Monday, June 22, 2026
Homeव्यापारITR Filing: PAN से TDS तक, फॉर्म 16 मिलते ही आईटीआर फाइल...

ITR Filing: PAN से TDS तक, फॉर्म 16 मिलते ही आईटीआर फाइल करने की न करें जल्दबाजी, चेक करें जरूरी बातें


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

  • फॉर्म 16 के अलावा अन्य आय भी रिपोर्ट करें।

ITR Filing: आमतौर पर सैलरी कर्मचारी के लिए फॉर्म 16 बड़ा अहम होता है. ज्यादातर लोग हर साल फॉर्म 16 संदेश मिलने पर राहत की सांस लेते है. इसमें हमारी सैलरी का हिसाब, टैक्स कटौती और कर्मचारी की ओर से गणित तैयार किया जाता है और हमें लगता है कि सही दस्तावेज़ अपलॉड के साथ हमारा आसानी से ITR फाइल हो गया है. लेकिन यह भाव महंगा साबित हो सकता है. असल में टैक्सपेयरों को आम गलतियों के बारे में समझना होगा. जिसमें कुछ यह मौजूद है. 

फ़ॉर्म 16 पढ़ना ही काफी नहीं समझना भी जरूरी 

सबसे दिलचस्प बात यह कि कई कर्मचारी फ़ॉर्म 16 को एक ही दस्तावेज़ मानते हैं, लेकिन असल में ऐसा नहीं है.  एक्सपर्ट मृणाल मेहता के अनुसार, टैक्सपेयर्स को फ़ॉर्म 16 को दो अलग-अलग दस्तावेज़ों के तौर पर देखना चाहिए. ‘पार्ट A, टरेसिस पोर्टल से जेनरेट हुआ टीडीएस सर्टिफ़िकेट है, जबकि पार्ट B एम्प्लॉयर की ओर से तैयार किया गया एक बाध्यकारी है. जिसमें सैलरी की जानकारी और टैक्स की गणना का हिसाब होता है’.

इस साल 1.65 लाख करोड़पति छोड़ रहे हैं अपना देश, वजह भी जान लीजिए, ये देश होंगे नया ठिकाना

PAN, असेसमेंट ईयर और सैलरी के आंकड़ों की जांच

यह सुनने में बड़ा सरल लग सकता है लेकिन जानकारों के मुताबिक,  यह उपभोक्ताओं की ओर से नजरअंदाज किए जाना वाला विषय है.  एक्सपर्ट अनीता बसुर ने कहा कि कर्मचारियों को यह जांच लेना चाहिए कि पैन, असेसमेंट ईयर, ग्रॉस सैलरी और टीडीएस के आंकड़े सही-सही दिख रहे हैं या नहीं. मिसाल के तौर पर रिटर्न फाइल करने के बाद आपको पता चले कि आपका PAN गलत दर्ज हो गया था. हो सकता है कि आपके एम्प्लॉयर की ओर से काटा गया टैक्स आपके अकाउंट से ठीक से लिंक न हो पाए, जिससे आपके टैक्स क्रेडिट पर असर पड़ सकता है.

TDS न सिर्फ़ कटा हो, बल्कि जमा हो सुनिश्तित करें 

बेहद महत्वपूर्ण बात कि कई टैक्सपेयर सिर्फ़ यह देखते हैं कि उनकी सैलरी से टैक्स काटा गया है या नहीं. हालांकि, जानकारों का कहना है कि ज़्यादा ज़रूरी सवाल यह है कि क्या एम्प्लॉयर ने वह टैक्स सरकार के पास जमा किया है या नहीं. साथ ही अगर TDS काटा तो गया है लेकिन जमा नहीं किया गया है, तो उसका क्रेडिट ‘फॉर्म 26AS’ में नहीं दिखेगा.  इसका मतलब है कि टैक्सपेयर रिटर्न भरते समय उसका क्लेम नहीं कर पाएगा. 

उस आय को न भूलें जो फ़ॉर्म 16 में नहीं दिखती है

मेहता ने कहा, यह शायद सैलरी कर्मचारियों के बीच सबसे बड़ी गलतफहमी है. कई लोग मानते हैं कि यदि फॉर्म 16 सही है, तो रिटर्न पूरा हो गया है. लेकिन ऐसा बिल्कुल भी ज़रूरी नहीं है. आगे कहा ‘फॉर्म 16 सैलरी और TDS का सर्टिफ़िकेट है, न कि पूरी इनकम का स्टेटमेंट’. ऐसे में सेविंग्स अकाउंट, फिक्स्ड डिपॉज़िट, डिविडेंड, कैपिटल गेन्स, फ्रीलांस काम या साइड गिग्स से होने वाली इनकम फॉर्म 16 में नहीं दिख सकती है, क्योंकि एम्प्लॉयर को इन कमाई के बारे में जानकारी नहीं होती है. 

निवेश पर PM मोदी का ऐलान, मिलेंगे 3.5 लाख रुपए? आपके पास भी आ गया मैसेज तो सावधान!



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments