महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) 2026 के प्रश्नपत्र लीक होने के बाद देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता पर फिर से गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. इस मुद्दे को लेकर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शनिवार (27 जून) को सरकार पर तीखा हमला बोला और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दबाव बढ़ा दिया है.
दीपके ने यहां एक प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि नीट (NEET) विवाद के बाद, अब महाराष्ट्र टीईटी का पेपर लीक होना और परीक्षा का रद्द किया जाना सरकार की एक बड़ी विफलता का उदाहरण है.
प्रश्नपत्र के कुछ हिस्से कथित तौर पर लीक होने के बाद, महाराष्ट्र टीईटी-2026 को निर्धारित तिथि से महज एक दिन पहले स्थगित कर दिया गया था. इस मामले में भिवंडी से तीन लोगों को गिरफ्तार कर एक अंतर-राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है.
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‘सरकार सिर्फ विधायक खरीद सकती है, परीक्षा नहीं करा सकती’
दीपके ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा, “पहले नीट और अब महाराष्ट्र टीईटी परीक्षा भी लीक हो गई और आखिरी समय पर रद्द कर दी गई. विद्यार्थी और शिक्षक 2017 से ही टीईटी घोटालों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, लेकिन प्रशासन व्यवस्था सुधारने के बजाय युवाओं का भविष्य बर्बाद करने पर तुला है.”
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार एक भी परीक्षा ठीक से आयोजित नहीं करा सकती. वह केवल राजनीतिक पार्टियों को तोड़ने और दूसरे दलों के विधायकों-सांसदों को अपनी पार्टी में शामिल करने का काम कर सकती है. दीपके ने सांसदों की खरीद-फरोख्त के लिए इस्तेमाल होने वाले फंड के स्रोत पर भी गंभीर सवाल उठाए.
जंतर-मंतर पर धरना और सोनम वांगचुक का समर्थन
डिजिटल व्यंग्य मंच के रूप में शुरू हुई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ विभिन्न परीक्षाओं में कथित धांधली और नीट पेपर लीक विवाद को लेकर 20 जून से ही जंतर-मंतर पर धरने पर बैठी है. शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की इस मांग को अब और भी बल मिलने वाला है, क्योंकि जाने-माने शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी रविवार से जंतर-मंतर पर इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे और अनिश्चितकालीन अनशन की शुरुआत करेंगे.
महाराष्ट्र TET पेपर लीक, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज, कॉजपा का जंतर-मंतर पर धरना


