Saturday, April 18, 2026
Homeव्यापारLPG बुकिंग पर घटा वेटिंग टाइम, एजेंसियों ने बढ़ाई डिलीवरी स्पीड, सप्लाई...

LPG बुकिंग पर घटा वेटिंग टाइम, एजेंसियों ने बढ़ाई डिलीवरी स्पीड, सप्लाई चैन में सुधार से ग्राहकों को फायदा


LPG Booking News: ईरान- यूएस वॉर के बीच भारत में कच्चे तेल और एलपीजी गैस की किल्लत चल रही थी. जो अब धीरे- धीरे करके ठीक होने लगी हैं. इसी बीच अब गैस उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. बीते कई दिनों से ग्राहकों को एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के बाद भी बहुत देरी से सिलेंडर मिल पा रहे थे. लेकिन अब एजेंसियों ने सप्लाई चैन में सुधार करने का मन बना लिया है. अब उपभोक्ताओं को सिलेंडर के लिए ज्यादा लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा.

डिलीवरी प्रक्रिया में हो रहा सुधार
हाल ही में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि, ‘फिलहाल रोज की बुकिंग 46-50 लाख के बीच है. डिलीवरी सामान्य है. 16 अप्रैल को लगभग 50 लाख रिफिल सिलेंडर उपभोक्ताओं के घर-घर पहुंचाए गए. आंकड़े धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौटने की ओर अग्रसर हैं.’ आगे उन्होंने ये भी कहा कि गर्मी के मौसम की शुरुआत से भी इसमें मदद मिल रही है, क्योंकि इस दौरान हीटिंग की जरूरत कम हो जाती है.

सामान्य है आपूर्ति
उन्होंने बताया कि घरेलू एलपीजी आपूर्ति सामान्य बनी हुई है और डिस्ट्रिब्यूटर्स केंद्रों पर किसी भी तरह की कमी की सूचना नहीं मिली है. कुल मांग का लगभग 98 प्रतिशत ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से पूरा हुआ है और अवैध आपूर्ति को रोकने के लिए प्रमाणित डिलीवरी बढ़कर 90 प्रतिशत से ज्यादा हो गई है. प्रवासी श्रमिकों के लिए छोटे सिलेंडरों का ज्यादा आवंटन और सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने डिलीवरी अभियानों का विस्तार जैसे टारगेटेड मेजर्स के समर्थन से कमर्शियल एलपीजी आपूर्ति संकट-पूर्व स्तर के लगभग 70 प्रतिशत तक बहाल कर दी गई है.

उन्होंने ये भी बताया कि 23 मार्च से अब तक 16.41 लाख से ज्यादा बाजार मूल्य वाले 5 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर उन लोगों को बेचे जा चुके हैं जिनके पास घरेलू खाना पकाने के गैस कनेक्शन नहीं हैं. इनमें प्रवासी मजदूर, छात्र, वर्किंग प्रोफेशनल्स और छोटे व्यवसाय शामिल हैं.



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments