भोजपुर में पुलिस की गोली से मारे गए भरत भूषण तिवारी (Bharat Bhushan Tiwari) पर पूर्व सांसद आनंद मोहन ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सीएम सम्राट चौधरी (CM Samrat Choudhary) का नाम लेते हुए एनकाउंटर पर सवाल खड़े किए हैं. मीडिया से बातचीत में उनसे जब एनकाउंटर की घटना पर सवाल किया गया तो वे जमकर बरसे.
भरत तिवारी के एनकाउंटर मामले को लेकर आनंद मोहन ने कहा, “मैं निष्पक्ष व्यक्ति हूं… किस चैनल ने दिखाया कि सम्राट की पुलिस विवश, अपराधी के सामने आत्मसमर्पण? भगत सिंह बनना आसान नहीं है… आज आनंद मोहन की तुलना लोग महाराणा प्रताप से करते हैं तो मैं डांट देता हूं. मैं उनकी चरण धुली के बराबर नहीं हूं.”
‘आत्मसमर्पण के बाद एनकाउंटर का हक नहीं’
एनकाउंटर की घटना के बाद भरत तिवारी को कोई क्रांतिकारी बता रहा है तो कोई शहीद का दर्जा देने की मांग कर रहा है. कोई भगत सिंह कह रहा है. ऐसे तमाम बयानों पर आनंद मोहन ने कहा, “ना हम क्रांतिकारी मानेंगे ना अपराधी मानेंगे, हम मानेंगे कि लोकतंत्र में किसी भी पुलिस अधिकारी को हक नहीं है कि किसी के आत्मसमर्पण करने के बाद उसका एनकाउंटर किया जाए.”
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‘सरकार की जिम्मेदारी है कि…’
आनंद मोहन ने मीडिया से कहा, “आप लोग उत्तर प्रदेश को बहुत सराहते हैं, बुलडोजर एक्शन… गाड़ी पलट गई… लोग न्यायिक हिरासत में आते हैं तो सरकार की जिम्मेदारी है कि उसकी सुरक्षा की जाए चाहे वह माफिया हो या अपराधी हो, लेकिन वो मारा जाता है…”
‘आपका काम है पकड़कर कोर्ट में हाजिर करना’
आनंद मोहन सिंह ने कहा, “मैं न तो बुलडोजर संस्कृति का पक्षधर हूं ना एनकाउंटर का पक्षधर हूं. अगर पुलिस एनकाउंटर कर देगी तो न्यायालय क्यों है? आपका काम है पकड़कर कोर्ट में हाजिर करना, कोर्ट फैसला करेगा किसका अपराध कितना बड़ा है और उसके अनुसार दंड कितना होगा.”
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