेत कुल 565 शहरों में आयोजित की जा रही है. इतने बड़े स्तर पर होने वाली इस परीक्षा को देश की सबसे बड़ी मेडिकल एडमिशन परीक्षाओं में से एक माना जाता है.

यह भी पढ़ें – NEET री-एग्जाम को लेकर NTA तैयार, तैनात किए 6700 ऑब्जर्वर, हर सेंटर पर 40 से 50 पुलिसकर्मी

डॉक्टर बनना कितना मुश्किल है?

करियर काउंसलिंग एक्सपर्ट के अनुसार, देश में इस समय कुल 823 मेडिकल कॉलेज हैं, जहां MBBS की 1,29,603 सीटें उपलब्ध हैं. इनमें 450 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 63,160 सीटें हैं, जबकि 373 प्राइवेट और डीम्ड मेडिकल कॉलेजों में 66,443 सीटें मौजूद हैं. हालांकि ज्यादातर छात्र कम फीस के कारण सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश पाने की कोशिश करते हैं, जिसके चलते वहां कॉम्पिटिशन काफी ज्यादा रहता है. NEET-UG 2026 में MBBS सीटों के लिए मुकाबला बेहद कड़ा है.

कुल 22.79 लाख से ज्यादा रजिस्टर्ड उम्मीदवारों और 1.29 लाख MBBS सीटों को देखें तो औसतन एक सीट के लिए करीब 18 छात्र कॉम्पिटिशन कर रहे हैं. वहीं सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीटें सीमित होने और फीस कम होने के कारण ज्यादातर छात्रों की पहली पसंद सरकारी कॉलेज ही होते हैं. यही वजह है कि सरकारी MBBS सीटों के लिए कॉम्पिटिशन और भी ज्यादा मुश्किल हो जाता है, जहां एक सीट के लिए औसतन 36 उम्मीदवार दावेदारी कर रहे हैं. 

यह भी पढ़ें – राजस्थान की नौकरियों की रीढ़ है RPSC, जानिए इसकी स्थापना की कहानी

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments