Tuesday, July 14, 2026
Homeव्यापारPenalty on Builder: फ्लैट बेच दिया, 10 साल तक नहीं लगाई लिफ्ट,...

Penalty on Builder: फ्लैट बेच दिया, 10 साल तक नहीं लगाई लिफ्ट, कोर्ट ने बिल्डर पर ठोका इतने लाख का जुर्माना


Penalty on Builder: एक बिल्डर को अपने वादे की खिलाफत करना इतना भारी पड़ गया कि उसके ऊपर साढ़े सात लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया है. ये मामला दिल्ली का है जहां पर दो बिल्डरों ने खरीदारों को फ्लैट बेचते समय वादा किया था कि वो बिल्डिंग में लिफ्ट लगवाकर देगा. लेकिन 10 साल बीत जाने पर भी ऐसा नहीं हुआ, जिससे नाराज होकर लोगों ने कंज्यूमर कोर्ट में शिकायत दर्ज कर दी.

क्या है पूरा मामला?
दरअसल दो फ्लैट मालिकों ने आयोग में शिकायत की थी कि उन्होंने साल 2013 और साल 2014 में फ्लैट खरीदे थे. उस समय बिल्डरों ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि रजिस्ट्री के एक महीने के अंदर लिफ्ट लगा दी जाएगी. फ्लैट की कीमत में लिफ्ट का खर्च भी शामिल था, लेकिन कई साल बाद भी ये वादा पूरा नहीं हुआ. जिससे नाराज फ्लैट मालिकों ने बिल्डर की शिकायत कर दी.

ये भी पढ़ें: ITR Filing: आईटीआर में गड़बड़ी की तो लगेगा 25000 का फटका, देरी होने पर देने होंगे 5000, समझें नियम

कानूनी नोटिस भेजा
इस मामले के करीब चार साल तक इंतजार करने के बाद फ्लैट मालिकों ने साल 2018 में कानूनी नोटिस भेजा. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच 19 अगस्त 2018 को समझौता हुआ. समझौते के अनुसार, बिल्डरों को 31 मार्च 2019 तक लिफ्ट लगानी थी. अगर वे ऐसा नहीं करते, तो उन्हें फ्लैट मालिकों को 6 लाख रुपये देने थे.

आयोग का फैसला
फ्लैट मालिकों की शिकायत के बाद आयोग ने पाया कि बिल्डरों ने न तो तय समय तक लिफ्ट लगाई और न ही 6 लाख रुपये का भुगतान किया. दस्तावेजों में भी साफ लिखा था कि खरीदारों को इमारत की लिफ्ट और अन्य शेयर की गई सुविधाओं का इस्तेमाल करने का अधिकार होगा. इसलिए लिफ्ट देना बिल्डरों की जिम्मेदारी थी. आयोग ने बिल्डरों को फ्लैट मालिकों को 6 लाख रुपये, मानसिक परेशानी और उत्पीड़न के लिए 1 लाख रुपये तथा मुकदमे के खर्च के रूप में 50,000 रुपये देने का आदेश दिया.

ये भी पढ़ें: Inflation News: AC से लेकर कार, आलू से लेकर LPG तक, सस्ता हो गया ये सामान, जानिए महंगा क्या-क्या हुआ?

इतना ही नहीं आयोग ने ये भी कहा कि बिल्डर खरीदारों से किए गए वादों और तय सुविधाओं को समय पर उपलब्ध कराने के लिए कानूनी रूप से जिम्मेदार हैं. अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उन्हें मुआवजा देना पड़ सकता है.

क्या कर सकते हैं उपभोक्ता?
यदि आपके साथ या आपके किसी करीबी के साथ ऐसा कुछ होता है तो आप कानून की मदद ले सकते हैं. कोर्ट आपकी ऐसे मामलों में सहायता करेगा और आपको हर्जाना भी दिलवाएगा.



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments