तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी6 घंटे पहले
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हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने शनिवार को सऊदी अरब के जजान स्थित सऊदी अरामको रिफाइनरी पर 3 बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है। जजान रिफाइनरी को सऊदी अरब की पांचवीं सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी माना जाता है।
इसकी क्षमता प्रतिदिन करीब 4 लाख बैरल कच्चे तेल को प्रोसेस करने की है। यह लाल सागर के किनारे स्थित होने के कारण सऊदी अरब के ऊर्जा और तेल निर्यात नेटवर्क का अहम हिस्सा है।
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब सऊदी अरब ने हाल ही में यमन में हूती ठिकानों पर हवाई हमले किए थे। इसके जवाब में हूतियों ने सऊदी के एनर्जी एन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने का दावा किया है।
हमले के बाद सोशल मीडिया पर रिफाइनरी से आग और धुएं के वीडियो सामने आए हैं। हालांकि, अभी तक सऊदी सरकार या अरामको ने रिफाइनरी पर सीधे मिसाइल लगने या किसी बड़े नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
हूती हमले से जुड़ीं 3 फुटेज



पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स…
1. नेतन्याहू अमेरिका जाएंगे, जंग के बाद पहली बार ट्रम्प से मुलाकात: इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सोमवार को अमेरिका रवाना होंगे। वह राष्ट्रपति ट्रम्प से मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं की यह मुलाकात ईरान जंग शुरू होने के बाद पहली बार होगी।
2. कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार: ईरान-अमेरिका में लगातार बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में फिर तेज उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड का भाव मई के बाद पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया है।
3. कुवैत में 3 अमेरिकी ठिकानों पर हमला: ईरान ने शुक्रवार को कुवैत में मौजूद अमेरिका के तीन सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमला किया है। इसमें कैंप अरिफजान, कैंप दोहा और कैंप अदैरी को निशाना बनाया गया।
4. ट्रम्प बोले- चीन-रूस जंग में आए तो अंजाम बुरा होगा: ट्रम्प ने धमकी दी है कि अगर रूस-चीन ने ईरान युद्ध में दखल दिया तो इसके गंभीर नतीजे होंगे और यह उनके लिए अच्छा नहीं होगा।
5. होर्मुज में 28 क्रू मेंबर्स वाले LPG टैंकर पर हमला: ईरान के जलक्षेत्र में एक LPG टैंकर पर हमला हुआ। मोजाम्बिक के झंडे वाला यह टैंकर दिशा 28 भारतीय चालक दल के सदस्यों को लेकर जा रहा था। भारतीय दूतावास ने पुष्टि की है कि सभी भारतीय सुरक्षित हैं।
ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
लाइव अपडेट्स
05:02 PM25 जुलाई 2026
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रिपोर्ट: ईरान बैलिस्टिक मिसाइलों को लगातार अपग्रेड कर रहा है

द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान अपनी ‘खैबर शेकन’ बैलिस्टिक मिसाइल को लगातार अपग्रेड कर रहा है ताकि वह दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को आसानी से चकमा दे सके।
रिपोर्ट के मुताबिक, लगभग 1,450 किलोमीटर तक मार करने वाली यह मिसाइल इजराइल और खाड़ी के कई देशों तक पहुंच सकती है। इसका एक बड़ा फायदा यह है कि इसे कम समय में तैनात और लॉन्च किया जा सकता है, जिससे इसे दुश्मन के हवाई हमलों से बचाना आसान हो जाता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, हाल के हफ्तों में ईरान ने क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर हमलों के दौरान इस मिसाइल का इस्तेमाल किया है।
05:01 PM25 जुलाई 2026
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दावा: ट्रम्प ने शुक्रवार रात को ईरान पर हमला टाला

इजराइली न्यूज वेबसाइट Ynet की रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइल को उम्मीद थी कि शुक्रवार रात अमेरिका ईरान पर बड़ा सैन्य हमला कर सकता है। हालांकि बाद में ट्रम्प ने यह कार्रवाई टाल दी है, ताकि ईरान को समझौते के लिए और समय दिया जा सके।
रिपोर्ट में कहा गया है कि कतर और ओमान ने भी ईरान पर अपना रुख नरम करने का दबाव बनाया, ताकि अमेरिका की संभावित बड़े पैमाने की सैन्य कार्रवाई को टाला जा सके।
04:58 PM25 जुलाई 2026
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रिपोर्ट: मुजतबा परमाणु हथियार बनाने के पक्ष में

अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का आकलन है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई अपने पिता की तुलना में परमाणु हथियार विकसित करने के पक्ष में ज्यादा झुकाव रखते हैं।
न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह आकलन मौजूदा युद्ध शुरू होने से पहले तैयार किया गया था और इसमें कई खुफिया स्रोतों का इस्तेमाल किया गया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पश्चिमी देशों की खुफिया एजेंसियां लंबे समय से ईरान के इस दावे पर संदेह जताती रही हैं कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण है। वहीं, इजराइल का आरोप है कि ईरान पिछले कुछ वर्षों में परमाणु हथियार बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा चुका है।
अमेरिकी आकलन के मुताबिक, ईरान के भीतर अब ऐसे गुटों का प्रभाव बढ़ रहा है जो मानते हैं कि भविष्य में किसी भी सैन्य हमले को रोकने के लिए देश के पास परमाणु प्रतिरोधक क्षमता (न्यूक्लियर डिटरेंस) होना जरूरी है।
01:58 PM25 जुलाई 2026
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रिपोर्ट: ईरान के समृद्ध यूरेनियम पर कब्जे के लिए अमेरिका ऑपरेशन शुरू कर सकता है
न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका, ईरान के परमाणु ठिकानों से समृद्ध (एनरिच्ड) यूरेनियम को अपने कब्जे में लेने के लिए बड़े पैमाने पर स्पेशल ऑपरेशन चलाने पर विचार कर रहा है।
रिपोर्ट में सैन्य योजना से जुड़े एक सूत्र और विशेषज्ञों के हवाले से कहा गया है कि इस अभियान के लिए हजारों सैनिकों की जरूरत पड़ सकती है। उनका काम परमाणु ठिकानों को सुरक्षित करना, वहां लगाए गए संभावित विस्फोटकों को निष्क्रिय करना और यूरेनियम को सुरक्षित बाहर निकालने के रास्ते की सुरक्षा करना होगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, यूरेनियम को बाहर निकालने का काम एक छोटी स्पेशल फोर्स टीम करेगी। एक विशेषज्ञ ने इसे सैन्य इतिहास के सबसे मुश्किल ऑपरेशन में से एक बताया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी सेना पिकऐक्स माउंटेन परमाणु परिसर पर अचानक ऑपरेशन शुरू कर सकती है। ईरान ने संभावित छापे को देखते हुए कुछ परमाणु ठिकानों की सुरक्षा और मजबूत कर दी है और वहां विस्फोटक भी लगा दिए हैं।

क्या है पिकऐक्स माउंटेन?
- यह ठिकाना तेहरान से करीब 220 किमी दक्षिण और नतांज परमाणु केंद्र से 2 किमी दूर स्थित है।
- यह पहाड़ के भीतर करीब 100 मीटर गहराई में बनाया जा रहा भूमिगत परिसर है।
- इसकी शुरुआत 2020 में नतांज केंद्र में हुए विस्फोट के बाद हुई थी।
- ईरान ने तब पहाड़ के भीतर आधुनिक सेंट्रीफ्यूज निर्माण सुविधा बनाने का ऐलान किया था।
01:47 PM25 जुलाई 2026
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होर्मुज में ईरान की फायरिंग के बाद 4 जहाजों ने बदला रास्ता
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसकी नौसेना ने पिछले 24 घंटे में होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की कोशिश कर रहे चार जहाजों पर चेतावनी के तौर पर फायरिंग की। इसके बाद चारों जहाजों ने अपना रास्ता बदल लिया।
IRGC ने बयान में कहा,
पिछले 24 घंटों में चार जहाज दक्षिणी मार्ग से होर्मुज स्ट्रेट पार करने की कोशिश कर रहे थे। IRGC नौसेना ने चेतावनी के लिए फायरिंग की, जिसके बाद सभी जहाजों ने अपना रास्ता बदल लिया।

हालांकि, ईरान ने इन जहाजों की पहचान, उनका झंडा किस देश का था या वे तेल टैंकर थे अथवा अन्य प्रकार के जहाज, इसकी कोई जानकारी नहीं दी। किसी नुकसान या घायल होने की भी कोई आधिकारिक सूचना नहीं है।
01:22 PM25 जुलाई 2026
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ईरान में पेट्रोल महंगा करने पर विचार, अभी ₹1 से भी सस्ता

ईरान सरकार ने शनिवार को कहा कि पेट्रोल की खपत को नियंत्रित करने के लिए नए कदम उठाना जरूरी हो गया है। सरकार के मुताबिक, इसके तहत पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी या राशनिंग व्यवस्था में बदलाव किया जा सकता है।
सरकार की प्रवक्ता फातेमेह मोहाजेरानी ने कहा कि ईरान में पेट्रोल सब्सिडी वाली कीमतों पर बेचा जा रहा है, इसलिए ईंधन की खपत पर नियंत्रण और व्यवस्था में संतुलन लाने के लिए सुधार जरूरी हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार अभी इस पर विचार कर रही है कि बदलाव कैसे लागू किए जाएं। विकल्पों में पेट्रोल की कीमतें बढ़ाना या मौजूदा राशनिंग व्यवस्था में बदलाव करना शामिल है। उन्होंने कहा कि कोई भी फैसला लागू करने से पहले जनता को इसकी जानकारी दी जाएगी।
ईरान में पेट्रोल की कीमतें भारतीय रुपए के हिसाब से 1 रुपए प्रति लीटर के करीब है। यह दुनिया के सबसे सस्ता है, क्योंकि सरकार उस पर भारी सब्सिडी देती है।
हालांकि, ईरान में पेट्रोल की कीमत बढ़ाना राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील मुद्दा माना जाता है। 2019 में पेट्रोल की कीमत बढ़ाए जाने के बाद देशभर में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन और हिंसा हुई थी, जिसमें सैकड़ों लोगों की मौत हुई थी। इसी वजह से मौजूदा सरकार भी इस मुद्दे पर सावधानी बरत रही है।
12:50 PM25 जुलाई 2026
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तेहरान में बच्चों को हथियार चलाने की ट्रेनिंग, सरकारी मीडिया ने जारी की तस्वीरें
ईरान के सरकारी मीडिया संस्थानों ने शनिवार को ऐसी तस्वीरें जारी कीं, जिनमें तेहरान के आजादी स्क्वायर में आयोजित एक रात के कार्यक्रम के दौरान बच्चों को हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी जाती हुई दिखाई दे रही है।




ये तस्वीरें ऐसे समय सामने आई हैं, जब कुछ महीने पहले आईआरजीसी (IRGC) के एक अधिकारी ने कहा था कि युद्ध से जुड़ी सहायता गतिविधियों में शामिल होने की न्यूनतम उम्र 12 साल कर दी गई है। इसके बाद 12 और 13 साल के बच्चे अगर खुद चाहें, तो उन्हें गश्त करने, चेकपोस्ट पर ड्यूटी देने और जरूरी सामान पहुंचाने जैसे कामों में शामिल होने की अनुमति दी जा सकती है।
मानवाधिकार संगठनों ने पहले भी ईरान में सुरक्षा संबंधी गतिविधियों में नाबालिगों की भागीदारी पर चिंता जताई है। अतीत में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान भी ऐसी रिपोर्टें सामने आई थीं, जिनमें बच्चों को सैन्य जैसी वर्दी में देखा गया था या उन्हें सुरक्षा बलों की सहायता से जुड़े कार्यों में लगाया गया था।
12:11 PM25 जुलाई 2026
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सऊदी अरब के तेल ठिकानों पर हमला, अरामको ऑयल फैसिलिटी में आग लगी
सऊदी अरब के यानबू और जजान में शनिवार को यमन की ओर से मिसाइलें दागी गईं। इस हमले के बाद सऊदी अरामको की ऑयल फैसिलिटी में आग लग गई और यानबू व जजान एयरपोर्ट पर परिचालन अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, होदेदा में सैन्य ठिकानों पर हमले के बाद हूती विद्रोहियों ने चेतावनी दी थी कि यदि सऊदी अरब उनके नियंत्रण वाले इलाकों पर हमला करता है, तो वे इसका जवाब देंगे।
हूती गुट ने कहा था कि वे रेड सी में तेल टैंकरों और कमर्शियल शिपिंग के अलावा सऊदी अरामको की फैसिलिटी, एयरपोर्ट, एयरबेस और तेल पाइपलाइनों को निशाना बनाएंगे।
10:18 AM25 जुलाई 2026
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ईरानी विदेश मंत्री बोले- जंग नहीं बातचीत से हल निकले

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का कहना है कि सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच यमन में बढ़ते संघर्ष का कोई सैन्य समाधान नहीं है। यह बयान दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर हमले किए जाने के बाद आया है।
ईरान डेली को दिए एक इंटरव्यू में अराघची ने कहा कि बातचीत के जरिए ही इसका हल निकलना चाहिए। उन्होंने कहा, “हमारा मानना है कि यमन, बाब अल-मंदेब और बाकी मुद्दों का कोई सैन्य समाधान नहीं है।”
09:56 AM25 जुलाई 2026
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हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर मिसाइल हमले का दावा किया
यमन के हूती गुट ने सऊदी अरब के जीजान शहर पर मिसाइल हमला करने का दावा किया है। यह दावा टेलीग्राम पर अपने ‘अंसारुल्लाह’ मीडिया चैनल के जरिए किया।
इससे पहले आज सऊदी अधिकारियों ने जीजान और रेड सी के किनारे बसे यानबू शहर के निवासियों के लिए अलर्ट जारी किया था।
09:26 AM25 जुलाई 2026
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मध्यस्थों के जरिए अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत जारी
अल जजीरा के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच हमलों और बयानबाजी के बावजूद दोनों देशों के बीच मध्यस्थों के जरिए बातचीत का सिलसिला अब भी जारी है।
ईरानी अधिकारियों ने बताया कि मध्यस्थ लगातार वॉशिंगटन और तेहरान के बीच संदेश पहुंचा रहे हैं। कुछ प्रस्ताव भी दोनों पक्षों तक भेजे गए हैं, जिन पर ईरान अभी विचार कर रहा है।
हालांकि, अब तक बातचीत में कोई खास प्रगति नहीं हुई है। इसकी वजह दोनों देशों के रुख में मौजूद बुनियादी मतभेद बताए जा रहे हैं।
09:12 AM25 जुलाई 2026
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लगातार 13 रातों के अमेरिकी हमलों के बाद अब तक कोई नया हमला नहीं
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने शनिवार को ईरान पर किसी नए हमले की घोषणा नहीं की। इससे पहले वह लगातार 13 दिनों तक हर रात ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले करने की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा कर रहा था।
लेकिन शनिवार को सेंटकॉम की ओर से ऐसा कोई बयान जारी नहीं किया गया। फिलहाल यह साफ नहीं है कि अमेरिका ने ईरान पर कोई सैन्य कार्रवाई नहीं की या सिर्फ उसकी घोषणा नहीं की गई।
वहीं, ईरान के सरकारी मीडिया ने भी रात के दौरान देश में किसी नए हमले या धमाके की जानकारी नहीं दी है।
08:48 AM25 जुलाई 2026
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ईरान ने मानवाधिकार मुद्दे पर यूरोपीय संघ को घेरा
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने मानवाधिकारों के मुद्दे पर यूरोपीय संघ (EU) पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।
बघई ने कहा कि एक तरफ यूरोपीय संघ मानवाधिकारों की बात करता है, वहीं दूसरी तरफ वह ईरान पर होने वाले सैन्य हमलों को तकनीकी और अन्य तरह का समर्थन देता है। दोनों बातें एक साथ सही नहीं हो सकतीं।
उन्होंने आरोप लगाया कि यूरोपीय संघ ईरान के खिलाफ हुए युद्ध अपराधों की निंदा करने से भी बच रहा है। अमेरिका और इजराइल के हमलों में मारे गए ईरानी बच्चों के प्रति भी यूरोपीय संघ ने कोई संवेदना नहीं दिखाई।
08:23 AM25 जुलाई 2026
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हूती विद्रोही कौन हैं?
मिडिल ईस्ट में चल रही जंग में अब हूती विद्रोहियों की भी एंट्री हो गई है। हूतियों ने सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी का ऐलान कर दिया है।
हूती विद्रोही यमन के उत्तरी हिस्से में रहने वाले जायदी शिया समुदाय का एक सशस्त्र संगठन है। इसकी शुरुआत 1990 के दशक में एक धार्मिक-सामाजिक आंदोलन के रूप में हुई थी। हूती सरकार पर भेदभाव करने का आरोप लगाते थे।
2011 में ट्यूनीशिया से शुरू हुई अरब क्रांति की लहर यमन भी पहुंची। उस समय राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह करीब 33 साल से सत्ता में थे। युवाओं के प्रदर्शन की वजह से उनकी गद्दी छीन गई। फरवरी 2012 में अब्दरब्बू मंसूर हादी राष्ट्रपति बने। लेकिन उनकी सरकार कमजोर थी।
हूती विद्रोहियों ने इसका फायदा उठाया और सितंबर 2014 में राजधानी सना पर कब्जा कर लिया। हालात इतने बिगड़ गए कि 2015 में राष्ट्रपति हादी को देश छोड़कर सऊदी अरब में शरण लेनी पड़ी। हादी के पद छोड़ने के बाद से यमन पर किसी एक सरकार का कंट्रोल नहीं है।
अभी यमन कई हिस्सों में बंटा हुआ है। हूती विद्रोहियों को ईरान का समर्थन मिलता है। वहीं अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार को सऊदी अरब और उसके सहयोगी देशों का समर्थन मिलता है।

07:58 AM25 जुलाई 2026
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रिपोर्ट- ईरान के नए सुप्रीम लीडर परमाणु हथियार के पक्ष में
न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का मानना है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह मुजतबा खामेनेई अपने पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर के मुकाबले परमाणु हथियार बनाने के ज्यादा समर्थक हैं।
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है कि ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को दोबारा शुरू कर दिया है। हालांकि, पिछले साल हुए अमेरिकी हमलों और मौजूदा जंग के दौरान मिले विराम के समय ईरान ने अपने परमाणु संसाधनों को सुरक्षित रखने के लिए कुछ कदम जरूर उठाए हैं।
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, ईरान ने अपने कुछ सेंट्रीफ्यूज मशीन देश के मध्य हिस्से में स्थित बेहद सुरक्षित भूमिगत परिसर ‘पिकएक्स माउंटेन’ में पहुंचा दिए हैं। यह मशीन परमाणु संवर्धन के लिए इस्तेमाल होती है। इससे पहले वॉल स्ट्रीट जर्नल ने भी रिपोर्ट दी थी कि इजराइल की खुफिया एजेंसियों ने इन सेंट्रीफ्यूज की आवाजाही पर नजर रखी थी।
07:35 AM25 जुलाई 2026
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नेतन्याहू अमेरिका जाएंगे, जंग के बाद पहली बार ट्रम्प से मुलाकात होगी

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सोमवार को अमेरिका रवाना होंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, वह मंगलवार को राष्ट्रपति ट्रम्प से मुलाकात करेंगे। इसी दिन वह दिवंगत अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम के अंतिम संस्कार में भी शामिल होंगे।
नेतन्याहू और ट्रम्प की यह मुलाकात फरवरी के बाद पहली आमने-सामने की बैठक होगी। दोनों नेताओं की आखिरी मुलाकात ईरान युद्ध शुरू होने से पहले हुई थी।
यह बैठक ऐसे समय हो रही है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। इजराइल को आशंका है कि तेहरान अपने हमलों का दायरा बढ़ाकर इजराइल को भी सीधे निशाना बना सकता है। इसी संभावना को देखते हुए इजराइल हाई अलर्ट पर है।
07:20 AM25 जुलाई 2026
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लेबनान में जोरदार धमाका, इजराइली सेना पर आरोप
लेबनान की सरकारी न्यूज एजेंसी NNA के मुताबिक, दक्षिणी लेबनान के टायर जिले के मशा अल-मंसूरी इलाके में जोरदार धमाका हुआ। इसकी आवाज टायर शहर और आसपास के गांवों तक सुनी गई। दावा है कि यह विस्फोट इजराइली सेना की कार्रवाई में हुआ।
06:46 AM25 जुलाई 2026
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होर्मुज और बाब अल-मंदेब दोनों बंद हुए तो दुनिया पर क्या होगा असर?
यमन के ईरान से जुड़े हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच हालिया तनाव के बाद होर्मुज की तरह ही बाल अल-मंदेब के बंद होने का खतरा बढ़ गया है।
बाब-अल-मंदेब लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है। यह हिंद महासागर, मध्य पूर्व और स्वेज नहर के बीच जहाजों की आवाजाही का प्रमुख रास्ता है।
वहीं, होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है। इसी रास्ते से सऊदी अरब, इराक, यूएई, कुवैत और ईरान जैसे बड़े तेल उत्पादक देशों का तेल दुनिया तक पहुंचता है।

दोनों रास्ते एक साथ बंद हुए तो क्या होगा?
- कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आएगा।
- पेट्रोल, डीजल और विमान ईंधन महंगे होंगे।
- टैंकर और मालवाहक जहाजों का बीमा महंगा होगा।
- जहाजों को लंबा रास्ता अपनाना पड़ेगा, जिससे माल ढुलाई का खर्च बढ़ेगा।
- वैकल्पिक तेल स्रोतों के लिए देशों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
- महंगाई पर दबाव बढ़ेगा।
- उद्योगों और परिवहन कंपनियों की लागत बढ़ेगी।
- वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित होगी।
06:06 AM25 जुलाई 2026
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रिपोर्ट- नाटो समिट के दौरान सुरक्षा इनपुट के कारण बदला था ट्रम्प का विमान
तुर्किये में NATO समिट के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को ईरान समर्थित समूहों से संभावित हमले की सूचना मिली थी। इसके बाद अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने सुरक्षा के मद्देनजर उन्हें वापसी के लिए विमान बदलने की सलाह दी।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प अंकारा पहुंचने के लिए कतर की ओर से मिले नए बोइंग 747-8 विमान से गए थे। लेकिन इस विमान में पुराने एयर फोर्स वन जैसी मजबूत सुरक्षा व्यवस्था नहीं है।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों को खुफिया जानकारी मिली थी कि ईरान समर्थित समूह ट्रम्प को निशाना बना सकते हैं। इसके बाद सीक्रेट सर्विस ने सलाह दी कि वह तुर्किये से लौटते समय दूसरे विमान का इस्तेमाल करें।
बाद में ट्रम्प ने कहा कि वह वापसी के लिए पुराने एयर फोर्स वन से यात्रा करेंगे। अधिकारियों ने यह भी साफ किया कि हमलावरों का निशाना नया बोइंग 747-8 नहीं था। उनका लक्ष्य ट्रम्प थे और वह जिस भी विमान में यात्रा कर रहे होते, उसी को निशाना बनाया जा सकता था।

8 जुलाई को तुर्किये से रवाना होने के लिए पुराने एयर फोर्स वन विमान को तैयार किया गया।
05:27 AM25 जुलाई 2026
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हूति विद्रोहियों ने सऊदी शहर पर मिसाइल अटैक किया
BBC के मुताबिक शनिवार को यमन में ईरान से जुड़े हूती विद्रोहियों ने कहा कि उन्होंने सऊदी अरब के जिजान शहर पर मिसाइल हमला किया है। हूती संगठन के अंसारुल्लाह मीडिया ने टेलीग्राम पर कहा कि मिसाइल हमले से जिजान शहर में कई जगह आग लग गई।
इससे पहले हूती विद्रोहियों की समुद्री नाकेबंदी और सऊदी जहाजों पर हमलों के बाद सऊदी अरब ने शुक्रवार को यमन के बंदरगाह शहर होदेदा और कमरान द्वीप में हूती ठिकानों पर हवाई हमले किए थे।
04:49 AM25 जुलाई 2026
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होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही अब भी सामान्य नहीं

समुद्री जहाजों की निगरानी करने वाली कंपनी केप्लर ने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही अब भी सामान्य नहीं हुई है।
कंपनी के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार को होर्मुज स्ट्रेट से सिर्फ 6 जहाजों के गुजरने की पुष्टि हुई। यह एक दिन पहले के मुकाबले 60 फीसदी कम है।
वहीं, बाब अल-मंदेब स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही बढ़ी है। गुरुवार को वहां से 49 जहाजों के गुजरने की पुष्टि हुई।
04:17 AM25 जुलाई 2026
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सऊदी में संभावित खतरे को लेकर चेतावनी जारी
सऊदी अरब के यनबू गवर्नरेट में राष्ट्रीय प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली की ओर से संभावित खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। सिविल डिफेंस विभाग ने लोगों से शांत रहने और अधिकारियों की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
03:44 AM25 जुलाई 2026
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ट्रम्प बोले- ईरान से बातचीत जारी, लेकिन परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत जारी है। अगर ईरान बात करना चाहता है तो वह सुनने के लिए तैयार हैं, लेकिन उसे परमाणु हथियार रखने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
वॉशिंगटन में एक कार्यक्रम में ट्रम्प ने दावा किया कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से ईरान की सैन्य ताकत को भारी नुकसान पहुंचा है।
उन्होंने कहा, “हमने ईरान पर बहुत जोरदार हमला किया है। ईरान के पास अब रडार नहीं हैं। उसके पास बहुत कम ड्रोन बचे हैं। कभी-कभी वे कुछ हमले करते दिखाई देते हैं, लेकिन उनके पास अब ज्यादा क्षमता नहीं बची है।”

03:12 AM25 जुलाई 2026
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अमेरिका ने पश्चिम एशिया में सैन्य अभ्यास की तस्वीरें जारी कीं
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें साझा की हैं। इनमें अमेरिकी मरीन सैनिक पश्चिम एशिया में सैन्य अभ्यास के दौरान M142 हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम (HIMARS) को KC-130J सुपर हरक्यूलिस विमान में लोड करते नजर आ रहे हैं।
02:41 AM25 जुलाई 2026
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चीन ने ईरान की संप्रभुता और सुरक्षा के समर्थन का भरोसा दिया
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से मुलाकात में कहा कि बीजिंग, ईरान की संप्रभुता, सुरक्षा और राष्ट्रीय सम्मान की रक्षा के उसके प्रयासों का समर्थन करता है।
चीन के विदेश मंत्रालय के बयान के मुताबिक, वांग यी ने पश्चिम एशिया में हाल के दिनों में बढ़े तनाव पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि MoU समझौते को नहीं छोड़ा जाना चाहिए था। बातचीत जारी रहनी चाहिए और समझौते के तहत बनी सहमति पर लौटना सबसे जरूरी काम है।
वहीं, अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान की बातचीत करने की इच्छा कभी नहीं बदली और तेहरान इस संघर्ष को आगे नहीं बढ़ाना चाहता।
उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण समय में ईरान और चीन को आपसी संपर्क और समन्वय बढ़ाना चाहिए। साथ ही उम्मीद जताई कि चीन तनाव कम करने और हालात सामान्य बनाने में आगे भी अहम भूमिका निभाएगा।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और चीन के विदेश मंत्री वांग यी की मुलाकात किर्गिस्तान में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान हुई।
02:10 AM25 जुलाई 2026
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बहरीन में अमेरिकी नौसैनिक ठिकाने पर ईरानी हमला
ईरानी मीडिया IRNA के मुताबिक, बहरीन में अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट के नौसैनिक ठिकाने पर जोरदार धमाके हुए हैं।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस ठिकाने पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया गया, जिसके बाद कई बड़े विस्फोट हुए।
हालांकि, अभी तक अमेरिका या बहरीन की ओर से इस हमले और इससे हुए नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
IRNA ने विस्फोट की यह तस्वीर भी जारी की है।
01:35 AM25 जुलाई 2026
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ईरान बोला- होर्मुज में असुरक्षा के लिए अमेरिका जिम्मेदार
ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA के मुताबिक, विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट और पूरे क्षेत्र में जो असुरक्षा पैदा हुई है, उसकी पूरी जिम्मेदारी अमेरिका पर है। उन्होंने अमेरिका पर समझौता तोड़ने का आरोप लगाया।
अराघची ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के अहम बुनियादी ढांचे पर क्रूर हमले किए हैं और यह युद्ध अपराध हैं। ईरान अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी देशों से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में ताकत के इस्तेमाल को सामान्य मानने का विरोध करने की अपील भी की।



