नई दिल्ली4 मिनट पहले
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भारत ने 23 दिसंबर 2025 को बंगाल की खाड़ी में K-4 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया था। यह परमाणु हथियार ले जा सकती है।
भारत का परमाणु जखीरा लगातार आधुनिक हो रहा है। फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स (FAS) का आकलन है कि भारत ने 190 तक परमाणु वॉरहेड तैयार कर लिए हैं। FAS के मुताबिक भारत के पास अभी 9 परमाणु क्षमता वाले सिस्टम ऑपरेशनल हैं। इनमें 2 विमान, 6 जमीन से दागी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइलें और 1 समुद्र से दागी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइल शामिल हैं। कम से कम 2 और सिस्टम लगभग तैयार हैं। यानी भारत सिर्फ हथियारों की संख्या नहीं बढ़ा रहा, बल्कि उन्हें पहुंचाने वाले पूरे सिस्टम को भी आधुनिक बना रहा है। 730 किलो प्लूटोनियम; आगे और बढ़ सकती है क्षमता
रिपोर्ट के अनुसार 2026 की शुरुआत तक भारत के पास करीब 730 किलो हथियार बनाने वाला प्लूटोनियम होने का अनुमान है। इस तरह यह 225 वॉरहेड तक बना सकता है। हालांकि रिपोर्ट खुद साफ करती है कि यह सिर्फ अनुमान है, वास्तविक संख्या वॉरहेड के डिजाइन और रिजर्व में रखी सामग्री पर निर्भर करती है। अग्नि-V: एक मिसाइल, कई निशाने भारत ने अग्नि-V में MIRV तकनीक का परीक्षण किया है। इसका मतलब एक मिसाइल में कई ऐसे वॉरहेड ले जाने की क्षमता विकसित करना है, जिन्हें अलग-अलग लक्ष्यों की ओर भेजा जा सकता है।
2024 के बाद मई 2026 में भी कई पेलोड के साथ परीक्षण हुआ। FAS का अनुमान है कि अग्नि-V संभवतः तीन वॉरहेड ले जा सकती है, हालांकि ऐसा करने पर इसकी अधिकतम रेंज प्रभावित हो सकती है। नया रिएक्टर भी गेमचेंजर
अप्रैल 2026 में भारत के 500 मेगावाट प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) ने पहली बार क्रिटिकलिटी हासिल की। FAS के अनुमान के मुताबिक 80% क्षमता पर चलने पर यह सैद्धांतिक रूप से सालाना करीब 140 किलो प्लूटोनियम-239 पैदा कर सकता है। इससे करीब 35 वॉरहेड बन सकते हैं। आगे ऐसे और फास्ट ब्रीडर रिएक्टरों की योजना है।
जमीन के साथ समुद्र में भी बढ़ रही ताकत भारत का परमाणु कवच अब समुद्र में भी मजबूत हो रहा है। परमाणु पनडुब्बी INS अरिधमान अप्रैल 2026 में नौसेना में शामिल हुई। FAS के अनुसार इसमें 8 मिसाइल ट्यूब हैं, जबकि INS अरिहंत और INS अरिघात में 4-4 ट्यूब हैं। ऐसी ही एक और पनडुब्बी 2027 में शामिल होने की योजना बताई गई है। आगे S5 श्रेणी की और बड़ी परमाणु पनडुब्बियों की तैयारी भी चल रही है।

INS अरिघात पनडुब्बी पानी के अंदर से परमाणु हथियार लॉन्च कर सकती है।
730 किलोग्राम हथियार-ग्रेड प्लूटोनियम का उत्पादन
2026 की शुरुआत तक, इंटरनेशनल पैनल ऑन फिसाइल मैटेरियल्स ने अनुमान लगाया था कि भारत ने करीब 730 किलोग्राम, (प्लस/माइनस 170 किलोग्राम) हथियार-ग्रेड प्लूटोनियम का उत्पादन किया है।
लेख में कहा गया है, प्रति हथियार करीब चार किलोग्राम प्लूटोनियम मानकर, यह सैद्धांतिक रूप से 140 से 225 परमाणु हथियार बनाने के लिए पर्याप्त है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने 1998 में पोखरण परमाणु परीक्षणों के बाद पहले उपयोग न करने (नो-फर्स्ट-यूज) की पॉलिसी को अपनाया और इसका पालन करना जारी रखा है।
दुनिया के 9 देशों के पास कुल 12,187 परमाणु हथियार
SIPRI इयरबुक 2026 के अनुसार फ्रांस, चीन, भारत,पाकिस्तान,उत्तर कोरिया और इजराइल के पास कुल 12,187 परमाणु हथियार हैं। इसमें से 9,745 इस्तेमाल के लिए तैयार हैं।


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