Chikoo Farming: देश के किसान अब अलग-अलग तरह की खेती को अपना रहे हैं. कम लागत और लंबे समय तक मिलने वाली आमदनी की वजह से इन अलग-अलग खेती में चीकू की खेती भी किसानों के बीच अपनी जगह बना रही है. खास बात यह है कि चीकू का पौधा एक बार लगाने के बाद कई सालों तक फल देता रहता है, जिससे किसानों की लगातार कमाई होती है. महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में इसकी खेती बड़े स्तर पर की जा रही है ऐसे में चलिए आज आपको बताते हैं कि आप अपने खेत में चीकू की खेती कैसे कर सकते हैं, जिससे हर साल लाखों की कमाई होगी.
कैसी मिट्टी और जलवायु होती है सही?
चीकू की खेती लगभग हर घर की उपजाऊ मिट्टी में की जा सकती हैं, लेकिन अच्छी जल निकासी वाली बलुई दोमट मिट्टी इसके लिए सबसे बेहतर मानी जाती है खेत का पीएच मान 5.8 से 8 के बीच होना चाहिए. इसके पौधों के लिए गर्म और स्वच्छ जलवायु सही रहती है, ज्यादा ठंड वाले इलाकों में इसकी खेती नुकसानदायक हो सकती है. चीकू के पौधे 10 डिग्री से 40 डिग्री सेल्सियस तक का तापमान सहन कर लेते हैं. वहीं 70 प्रतिशत तक नमी वाले मौसम इसके विकास के लिए उपयुक्त माना जाता है.
कैसे करें खेत की तैयारी?
चीकू की खेती शुरू करने से पहले खेत को अच्छी तरह तैयार करना जरूरी है. सबसे पहले खेत में पुरानी फसल के अवशेष हटाए जाते हैं. इसके बाद दो से तीन बार गहराई गहरी जुताई की जाती है, मिट्टी को बराबर बनाने के लिए रोटावेटर चलाया जाता है और फिर खेत को समतल किया जाता है, ताकि जलभराव की समस्या न हो. पौधा लगाने के लिए खेत में करीब 1 मीटर चौड़ा और 2 फीट गहरा गड्ढा तैयार किया जाता है. एक लाइन से दूसरे लाइन के बीच 5 से 6 मीटर की दूरी रखी जाती है. गड्ढों में मिट्टी के साथ गोबर की खाद और जरूरी उर्वरक मिलाकर भर दिया जाता है.
ये भी पढ़ें-चिलचिलाती धूप में भी नहीं सूखेंगे ड्रैगन फ्रूट के पौधे, नोट करें गर्मी से बचाव के 3 आसान तरीके
सिंचाई और प्रबंधन
भारत में चीकू की कई उन्नत किस्म की खेती की जाती है. इसमें काली पत्ती, बारहमासी, पिकेएम 2 और कलकत्ता राउंड जैसी किस्में काफी लोकप्रिय है. वहीं चीकू के पौधे को बहुत ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती है. गर्मियों में सप्ताह में एक बार और सर्दियों में 5 से 15 दिन के अंतराल पर सिंचाई पर्याप्त मानी जाती है. बारिश के मौसम में जरूरत के हिसाब से ही पानी देना चाहिए. इसके अलावा पौधे की अच्छी वृद्धि के लिए जैविक खाद का इस्तेमाल काफी फायदेमंद माना जाता है.
कब तैयार होता है फल?
चीकू के पौधे में फूल आने से करीब 6 से 7 महीने बाद फल पकने लगते हैं. जब फल हरे रंग से बदलकर भूरे रंग में होने लगते हैं, तब उनकी तुड़ाई की जा सकती है. चीकू का पेड़ साल भर उत्पादन देता है, लेकिन नवंबर-दिसंबर के दौरान मुख्य फसल तैयार होती है.
ये भी पढ़ें-फार्म हाउस भूल जाइए, अब आपकी बालकनी में महकेगी लीची, एक्सपर्ट से जानें पौधा लगाने का सबसे बेस्ट तरीका


