अगर आपका या आपके परिवार के किसी सदस्य का एलआईसी (LIC) में बीमा या ईपीएफओ (EPFO) में पीएफ खाता है, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। संसद में सरकार ने साफ कर दिया है कि एलआईसी और ईपीएफओ में पड़े हजारों करोड़ रुपये के अनक्लेम्ड (बिना दावा किए) पैसे का किसी दूसरे काम में इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इन पैसों को सही हकदारों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और मौजूदा व्यवस्था में कोई बदलाव करने का प्रस्ताव नहीं है।
सरकार के मुताबिक, 31 मार्च 2026 तक एलआईसी के पास कुल 7,318.50 करोड़ रुपये की अनक्लेम्ड राशि पड़ी हुई है। इसमें 5,564.55 करोड़ रुपये पॉलिसीधारकों के हैं, जबकि 1,753.95 करोड़ रुपये उस राशि पर अर्जित ब्याज या आय है। वहीं, सरकार ने स्पष्ट किया कि EPFO में कोई अनक्लेम्ड खाता नहीं है, लेकिन निष्क्रिय पीएफ खातों में 9,330.56 करोड़ रुपये जमा हैं। इस तरह दोनों संस्थानों में कुल मिलाकर करीब 16,600 करोड़ रुपये की राशि पड़ी हुई है।
इस पैसे का क्या होगा?
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में लिखित जवाब में कहा कि एलआईसी और ईपीएफओ में पड़ी राशि का इस्तेमाल किसी अन्य उद्देश्य के लिए करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने बताया कि बीमा नियामक IRDAI के नियमों के अनुसार, यदि बीमा की कोई राशि 10 साल तक बिना दावा किए पड़ी रहती है, तो उसे सीनियर सिटिजन वेलफेयर फंड (SCWF) में ट्रांसफर कर दिया जाता है। हालांकि, उस राशि पर असली दावेदार का अधिकार बना रहता है और नियमों के अनुसार वह अपना पैसा प्राप्त कर सकता है।
हकदारों तक पैसा पहुंचाने के लिए चल रहा अभियान
सरकार ने बताया कि एलआईसी लगातार पॉलिसीधारकों और उनके नॉमिनी से संपर्क करने की कोशिश कर रही है। इसके लिए पत्र, एसएमएस, स्थानीय एजेंट, बीमा सखी और क्रेडिट ब्यूरो एजेंसियों की मदद ली जा रही है। इसके अलावा “Your Money-Your Right” अभियान के तहत भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। एलआईसी की वेबसाइट पर भी अनक्लेम्ड राशि खोजने की सुविधा उपलब्ध है।
EPFO ने शुरू की नई सुविधा
ईपीएफओ ने भी निष्क्रिय खातों में जमा रकम वापस दिलाने की प्रक्रिया आसान बना दी है। आधार से जुड़े और 1,000 रुपये तक की राशि वाले निष्क्रिय खातों के लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। इसमें बिना नया दावा किए पैसा सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजा जाएगा। भविष्य में इस सुविधा को ज्यादा राशि वाले खातों तक भी बढ़ाने की प्लानिंग है।


