अगर, आप बारिश के मौसम में उमस भरी गर्मी से बचने के लिए रातभर एसी चला रहे हैं तो आपको सावधान रहना चाहिए। हाल ही में आई एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ऐसा करने से आपके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए मानसून में एसी चलाने से पहले उसके टेम्परेचर यानी तापमान का ध्यान रखना चाहिए। साथ ही, एसी में दिए गए सही मोड का इस्तेमाल करना भी जरूरी है। यह न सिर्फ आपके सेहत के लिए फायदेमंद रहेगा, बल्कि आपके बिजली के भारी-भरकम बिल की भी बचत करेगा।
कितने टेम्परेचर पर चलाएं एसी?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि कभी भी एसी को 24 डिग्री के तापमान से कम पर नहीं चलाना चाहिए। हालांकि, गर्मी के मौसम में जल्दी कमरा ठंडा करने के लिए लोग 16 या 18 डिग्री पर भी एसी चलाते हैं लेकिन यह केवल कुछ देर के लिए ही सही है। हर एक डिग्री तापमान करने पर बिजली की खपत बढ़ती रहती है। ऐसे में एसी को हमेशा मॉडरेट टेम्परेचर पर ही चलाना चाहिए।
मानसून के मौसम में बाहर काफी मात्रा में ह्यूमिडिटी रहती है। ऐसे में एसी का तापमान भी उसी के हिसाब से सेट करना चाहिए। भले ही उमस भरी गर्मी क्यों न हो रही हो, लेकिन वातावरण में नहीं रहती है। ऐसे में एसी का तापमान 26 डिग्री से कम नहीं रखना चाहिए।
हो सके तो रात में एसी को कुछ घंटे तक चलाने के बाद बंद कर देना चाहिए। इसके लिए रिमोट में दिए गए टाइमर का प्रयोग कर सकते हैं। इसकी वजह से आपके सोने के बाद एसी ऑटोमैटिकली बंद हो जाएगा।
किस मोड में एसी चलाना फायदेमंद?
इन दिनों आने वाले एडवांस एसी में हर मौसम के लिए मोड दिए गए हैं। गर्मी हो या बारिश आपको एसी को ऑटो मोड में चलाना चाहिए। ऐसा करने पर एसी अपने आप वातावरण के हिसाब से कूलिंग को एडजस्ट कर लेता है। जब कमरा ठंडा हो जाता है तो ऑटो मोड में एसी का कंप्रेसर बंद हो जाता है, जिसकी वजह से बिजली की बचत होती है और आपको नुकसान भी नहीं पहुंचता है।
मेनटेनेंस है जरूरी
गर्मी की तरह ही मानसून में भी एसी के मेनटेनेंस का खास ध्यान रखें। एसी के फिल्टर को समय-समय पर क्लीन करते रहें, ताकि वातावरण में मौजूद धूल-मिट्टी इसमें जमा न हो सके और आपको अच्छी और साफ हवा मिल सके। एसी का कूलिंग क्वॉइल भी चोक नहीं होगा जिसकी वजह से कंप्रेसर पर जोर नहीं पड़ेगा। यह बिजली की बचत करने में मदद करेगा।
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