Sunday, September 6, 2026
Homeस्वास्थमसूड़ों की बीमारी से हो सकता है अल्जाइमर; नई रिसर्च में चौंकाने...

मसूड़ों की बीमारी से हो सकता है अल्जाइमर; नई रिसर्च में चौंकाने वाला दावा


मशहूर साइंस जर्नल साइंस एडवांसेज में छपी एक रिसर्च ने पूरी दुनिया के डॉक्टरों और वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया है. इस स्टडी के मुताबिक, मसूड़ों की गंभीर बीमारी पैदा करने वाला एक बैक्टीरिया अल्जाइमर यानी भूलने की बीमारी से पीड़ित मरीजों के दिमाग में पाया गया है. इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या मसूड़ों की बीमारी ही अल्जाइमर की मुख्य वजह है? आइए जानते हैं कि इस पूरी रिसर्च का सच क्या है और वैज्ञानिकों का इस पर क्या कहना है.

मसूड़ों के बैक्टीरिया का दिमाग से क्या है कनेक्शन?

इस पूरी रिसर्च के केंद्र में पोर्फिरोमोनस जिंजिवैलिस नाम का एक खतरनाक बैक्टीरिया है. यह बैक्टीरिया मसूड़ों की एक गंभीर और पुरानी बीमारी पीरियडोन्टाइटिस के लिए जिम्मेदार होता है. वैज्ञानिकों ने जब अल्जाइमर से मरने वाले लोगों के दिमाग के टिश्यूज की जांच की, तो उन्हें चौंकाने वाले नतीजे मिले. अल्जाइमर के करीब 96 प्रतिशत ब्रेन सैंपल्स में इस बैक्टीरिया द्वारा पैदा किए जाने वाले जहरीले एंजाइम्स मौजूद थे. इसके अलावा, कुछ जीवित मरीजों के ब्रेन फ्लूइड में भी इस बैक्टीरिया के डीएनए के अंश पाए गए हैं.

मुंह का बैक्टीरिया दिमाग तक पहुंचता कैसे है?

डॉक्टरों का कहना है कि जब हमारे मसूड़ों में गंभीर सूजन या संक्रमण होता है, तो वहां की महीन रक्त वाहिकाएं कमजोर हो जाती हैं. ब्रश करते समय या खाना चबाते समय ये बैक्टीरिया खून के बहाव में शामिल हो जाते हैं. खून के जरिए तैरते हुए ये बैक्टीरिया शरीर के बाकी हिस्सों और आखिरकार हमारे दिमाग तक पहुंच जाते हैं. दिमाग में पहुंचकर ये जहरीले एंजाइम्स न्यूरॉन्स को नुकसान पहुंचाते हैं और सूजन पैदा करते हैं, जिससे याददाश्त कमजोर होने का खतरा बढ़ जाता है.

चूहों पर किए गए प्रयोग में क्या दिखा?

वैज्ञानिकों ने इस थ्योरी को जांचने के लिए चूहों पर भी एक एक्सपेरिमेंट किया. जब चूहों के मुंह में इस बैक्टीरिया का इन्फेक्शन फैलाया गया, तो कुछ समय बाद यह बैक्टीरिया उनके दिमाग तक पहुंच गया. चूहों के दिमाग में जाते ही इसने एमाइलॉयड बीटा नाम के एक खराब प्रोटीन का निर्माण तेज कर दिया. बता दें कि यही वह प्रोटीन है जो अल्जाइमर के मरीजों के दिमाग में गुच्छे या प्लाक बनाता है. हालांकि, जब चूहों को इस एंजाइम को ब्लॉक करने वाली दवाएं दी गईं, तो उनके दिमाग में सूजन कम हो गई और कोशिकाएं सुरक्षित रहीं.

यह भी पढ़ें: हमेशा अकेले खाना खाते हैं? जानें कैसे मेंटल हेल्थ बिगाड़ती है ये आदत

क्या मसूड़ों की बीमारी ही अल्जाइमर का असली कारण है?

रिसर्च के ये आंकड़े सुनकर ऐसा लग सकता है कि दांत साफ न रखने से अल्जाइमर हो जाता है, लेकिन वैज्ञानिकों ने साफ किया है कि ऐसा बिल्कुल नहीं है. मसूड़ों के बैक्टीरिया और अल्जाइमर के बीच एक संबंध जरूर मिला है, लेकिन यह साबित नहीं हुआ है कि यही अल्जाइमर की मुख्य या इकलौती वजह है. 

अल्जाइमर एक बेहद जटिल बीमारी है, जो बुढ़ापे, हाई ब्लड प्रेशर और दिमाग में प्रोटीन का संतुलन बिगड़ने जैसे कई कारणों से मिलकर होती है. इंसानों पर किए गए बड़े क्लिनिकल ट्रायल में इस बैक्टीरिया को मारने वाली दवाएं अल्जाइमर के मरीजों को पूरी तरह ठीक करने में पूरी तरह सफल नहीं हो पाईं.

क्यों महत्वपूर्ण है यह नई रिसर्च?

भले ही यह सीधे तौर पर मुख्य कारण न हो, लेकिन इस रिसर्च ने मेडिकल साइंस के लिए एक नया रास्ता खोल दिया है. अब वैज्ञानिक इस बात की गहराई से जांच कर रहे हैं कि क्या शरीर के अंदरूनी इन्फेक्शन और सूजन को कंट्रोल करके दिमाग की सेहत को बेहतर रखा जा सकता है.

यह भी पढ़ें: मरीजों की बड़ी टेंशन खत्म, पर्चा बनवाने से इलाज तक मदद करेगा पेशेंट नेवीगेटर

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments