भारतीय कंपनियों ने कनाडा में लगभग 11 अरब कनाडाई डॉलर का निवेश किया है। ये निवेश आईटी, लाइफ साइंस और मैन्यूफैक्चरिंग जैसे अलग-अलग सेक्टरों में किया गया है। कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) और कनाडा-भारत व्यापार परिषद की एक रिपोर्ट में ये जानकारी सामने आई है। भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल की कनाडा यात्रा के दौरान जारी की गई इस रिपोर्ट में कहा गया है कि उत्तरी अमेरिकी देश के 10 में से 8 प्रांतों में 50 भारतीय कंपनियों की उपस्थिति है और उन्होंने 33,000 से ज्यादा रोजगार सृजित किए हैं।
2023 की तुलना में भारतीय कंपनियों द्वारा सृजित रोजगार दोगुना हुए
भारतीय कंपनियों द्वारा सृजित रोजगार 2023 से लगभग दोगुना हो गए हैं। सीआईआई ने उस समय पहली बार कनाडा में भारतीय निवेश पर एक एनालिसिस पब्लिश किया था। भारतीय कंपनियों ने रिसर्च और डेवलपमेंट में 1.08 अरब कनाडाई डॉलर और कॉरपोरेट सोशल रेस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) में 2.4 करोड़ कनाडाई डॉलर का निवेश किया है।
अगले 5 साल में कनाडा में और ज्यादा निवेश करने की योजना
‘भारत से कनाडा: आर्थिक प्रभाव और सहभागिता’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया, ”सर्वे में शामिल प्रत्येक कंपनियों की अगले 5 साल में कनाडा में और ज्यादा निवेश करने की योजना है। लगभग सभी कंपनियां ज्यादा कर्मचारियों को भर्ती करने की योजना बना रही हैं। ज्यादातर कंपनियों की अपने रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) और सीएसआर प्रतिबद्धताओं का विस्तार करने की योजना है।”
पीयूष गोयल ने पिछले महीने किया था कनाडा का दौरा
पीयूष गोयल ने पिछले महीने कनाडा के साथ व्यापारिक संबंधों को विस्तार देने के लिए 100 से ज्यादा उद्योग प्रमुखों के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए कनाडा की यात्रा की थी। उन्होंने घोषणा की कि भारत और कनाडा का लक्ष्य इस साल के अंत तक एक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते पर बातचीत पूरी करनी है। मंत्री ने ये भी घोषणा की कि दोनों देश वर्तमान स्तर से द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक 50 अरब डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य रख रहे हैं।
साल 2024 में भारत-कनाडा के बीच हुआ था 23 अरब डॉलर का व्यापार
बताते चलें कि साल 2024 में भारत-कनाडा के बीच वस्तुओं और सेवाओं का व्यापार बढ़कर लगभग 23 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया था। इसमें सेवाएं सबसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में से एक के रूप में उभरी हैं। भारत वर्तमान में कनाडा से दाल, उर्वरक, अखबारी कागज, लकड़ी का गूदा और औद्योगिक रसायन आयात करता है, जबकि औषधि उत्पाद, रत्न और आभूषण, वस्त्र और इंजीनियरिंग सामान निर्यात करता है।


