पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और हमलों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेज बढ़ोतरी देखी जा रही है। तनाव बढ़ने के कारण एनर्जी सप्लाई से जुड़ी चिंताओं की वजह से मंगलवार को कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतें 80 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं। केडिया एडवायजरी के डायरेक्टर अजय केडिया ने बताया कि मंगलवार को कच्चे तेल की कीमत बढ़कर लगभग 79 डॉलर प्रति बैरल हो गई, जिससे तेल की साप्ताहिक बढ़त 10% से ज्यादा हो गई है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से वसूली करेगा अमेरिका
अजय केडिया ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले ईरानी जहाजों पर फिर से रोक लगा दी है। इसके साथ ही, इस रास्ते का इस्तेमाल करने वाले बाकी सभी कार्गो के लिए आज शाम 4 बजे (ईस्टर्न टाइम) से पेमेंट की शर्तें लागू कर दी गई हैं। ट्रंप ने कार्गो पर 20% रिइम्बर्समेंट का प्रस्ताव रखा और कहा कि जो देश स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित रखने की अमेरिकी कोशिशों से फायदा उठा रहे हैं, उन्हें भी खर्च में हिस्सा लेना चाहिए।
रूसी तेल और प्राकृतिक गैस खरीदने वालों पर फिर से प्रतिबंध लगाने का समर्थन
इसके अलावा, ट्रंप ने रूसी तेल और प्राकृतिक गैस खरीदने वालों पर फिर से प्रतिबंध लगाने का समर्थन किया, जिससे ग्लोबल एनर्जी सप्लाई को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गईं हैं और इससे कच्चे तेल की कीमतों को भी सपोर्ट मिल रहा है।
अमेरिका और ईरान के बीच तेज हुए हमले
बताते चलें कि अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर खत्म हो गया है और दोनों देशों ने एक दूसरे के ठिकानों पर दोबारा से हमले शुरू कर दिए हैं। जंग का असर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर फिर से पड़ने लगा है। इस बीच ईरान ने होर्मुज में तेल टैंकरों पर हमला किया है। इसी बीच, यमन के हूती विद्रोहियों ने आरोप लगाया है कि सऊदी अरब ने यमन के सना एयरपोर्ट पर बमबारी की है। इसके बाद हूती विद्रोहियों ने भी जवाबी एक्शन लिया है और सऊदी अरब के अभा एयरपोर्ट पर मिसाइल और ड्रोन दागे हैं।
शेयर बाजारों में भी बढ़ी हलचल
पश्चिम एशिया में तेज होते हमलों की वजह से दुनिया भर के शेयर बाजारों में भी हलचल तेज हो गई है। आज भारतीय शेयर बाजार ने लगातार दूसरे दिन बड़ी गिरावट के साथ कारोबार शुरू किया।
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