Monday, August 10, 2026
Homeअर्थव्यवस्थाFPIs ने अगस्त में अबतक ₹12,921 करोड़ का किया निवेश, इन वजहों...

FPIs ने अगस्त में अबतक ₹12,921 करोड़ का किया निवेश, इन वजहों से आकर्षण का केंद्र बना घरेलू बाजार


भारतीय शेयर बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) की खरीदारी का सिलसिला अगस्त में भी जारी है। विदेशी निवेशकों ने अगस्त के पहले हफ्ते में भारतीय शेयरों में 12,921 करोड़ रुपये का निवेश किया है। वृहद आर्थिक स्थिति में सुधार, अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और रुपये की स्थिरता की वजह से एफपीआई के लिए भारतीय बाजार आकर्षक बना हुआ है। अगस्त का ये आंकड़ा जुलाई में किए गए 20,200 करोड़ रुपये के निवेश के बाद आया है। इसके पहले लगातार चार माह तक एफपीआई बिकवाल रहे थे। 

इस साल 1.17 लाख करोड़ रुपये निकाल चुके हैं विदेशी निवेशक

सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड (सीडीएसएल) के आंकड़ों के मुताबिक, एफपीआई ने जून में ₹49,340 करोड़, मई में ₹32,963 करोड़, अप्रैल में ₹60,847 करोड़ और मार्च में रिकॉर्ड ₹1.17 लाख करोड़ की निकासी की थी। इससे पहले फरवरी में उन्होंने भारतीय शेयरों में ₹22,615 करोड़ का निवेश किया था। हालांकि, हालिया खरीदारी के बावजूद वर्ष 2026 में विदेशी निवेशक अब भी भारतीय शेयर बाजार में ₹2.41 लाख करोड़ के शुद्ध बिकवाल बने हुए हैं। ये आंकड़ा पूरे 2025 में दर्ज ₹1.66 लाख करोड़ की निकासी से भी काफी ज्यादा है। 

किन वजहों से बदला विदेशी निवेशकों का मूड

मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, हाल के महीनों में एफपीआई का रुख बदलने के पीछे अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की बढ़ती उम्मीद, कच्चे तेल की नरम कीमतें और रुपये की स्थिरता जैसे कारक प्रमुख हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के बेहतर वृद्धि और मुद्रास्फीति संबंधी अनुमान से भी निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। इंवेस्टमेंट प्लेटफॉर्म ट्रैक के को-फाउंडर और सीईओ वेदांत गुप्ते ने कहा कि भारतीय शेयरों में विदेशी हिस्सेदारी अपेक्षाकृत कम होने के कारण आगे विदेशी निवेश के लिए पर्याप्त गुंजाइश बनी हुई है। उन्होंने कहा कि हाल की खरीदारी का एक बड़ा हिस्सा द्वितीयक बाजार के जरिए हुआ है, जो ये संकेत देता है कि विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी सिर्फ आईपीओ तक सीमित नहीं है, बल्कि लिस्टेड भारतीय कंपनियों में भी बढ़ रही है। 

एफपीआई ने बॉन्ड बाजार में भी किया निवेश

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इंवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी.के. विजयकुमार के अनुसार, एफपीआई की खरीदारी में एक महत्वपूर्ण रुझान ये है कि वे ऑटो, टिकाऊ उपभोक्ता सामान और स्वास्थ्य सेवा जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दे रहे हैं। विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी भारतीय डेट या बॉन्ड बाजार में भी बनी हुई है। समीक्षाधीन अवधि के दौरान एफपीआई ने बॉन्ड बाजार में सामान्य मार्ग के तहत 622 करोड़ रुपये का निवेश किया है।

ये भी पढ़ें

सेंसेक्स की टॉप 10 में से 4 कंपनियों का मार्केट कैप ₹1.43 लाख करोड़ बढ़ा, बाकी की 6 को ₹1.24 लाख करोड़ का नुकसान

 





Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments