Saturday, May 30, 2026
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पश्चिम बंगाल में 1.36 करोड़ से ज्यादा परिवारों को मिलेगा फ्री इलाज, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन होगा लागू- जानें पूरी डिटेल्स


पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को कहा कि राज्य में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) लागू होगा और केंद्र ने इस योजना के लिए 2103 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता में स्वास्थ्य विभाग के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बंगाल में 1.36 करोड़ से ज्यादा परिवारों को आयुष्मान भारत योजना के दायरे में लाया जाएगा। उन्होंने कहा, ”इससे ये सुनिश्चित होगा कि राज्य की बड़ी आबादी को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिले।” बताते चलें कि आयुष्मान भारत योजना, भारत सरकार की एक प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को हर साल सरकारी और कुछ प्राइवेट अस्पतालों में 5 लाख तक का फ्री (कैशलेस) इलाज मिलता है।

राज्य सरकार को मिले 2103 करोड़ में से 527 करोड़ रुपये

शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि केंद्र ने NHM के लिए 2103 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं, जिनमें से 527 करोड़ रुपये मिल भी चुके हैं। इन फंड्स से पूरे राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य विभाग का प्रभार भी संभाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत लाभार्थियों को निर्धारित सरकारी अस्पतालों में 5 लाख रुपये तक का फ्री स्वास्थ्य बीमा कवर मिलेगा। उन्होंने कहा कि भारत के अन्य हिस्सों में काम करने वाले प्रवासी श्रमिक भी इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। शुभेंदु ने कहा, ”राज्य के सरकारी अस्पताल अब ‘आयुष्मान मंदिर’ के नाम से जाने जाएंगे। अगर कोई मरीज दवाओं पर महीने में 1000 रुपये खर्च करता है, तो उसे वही दवाएं इन अस्पतालों में 100 रुपये में उपलब्ध होंगी।” 

राज्य में खोले जाएंगे 467 प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 467 प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र संचालित किए जाएंगे और कैंसर सहित गंभीर बीमारियों की दवाएं जल्द ही 30 प्रतिशत सब्सिडी पर उपलब्ध कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने अलीपुरद्वार, कलिम्पोंग, दक्षिण दिनाजपुर और पश्चिम बर्द्धमान जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा, ”कोई भी जिला मेडिकल कॉलेज के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग अस्पतालों में कथित बिचौलियों और मरीजों को अनावश्यक रूप से रेफर किए जाने के खिलाफ ”कतई बर्दाश्त नहीं करने” की नीति अपनाएगा। शुभेंदु ने कहा कि जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों की चौबीसों घंटे निगरानी के लिए ‘स्वास्थ्य भवन’ में एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जा रहा है। 

प्राइवेट अस्पतालों में गरीबों के लिए आरक्षित रखने होंगे 15% बिस्तर

नियंत्रण कक्ष सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में स्वच्छता, सेवा वितरण और प्रशासनिक कामकाज की भी निगरानी करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोलकाता मेडिकल कॉलेज के एक डॉक्टर के खिलाफ गंभीर रूप से बीमार मरीज को रेफर करने के मामले में पहले ही कार्रवाई शुरू कर दी गई है। शुभेंदु ने उन प्राइवेट अस्पतालों से संबंधित नीतिगत फैसले की भी घोषणा की, जिन्हें सरकार से एक रुपये की नाममात्र दर पर जमीन मिली थी। ऐसे अस्पतालों को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों से भेजे गए आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए 15 प्रतिशत तक बिस्तर आरक्षित रखने होंगे। उन्होंने कहा, ”अगर सरकारी अस्पतालों पर ज्यादा दबाव है और मरीजों को इन प्राइवेट अस्पतालों में भेजा जाता है, तो उन्हें मरीजों को भर्ती करना होगा। हमने यह भी फैसला किया है कि ऐसे मरीजों का इलाज फ्री किया जाना चाहिए।”





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