5 मिनट पहले
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BCCI की शुक्रवार को हुई एनुअल जनरल मीटिंग में अजीत अगरकर के कार्यकाल को बढ़ाने को लेकर फैसला नहीं हुआ है।
बोर्ड के अधिकारियों को सीनियर पुरुष चयन समिति पर फैसला लेने का अधिकार दिया गया है। अगरकर जुलाई 2023 में चयन समिति के अध्यक्ष बने थे। उनका कॉन्ट्रैक्ट अक्टूबर 2026 तक है।
अगरकर भारत के UK दौरे के प्रदर्शन की रिव्यू मीटिंग में भी शामिल नहीं हुए थे। BCCI ने उनकी गैरमौजूदगी को ज्यादा तवज्जो नहीं दी थी।
लॉर्ड्स ODI से पहले चयनकर्ताओं ने कथित तौर पर पूर्व कप्तान रोहित शर्मा को बताया था कि वह टीम की योजनाओं में शामिल नहीं हैं। इसके बाद BCCI ने इस मामले में दखल दिया था।
चयन बैठक सामान्य तरीके से हुई
भारत की वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज, ईरानी कप और इंडिया A टीमों के चयन के लिए बैठक इसी हफ्ते हुई। इसमें किसी तरह की रुकावट सामने नहीं आई।
घटनाक्रम से परिचित लोगों के मुताबिक, सब कुछ सामान्य तरीके से हुआ। चयनकर्ताओं ने अपना काम नियमित रूप से किया।
अगर अगर्कर का कार्यकाल खत्म होता है, तो BCCI तुरंत नया चयनकर्ता प्रमुख नियुक्त नहीं कर सकेगा। बोर्ड को पहले पद के लिए विज्ञापन जारी करना होगा। इसके बाद इंटरव्यू की प्रक्रिया होगी।
इस प्रक्रिया के कारण नए अध्यक्ष की नियुक्ति में समय लग सकता है। अगर्कर की जगह पूर्व भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज पार्थिव पटेल संभावित उम्मीदवार हो सकते हैं।
जूनियर चयन समिति की प्रक्रिया जारी
नई जूनियर चयन समिति के गठन की प्रक्रिया भी अभी पूरी नहीं हुई है। BCCI ने 24 अगस्त को पांच पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था।
इन पदों के लिए अभी इंटरव्यू नहीं हुए हैं। उम्मीद थी कि AGM के बाद नई समिति का ऐलान होगा। ताजा जानकारी के मुताबिक, यह प्रक्रिया महीने के अंत तक जारी रह सकती है।
BGT के वेन्यू में कोई बदलाव नहीं
झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव सौरभ तिवारी ने अगले साल की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी से रांची को हटाए जाने की खबरों को खारिज किया।
पांच टेस्ट की यह सीरीज 21 जनवरी को नागपुर में शुरू होगी। इसके बाद चेन्नई, गुवाहाटी, रांची और अहमदाबाद में बाकी चार टेस्ट होंगे।
तिवारी ने मीडिया से कहा, “वेन्यू में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अगर किसी को BCCI को इस बारे में लिखना है, तो वह मुझे लिखना चाहिए। मैंने ऐसा कोई पत्र नहीं लिखा है।”
स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट पर BCCI की स्थिति पर चर्चा
AGM में नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट पर भी चर्चा हुई। सुप्रीम कोर्ट ने इस कानून पर BCCI का रुख साफ करने को कहा है।
इससे BCCI को कानून पर अपनी स्थिति औपचारिक रूप से बतानी पड़ सकती है। बोर्ड ने अब तक ओडिशा क्रिकेट एसोसिएशन मामले में भी यही रुख रखा है।
BCCI का कहना है कि क्रिकेट को इस कानून के तहत ‘डिजाइनेटेड स्पोर्ट’ नहीं माना जा सकता।



