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पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट जिले में शुक्रवार की नमाज के दौरान मस्जिद के पास जोरदार धमाका हुआ। इसमें कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। धमाके से मस्जिद के बाहर का हिस्सा पूरी तरह टूट गया और एक दीवार भी गिर गई। कोहाट के सरकारी अस्पताल के अधिकारी ताहिर अली शाह ने बताया कि अस्पताल में 16 शव और 50 से ज्यादा घायलों को लाया गया। घायलों में कुछ पुलिसकर्मी भी हैं। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि पुराने पुलिस लाइंस के गेट पर विस्फोटकों से भरी गाड़ी टकराई थी। मस्जिद में हुए धमाके की तस्वीरें प्रशासन ने कोहाट-हंगू रोड को बंद कर दिया है। घायलों की संख्या बढ़ने के बाद अस्पताल में इमरजेंसी लगा दी गई है। अभी यह साफ नहीं है कि धमाका कैसे हुआ और इसके पीछे किसका हाथ है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं। पुलिस के मुताबिक, विस्फोट से मस्जिद के बाहरी हिस्से को काफी नुकसान पहुंचा। खैबर पख्तूनख्वा सीएम ने घटना की रिपोर्ट मांगी खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने घटना की पूरी रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा कि बेगुनाह लोगों को निशाना बनाना बेहद गलत है और इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने अधिकारियों को घायलों का तुरंत इलाज कराने के निर्देश दिए। अफरीदी ने कहा, “आतंकियों की ऐसी हरकतों से देश का हौसला नहीं टूटेगा।” खैबर पख्तूनख्वा के गवर्नर फैसल करीम कुंडी ने भी धमाके की निंदा की। कोहाट में पहले भी हुआ बम धमाका कोहाट में इससे पहले भी बड़ा हमला हो चुका है। 2010 में पुलिस लाइंस के पीछे बनी एक पुलिस कॉलोनी में रिमोट कंट्रोल बम धमाका हुआ था। इसमें 20 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें ज्यादातर पुलिसकर्मियों के परिवार के सदस्य थे। वहीं, 90 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स में पाकिस्तान दूसरे नंबर पर ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2025 के मुताबिक, बुर्किना फासो के बाद पाकिस्तान दुनिया का दूसरा सबसे आतंक प्रभावित देश बन चुका है, जबकि 2024 में यह चौथे स्थान पर था।
2025 में TTP के हमले 90% बढ़े, जबकि बलूच आर्मी (BLA) के हमलों में 60% बढ़ोतरी हुई। इस्लामिक स्टेट- खुरासान (IS-K) ने अब पाकिस्तानी शहरों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है।
रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान सबसे ज्यादा आतंक प्रभावित इलाके हैं। देश भर की कुल आतंकी घटनाओं में से 90% इसी इलाके में हुईं।
रिपोर्ट में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान को लगातार दूसरे साल पाकिस्तान का सबसे खतरनाक आतंकवादी संगठन बताया गया। 2024 में इस ग्रुप ने 482 हमले किए, जिसकी वजह से 558 मौतें हुई थीं, जो 2023 के मुकाबले 91% ज्यादा हैं।
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