Thursday, July 16, 2026
Homeव्यापारContent Creator: भारत के 66% कंटेंट क्रिएटर्स अब छोटे शहरों से, लेकिन...

Content Creator: भारत के 66% कंटेंट क्रिएटर्स अब छोटे शहरों से, लेकिन नहीं कर पा रहे कमाई, जानें इसका क्या कारण है


Content Creation: भारत में अब कोई और प्रोफेशन चुनने की बजाय लोग कंटेंट क्रिएशन को ही प्रोफेशन के रूप में चुन रहे हैं. कोविड के समय से शुरू हुआ कंटेंट क्रिएसन का काम शहरों से लेकर गांव तक हर जगह पर पॉपुलर हो रहा है. लेकिन इन दिनों कंटेंट क्रिएशन के काम में कई लोगों को थोड़ा ज्यादा स्ट्रगल करना पड़ रहा है. ये लोग हैं छोटी जगहों के क्रिएटर्स.

इन क्रिएटर्स के सामने चुनौती
दरअसल हाल ही में इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (ISB) और Hashfame की एक रिपोर्ट सामने आई है, इस रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि साल 2025 में भारत में करीब 41.2 लाख कंटेंट क्रिएटर हैं. इनमें से दो-तिहाई नॉन-मेट्रो शहरों से हैं. साल 2020 से 2025 के बीच छोटे शहरों के क्रिएटर्स की संख्या 6.4 गुना बढ़ी, जबकि मेट्रो सिटीज में ये बढ़ोतरी 2.6 गुना रही.

इस रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र मिलाकर ही देश के हर चार लोगों में से एक क्रिएटर बनकर सामने आता है. वहीं तमिलनाडु, कर्नाटक और गुजरात में भी उनकी आबादी के अनुपात से ज्यादा क्रिएटर हैं. छोटे शहरों के 50% से ज्यादा क्रिएटर ऐसे हैं जिनके सोशल मीडिया पर 1,000 से 10,000 फॉलोअर्स हैं. वहीं 28% क्रिएटर्स के 10,000 से 1 लाख फॉलोअर्स हैं.

ये भी पढ़ें: Bank Deal: बिकने जा रहा देश का ये बड़ा बैंक, कनाडा के अरबपति खरीद रहे, क्या आपका भी है इसमें खाता?

भाषावादी क्रिएटर्स
बात करें भाषा के बारे में तो हिंदी में कंटेंट बनाने वाले क्रिएटर्स 42% हैं. जबकि क्षेत्रीय भाषाओं में कंटेंट बनाने वाले क्रिटर्स 58% हैं. हालांकि, भोजपुरी और कन्नड़ जैसी भाषाओं में कंटेंट बनाने वालों को उनकी संख्या के मुकाबले कम कमाई के मौके मिल रहे हैं. रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि 2020 में जहां औसत इंगेजमेंट रेट 1.8% था, वो 2025 में बढ़कर 7.2% हो गया है. यानी लोग पहले की तुलना में कंटेंट पर ज्यादा प्रतिक्रिया दे रहे हैं.

कमाई बनी सबसे बड़ी समस्या
इसके बावजूद सबसे बड़ी समस्या कमाई बनी हुई है. रिपोर्ट के अनुसार, केवल करीब 15% क्रिएटर ही अपने कंटेंट से अच्छी खासी कमाई कर पा रहे हैं. बाकी अधिकतर लोगों के लिए कंटेंट क्रिएशन अभी भी एक्स्ट्रा आय का जरिया है, न कि रोजगार का जरिया है. खास बात ये भी है कि जो पहले से क्रिएटर हैं उनका कारोबार लगातार बढ़ रहा है, लेकिन जो नए क्रिएटर्स आ रहे हैं उन्हें सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

ये भी पढ़ें: Noida Airport: जेवर एयरपोर्ट का एक महीना पूरा, उम्मीदें आसमान पर लेकिन रफ्तार सुस्त, क्यों नहीं मिल रहे यात्री?



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments