17 मिनट पहले
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ईरान की रिवोल्यूशनरी कोर्ट ने नोबेल शांति पुरस्कार विजेता और मानवाधिकार कार्यकर्ता नरगिस मोहम्मदी को सात साल से ज्यादा की जेल की सजा सुनाई है। उनके वकील के मुताबिक उन्हें ‘राज्य के खिलाफ साजिश’ और ‘प्रोपेगेंडा’ के मामलों में दोषी ठहराया गया।
सजा के साथ दो साल का आंतरिक निर्वासन और यात्रा प्रतिबंध भी लगाया गया है। मोहम्मदी फरवरी से भूख हड़ताल पर हैं। वे 2022 में महसा अमीनी की मौत के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों की मुखर समर्थक रही हैं।
इससे पहले वे 13 साल सजा काट रही थीं और स्वास्थ्य कारणों से अस्थायी रिहाई पर थीं। मानवाधिकार संगठनों ने सजा की निंदा की है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब ईरान अमेरिका से परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत कर रहा है।
नरगिस मोहम्मदी को साल 2023 में नोबेल पीस प्राइज के लिए चुना गया था। यह पुरस्कार पाने वाली वो ईरान की दूसरी महिला हैं। उनको ईरान में महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार और राजनीतिक कैदियों के साथ किए जा रहे दुर्व्यवहार के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए यह पुरस्कार दिया गया था। उन्होंने ईरान में मृत्यु दंड के खिलाफ भी आवाज उठाई थी।
नोबेल समिति के प्रमुख ने उन्हें ‘स्वतंत्रता सेनानी’ कहा था। जब उन्हें यह प्राइज मिला तब वो तेहरान की एविन जेल के अंदर थी। उनके बच्चों ने यह प्राइज लिया था जो कि पेरिस में रहते है। नरगिस ने अपनी किताब ‘व्हाइट टॉर्चर: इंटरव्यूज़ विद ईरानी वुमन प्रिज़नर्स’ में अपने और 12 कैदियों के जेल के अनुभव को लिखा हैं।
नरगिस मोहम्मदी पिछले 30 सालों से ईरान में मानव अधिकारों की लड़ाई लड़ रही हैं। इस दौरान उन्हें कई बार जेल जाना पड़ा। वो अभी तक 13 बार गिरफ्तार हो चुकी हैं।
पहली बार उन्हें 2011 में हिरासत में लिया था। इसके बाद 2015 में उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ दुष्प्रचार करने के आरोप में गिरफ्तार कर जंजन की सेंट्रल जेल में रखा गया था। इसके बाद 2020 में नरगिस को सजा कम होने पर रिहा कर दिया था।
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पुतिन से नजदीकी बढ़ाना चाहता था यौन अपराधी एपस्टीन:नए दस्तावेजों से खुलासा, रूस की मदद करने का ऑफर दिया था

अमेरिका जस्टिस डिपार्टमेंट (DOJ) के नए दस्तावेजों से खुलासा हुआ है कि यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के करीब जाने की कोशिश कर रहा था। एपस्टीन ने कई मौकों पर पुतिन और उनके करीबी अधिकारियों तक पहुंच बनाने के प्रयास किए।
एपस्टीन 2018 में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के जरिए पुतिन तक अपनी बात पहुंचाना चाहता था। उसने इसके लिए नॉर्वे के पूर्व पीएम थॉर्बजॉर्न यागलैंड से संपर्क किया था।
जून 2018 के एक ईमेल में एपस्टीन ने नॉर्वे के पूर्व पीएम थोर्ब्योर्न यागलैंड से कहा था कि वह पुतिन को यह सुझाव दें कि रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव उससे बातचीत करें।
दस्तावेजों के मुताबिक, एपस्टीन खुद को एक ऐसे प्रभावशाली व्यक्ति के तौर पर पेश कर रहा था, जो अंतरराष्ट्रीय राजनीति और निवेश जैसे मुद्दों पर रूस की मदद कर सकता है। पढ़ें पूरी खबर…
जापान चुनाव में PM तकाइची की बड़ी जीत:उनकी पार्टी LDP ने 465 में से 316 सीटें जीतीं; PM पीएम मोदी ने बधाई दी

जापान में रविवार को हुए आम चुनाव में प्रधानमंत्री साने ताकाइची की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) ने बड़ी जीत दर्ज की है। BBC के मुताबिक, LDP के गठबंधन को 465 में से 352 सीटें मिली हैं। LDP अकेले 316 सीटें जीती हैं, जो बहुमत के लिए जरूरी 233 सीटों से काफी ज्यादा हैं।
यह पार्टी की अब तक की सबसे बड़ी जीतों में से एक मानी जा रही है। इससे पहले 1986 में पार्टी ने 300 सीटें जीती थीं। चुनाव जीतने के बाद ताकाइची ने कहा कि वह जापान को मजबूत और समृद्ध बनाने पर काम करेंगी।
उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ी तो विपक्ष के साथ मिलकर काम करेंगी। इस जीत के बाद ऊपरी सदन में विपक्ष के नियंत्रण के बावजूद PM ताकाइची को कानून पास करने की ताकत मिल गई है।
तकाइची की जीत पर पीएम मोदी ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने X पोस्ट में लिखा- मुझे विश्वास है आपके कुशल नेतृत्व में हम भारत-जापान मित्रता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। पढ़ें पूरी खबर…
एपस्टीन फाइल्स- 10 देशों में इस्तीफे, 80 की जांच:अमेरिका से यूरोप तक असर; राजनेताओं, राजदूतों, अरबपतियों और शाही परिवारों तक फैली जांच

अमेरिका में यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े सीक्रेट दस्तावेज सामने आते ही दुनिया भर में हड़कंप मच गया है। अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने करीब 30 लाख पेज के डॉक्यूमेंट्स 30 जनवरी को जारी किए हैं।
इसके बाद 10 देशों में 15 से ज्यादा बड़े अधिकारियों को पद छोड़ना पड़ा है। 80 से ज्यादा ताकतवर लोगों पर जांच चल रही है।
इन फाइलों में नेता, राजदूत, अरबपति और शाही परिवारों के नाम शामिल हैं। ईमेल, फ्लाइट लॉग और संपर्क रिकॉर्ड में 700 से 1000 असरदार लोगों का जिक्र है।
कई मामलों में नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के आरोप भी हैं। दस्तावेजों में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और हिलेरी क्लिंटन जैसे हाई-प्रोफाइल नाम अलग-अलग संदर्भों में सामने आए हैं। पढ़ें पूरी खबर…


