द इकोनॉमिस्ट. काहिरा51 मिनट पहले
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26,800 करोड़ की लागत वाले इस प्रोजेक्ट का 56.5 किमी लंबा पहला रूट काहिरा इंटरनेशनल स्टेडियम से न्यू एडमिनिस्ट्रेटिव कैपिटल के बीच शुरू हुआ है।- फाइल फोटो
मिस्र की राजधानी काहिरा में ट्रैफिक जाम से राहत देने के लिए रेगिस्तान के बीच ड्राइवरलेस मोनोरेल सेवा शुरू हुई है। यह अफ्रीका की पहली इलेक्ट्रिक हाई-टेक मोनोरेल है। 26,800 करोड़ की लागत वाले इस प्रोजेक्ट का 56.5 किमी लंबा पहला रूट काहिरा इंटरनेशनल स्टेडियम से न्यू एडमिनिस्ट्रेटिव कैपिटल के बीच शुरू हुआ है। जो काहिरा के नस्र सिटी को नई प्रशासनिक राजधानी से जोड़ती है।
प्रोजेक्ट पूरा होने पर यह 100 किमी लंबा हो जाएगा और चीन के 98.5 किमी लंबे चोंगकिंग नेटवर्क को पछाड़कर दुनिया का सबसे लंबा मोनोरेल नेटवर्क बनेगा। यह ट्रेन ब्रेकिंग एनर्जी का 99% हिस्सा दोबारा इस्तेमाल करती है।
22 स्टेशनों को जोड़ने वाली चालक रहित मोनोरेल का उद्देश्य भीड़भाड़ को कम करना और शहरी कनेक्टिविटी में सुधार करना है। यह अफ्रीका की सबसे लंबी एकल मोनोरेल लाइन है और दूसरी लाइन के साथ मिलकर यह महाद्वीप के सबसे बड़े मोनोरेल नेटवर्क का हिस्सा बन जाती है। पर्यावरण के अनुकूल यह स्वचालित प्रणाली पारंपरिक इलेक्ट्रिक रेल की तुलना में ऊर्जा की खपत को 30% तक कम कर देती है।
मुख्य विशेषताएं और मार्ग
यह मोनोरेल परियोजना मिस्र की नई राजधानी को आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन से जोड़ने की एक बड़ी पहल है। मार्ग की लंबाई और स्थान – ईस्ट नाइल मोनोरेल लाइन कुल 56.5 किलोमीटर लंबी है। यह पूर्वी काहिरा के नस्र सिटी से शुरू होकर मिस्र की ‘न्यू एडमिनिस्ट्रेटिव कैपिटल’ (नई प्रशासनिक राजधानी) तक जाती है। स्टेशन और समय – इस मार्ग पर कुल 22 स्टेशन बनाए गए हैं। यह पूरी तरह से ऑटोमेटेड (चालक रहित) है और पारंपरिक इलेक्ट्रिक ट्रेनों की तुलना में 30% तक कम ऊर्जा की खपत करती है।
टिकट और क्षमता यात्रियों के सफर को आसान बनाने के लिए किराये और जोन को चार श्रेणियों में विभाजित किया गया है। चार ज़ोन प्रणाली – यात्रा के स्टेशनों की संख्या के आधार पर मूल्य संरचना बनाई गई है (अधिकतम लाइन का किराया 80 मिस्र पाउंड तक है)। परिवहन क्षमता – यह प्रणाली काहिरा के भारी ट्रैफिक को कम करने और यात्रियों को सुरक्षित व तेज़ विकल्प प्रदान करने के लिए डिज़ाइन की गई है।



