पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) की पहली प्रतिक्रिया आई है. टीएमसी उम्मीदवार शशि पांजा ने आरोप लगाया है कि उनसे काउंटिंग सेंटर पर कागज छीनकर फेंक दिए गए. उन्होंने सवाल किया कि क्या हम लोग गोली बंदूक लेकर आए हैं, क्या हम यहां दंगा करने आए हैं.
पश्चिम बंगाल की 293 विधानसभा सीटों के लिए सोमवार (4 मई, 2026) को मतगणना चल रही है और शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और टीएमसी में कड़ी टक्कर नजर आ रही है. उधर, मतगणना को लेकर दोनों पार्टियां बेहद उत्सुक हैं और काफी एक्टिव दिख रही हैं. श्यामपुकुर विधानसभा सीट से टीएमसी उम्मीदवार शशि पांजा भी मतगणना केंद्र पहुंचीं.
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, ‘हम काउंटिंग का रिकॉर्ड रखने के लिए कागज साथ लाए थे. यह चुनाव आयोग का काम है, लेकिन हमसे वो कागज छीनकर फेंक दिए गए. क्या हम यहां दंगा करने आए हैं? क्या हम गोला-बारूद और पिस्टल लेकर आए हैं?’ उधर, फेंके गए वीवीपैट पेपर स्लिप्स पर चुनाव आयोग का भी बयान आया है. चुनाव आयोग का कहना है कि जो वीवीपैट पेपर स्लिप दिखाई गईं, वो वोटिंग से पहले किए गए मॉक पोल से संबंधित हैं, न कि मतदान के दिन हुए असल चुनाव से. चुनाव आयोग ने कहा कि विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है और सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए औपचारिक शिकायत भी दर्ज कर दी गई है.
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शशि पांजा ने रविवार को भी नेताजी इंडोर स्टेडियम स्थित स्ट्रॉन्ग रूम का दौरा किया और कई गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि हाल ही में कई असामान्य घटनाएं सामने आई हैं. दक्षिण 24 परगना जिले में दोबारा मतदान के दौरान बड़े पैमाने पर अधिकारियों के तबादले किए गए हैं, जिनमें आईपीएस अधिकारी भी शामिल हैं.
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उन्होंने कहा कि इसके अलावा, माइक्रो-ऑब्जर्वर्स की भारी तैनाती की गई है, जो आमतौर पर चुनावों में इस स्तर पर देखने को नहीं मिलती. ऐसे कई कदम पहली बार पश्चिम बंगाल में देखने को मिल रहे हैं. स्ट्रॉन्ग रूम को लेकर उठे विवाद पर उन्होंने कहा कि दो दिन पहले जब स्ट्रॉन्ग रूम का दरवाजा खोला गया, तो अंदर कुछ अज्ञात लोग मौजूद पाए गए. उन्होंने सवाल उठाया कि ये लोग कौन थे, क्योंकि किसी भी राजनीतिक दल को उनकी जानकारी नहीं थी. इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि वहां गुलाबी रंग के लिफाफे मौजूद थे, जिनका उपयोग आमतौर पर पोस्टल बैलेट के लिए किया जाता है.


