Stock Market News: विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और वैश्विक स्तर पर शुल्क (टैरिफ) को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार नुकसान के साथ बंद हुए. प्रमुख शेयरों में मुनाफावसूली हावी रहने से सेंसेक्स 250 अंक और निफ्टी करीब 58 अंक टूट गया.
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 250.48 अंक यानी 0.30 प्रतिशत की गिरावट के साथ 83,627.69 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान एक समय यह 615.38 अंक गिरकर 83,262.79 तक आ गया था. वहीं, एनएसई का निफ्टी 57.95 अंक यानी 0.22 प्रतिशत कमजोर होकर 25,732.30 अंक पर बंद हुआ.
इन शेयरों में गिरावट
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में ट्रेंट, लार्सन एंड टूब्रो, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंटरग्लोब एविएशन, मारुति, आईटीसी, अडाणी पोर्ट्स और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों में प्रमुख रूप से गिरावट दर्ज की गई. दूसरी ओर, इटर्नल, आईसीआईसीआई बैंक, टेक महिंद्रा, भारतीय स्टेट बैंक और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के शेयरों में मजबूती देखने को मिली.
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिकी शुल्क लगाने की चेतावनी से बाजार में चिंता का माहौल बना रहा. इसके अलावा रुपये की कमजोरी, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में सुधार और विदेशी पूंजी की निकासी से निवेशक धारणा सतर्क बनी रही.
उन्होंने बताया कि तिमाही नतीजों की कमजोर शुरुआत के बीच प्रमुख शेयरों में मुनाफावसूली का रुझान देखने को मिला, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ा. देश की सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी टीसीएस ने दिसंबर तिमाही में नए श्रम संहिताओं के एकमुश्त असर के कारण शुद्ध लाभ में 13.91 प्रतिशत की गिरावट की जानकारी दी है.
विदेशी निवेशकों की बिकवाली
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 3,638.40 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 5,839.32 करोड़ रुपये की खरीदारी की.
वैश्विक मोर्चे पर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा से निवेशक सतर्क नजर आए. रेलिगेयर ब्रोकिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (रिसर्च) अजीत मिश्रा ने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक व्यापार को लेकर अनिश्चितताओं ने निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को प्रभावित किया है.
वृहद बाजार की बात करें तो बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक 0.46 प्रतिशत चढ़ गया, जबकि मिडकैप सूचकांक 0.16 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ. सेक्टोरल इंडेक्स में दूरसंचार में 1.18 प्रतिशत, औद्योगिक क्षेत्र में 1.09 प्रतिशत और पूंजीगत उत्पाद खंड में 0.67 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई.
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की और हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट नुकसान में रहा. यूरोपीय बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिला. अमेरिकी बाजार सोमवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे. अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट कच्चा तेल 1.86 प्रतिशत की तेजी के साथ 65.06 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.
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